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फर्जी रॉयल्टी, अंडर लोड दिखाकर उपखनिज की चोरी, दो धरे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jun 2019 12:08 AM IST
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फर्जी रॉयल्टी, अंडर लोड दिखाकर उपखनिज की चोरी, दो धरे
बाजपुर। क्षेत्र में फर्जी रॉयल्टी के जरिए धड़ल्ले से खनन का कारोबार हो रहा है। सीपीयू ने मंगलवार को फर्जी रॉयल्टी के साथ उपखनिज भरे वाहन सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में धारा 420, 467, 468, 471 और 57 खनन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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कोतवाली में एएसपी डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि सीपीयू एसआई जसवंत सिंह टीम के साथ दोराहा महेशपुरा में हाइवे पर चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान खनन से भरे वाहन (यूपी21 एएन 1845) को रोककर रॉयल्टी की जांच की गई। चालक ने ढकिया स्थित एक स्टोन क्रशर से उपखनिज लाने की बात कही।
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रॉयल्टी में अंकित शब्दों में गड़बड़ी होने की आशंका पर सीपीयू टीम ने मोबाइल एप पर रॉयल्टी डाली, जिसमें रॉयल्टी मुरली बाबा स्टोन क्रशर कुंडेश्वरी की दिख रही थी। पूछताछ में चालक ने अपना नाम जाकिर और उसके साथी ने शारब निवासी गांव काजी समोदिया रामपुर (यूपी) बताया।
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एएसपी ने बताया कि चालक के पास मिली रॉयल्टी 12 अगस्त 2018 को मुरली बाबा स्टोन क्रशर से जारी हुई है। साथ ही धर्मकांटे की पर्ची भी फर्जी निकली है। बता दें कि पांच दिन पूर्व भी गदरपुर में फर्जी रॉयल्टी मामले में पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

फर्जी रॉयल्टी पर वाहनों में होता अंडर लोड उपखनिज
बाजपुर। फर्जी रॉयल्टी के जरिये प्रदेश सरकार को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। फर्जी रॉयल्टी बनाने वाले गिरोह के तार रामपुर (यूपी) से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। माफिया फर्जी रॉयल्टी पर वाहनों में अंडर लोड उपखनिज भरकर बेखौफ अवैध तरीके से खनन का कारोबार कर रहे हैं।

एएसपी डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों से पता चला है कि रामपुर के गांव समोदिया (यूपी) निवासी हाफिज और गुलजार नामक युवक फर्जी रॉयल्टी बनाने का काम करते हैं। फर्जी रॉयल्टी मात्र पांच सौ रुपये मिल जाती है। पुलिस रॉयल्टी बनाने वालों की तलाश में जुटी है।


खास बात यह है कि वाहनों में अंडर लोड उपखनिज होता है ताकि जांच में पुलिस को यह लगे कि मानक के तहत उपखनिज ले जाया जा रहा है। अंडर लोड होने पर पुलिस ऐसे वाहनों को कम ही रोकती है। एएसपी ने बताया कि एसएसपी ने जिलेभर के समस्त थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी सहित अन्य एसआई को मोबाइल में रॉयल्टी एप लोड करने के निर्देश दिए हैं ताकि वाहनों की रॉयल्टी तत्काल चेक की जा सके।

एक साल में पकड़े फर्जी रॉयल्टी तीन मामले
23 मई 2018 सुल्तानपुर पट्टी में
2- 31 मई 2019 को गदरपुर में
3-3 जून 2019 को बाजपुर दोराहा में
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