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खुले में बायो मेडिकल वेस्ट फेंक रहे निजी अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:37 AM IST
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कचरा
- फोटो : अमर उजाला
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बार-बार चेतावनी के बावजूद निजी अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब संचालक खुले में ही बॉयो मेडिकल वेस्ट फेंक रहे हैं। मेडिकल वेस्ट एकत्रित करने वाली कंपनी ग्लोबल इन्वायरमेंट सेल्यूशन ने नगर के 23 अस्पतालों की सूची एसडीएम विजयनाथ शुक्ल को सौंपी है, जो अपना मेडिकल वेस्ट कंपनी को नहीं सौंपते हैं।
एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट करने वाली कंपनी ने क्षेत्र के 23 अस्पतालों की सूची सौंपी है, जो कंपनी को कूड़ा नहीं दे रहे हैं। सूची में शामिल अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। बॉयोमेडिकल वेस्ट कूड़ेदानों में डालने वाले अस्पतालों को चिन्हित कर नोटिस भेजा जाएगा। यदि वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन अस्पतालों की सौंपी है सूची
आयुष न्यूरो हॉस्पिटल, वर्मा क्लीनिक, दास टेंटल, रतूड़ी क्लीनिक, हेमकुंड अस्पताल, वर्मा एक्स-रे, डा. उमेश अग्रवाल अल्ट्रासाउंड, शुभ्य क्लीनिक, शौलजा क्लीनिक, गार्जन क्लीनिक, फिजियोथैरेपी एंड रिहेबिटेशन सेंटर, अमन क्लीनिक, भानु क्लीनिक, रोहित डेंटल क्लीनिक, चंद्रा क्लीनिक, डा. सुनील भटनागर, मल्ली क्लीनिक, जोशी हेल्थ केयर, पवन क्लीनिक, माडर्न डेंटल और गरिमा डेंटल
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अस्पताल के बाहर डाल जाते हैं कूड़ा
खटीमा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर कूड़ाघर बना हुआ है। यहां समय पर कूड़ा उठान न होने से अस्पताल में दुर्गंध फैली रहती है। बृहस्पतिवार को सीएचसी अधीक्षक डा. सुनीता रतूड़ी ने कूड़ा उठाने आए सफाई कर्मचारियों को अस्पताल के बाहर से हर रोज कूड़ा उठाने को कहा तो सफाई कर्मचारी अपनी व्यथा बताने लगे। उन्होंने कहा कूड़े के इस ढेर में अस्पतालों से निकलने वाली सुई, मांस के लोथड़े, नवजात शिशु तक निकलते हैं। सुई चुभने से वह कई बार संक्रमित हुए हैं। सफाई कर्मचारियों ने कूड़े में अस्पतालों से निकलने वाली गंदगी नहीं फेंकने की मांग की। इस पर डा. रतूड़ी ने कहा कि यह कूड़ा निजी अस्पतालों से फेंका जाता है। कई बार अस्पतालों को यहां मेडिकल वेस्ट न फेंकने को कहा गया है।
एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट करने वाली कंपनी ने क्षेत्र के 23 अस्पतालों की सूची सौंपी है, जो कंपनी को कूड़ा नहीं दे रहे हैं। सूची में शामिल अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। बॉयोमेडिकल वेस्ट कूड़ेदानों में डालने वाले अस्पतालों को चिन्हित कर नोटिस भेजा जाएगा। यदि वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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इन अस्पतालों की सौंपी है सूची
आयुष न्यूरो हॉस्पिटल, वर्मा क्लीनिक, दास टेंटल, रतूड़ी क्लीनिक, हेमकुंड अस्पताल, वर्मा एक्स-रे, डा. उमेश अग्रवाल अल्ट्रासाउंड, शुभ्य क्लीनिक, शौलजा क्लीनिक, गार्जन क्लीनिक, फिजियोथैरेपी एंड रिहेबिटेशन सेंटर, अमन क्लीनिक, भानु क्लीनिक, रोहित डेंटल क्लीनिक, चंद्रा क्लीनिक, डा. सुनील भटनागर, मल्ली क्लीनिक, जोशी हेल्थ केयर, पवन क्लीनिक, माडर्न डेंटल और गरिमा डेंटल
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अस्पताल के बाहर डाल जाते हैं कूड़ा
खटीमा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर कूड़ाघर बना हुआ है। यहां समय पर कूड़ा उठान न होने से अस्पताल में दुर्गंध फैली रहती है। बृहस्पतिवार को सीएचसी अधीक्षक डा. सुनीता रतूड़ी ने कूड़ा उठाने आए सफाई कर्मचारियों को अस्पताल के बाहर से हर रोज कूड़ा उठाने को कहा तो सफाई कर्मचारी अपनी व्यथा बताने लगे। उन्होंने कहा कूड़े के इस ढेर में अस्पतालों से निकलने वाली सुई, मांस के लोथड़े, नवजात शिशु तक निकलते हैं। सुई चुभने से वह कई बार संक्रमित हुए हैं। सफाई कर्मचारियों ने कूड़े में अस्पतालों से निकलने वाली गंदगी नहीं फेंकने की मांग की। इस पर डा. रतूड़ी ने कहा कि यह कूड़ा निजी अस्पतालों से फेंका जाता है। कई बार अस्पतालों को यहां मेडिकल वेस्ट न फेंकने को कहा गया है।