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एफएसएल रिपोर्ट से आएगा टीडीसी घोटाले का सच

Thu, 15 Mar 2018 12:32 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर Updated Thu, 15 Mar 2018 12:32 AM IST
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forensic test in TDC Scam
तिल - फोटो : getty images

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पंतनगर के तराई बीज विकास निगम (टीडीसी) में गेहूं बीज बिक्री के नाम पर हुए 16 करोड़ रुपये के घोटाले का राज अब एफएसएल रिपोर्ट से खुलने के आसार हैं। एसआईटी ने टीडीसी के चार अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर और हस्तलेख नमूने जांच के लिए देहरादून एफएसएल भेजे हैं। साथ ही एसआईटी की एक टीम ने बीज खपाने वाले गोदामों की जांच  के लिए बनारस, बिहार और यूपी में भी डेरा जमा रखा है।

बता दें कि वर्ष 2015-16 में टीडीसी गेंहू बीज बेचने में 16 करोड़ का घोटाला उजागर हुआ था। शासन के आदेश पर टीडीसी के ही वरिष्ठ उप कार्मिक अधिकारी सीके सिंह ने जुलाई 2017 में टीडीसी के दस कर्मचारियों के खिलाफ पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। अगस्त में एसपी सिटी देवेंद्र पींचा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हुआ। एसआईटी ने अब तक करीब 30 लोगों से पूछताछ की है। साथ ही चार अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर और हस्तलेख  एफएसल भेजे हैं। इधर, एसआईटी की एक टीम इंस्पेक्टर बलजीत सिंह भाकुनी के नेतृत्व में बनारस, फर्रुखाबाद, बिहार, गोरखपुर, पटना, मुजफ्फरपुर और बेगुसराय में डेरा डाले है। बीज का करीब 80 प्रतिशत बिहार, बनारस और 20 प्रतिशत यूपी के गोदामों में खपाया गया है। 
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स्थानीय गोदामों में भी घपले की पुष्टि
रुद्रपुर। एसआईटी की जांच में हल्दी, नगला, मदकोटा और बाजपुर के गोदामों में बीज भेेजे जाने की पुष्टि के बाद इन गोदामों की जांच में सभी गोदामों में घपले की पुष्टि हुई है। इन गोदाम स्वामियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
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दो दिन में दो बार पंतनगर से बनारस पहुंच गई गाड़ी
रुद्रपुर। एसआईटी के सामने एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी निकला है कि जिन गाड़ियों से गोदामों में माल भेजा गया था उन्होंने पंतनगर से बनारस तक का सफर दो दिन में दो बार कर लिया। जबकि इतना लंबा सफर एक दिन में संभव नहीं हैं। बीज ढोने वाले वाहन स्वामियों में से कुछ ने अपने बयानों में बताया है कि उनके वाहन बीज ले ही नहीं गए थे। कुछ ने अपने वाहन  टीडीसी द्वारा किराए पर लेने से इनकार किया है। स्पष्ट है कि बीज ढोने वाले वाहन कागजों में ही दौड़े। घोटाले करने वालों ने बीज गोदामों में अन्य माध्यमों से भिजवा दिया।
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