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जीरो बैलेंस के एटीएम से हो गया खेल, खाते से दो लाख उड़ाए
Updated Thu, 11 Jan 2018 12:49 AM IST
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महिला संविदा कर्मी के बैंक खाते से करीब दो लाख रुपये की रकम एटीएम के जरिए निकाल ली गई, जबकि बैंक द्वारा जारी एटीएम कार्ड उसके पास सीलबंद है। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बैंक शाखा पहुंचकर छानबीन की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बगैर आवेदन के ही बैंक ने दूसरा एटीएम जारी कर दिया और उसमें दर्ज अलर्ट मोबाइल नंबर भी किसी अन्य महिला खाताधारक का है। बैंक के शाखा प्रबंधक ने इस बाबत मेल कर मुख्यालय को सूचना भेज दी है।
आरटीएस डिपो हेमपुर निवासी सावित्री पत्नी रामकिशोर ने पांच नवंबर 2014 को पीएनबी की स्टेडियम रोड स्थित शाखा में जीओ बैलेंस से खाता खुलवाया था। उसे फरवरी 2015 में एटीएम जारी किया गया था, लेकिन उसने आज तक एटीएम का इस्तेमाल नहीं किया। पिछले वर्ष पति की मृत्यु के बाद वह डिपो में संविदा पर काम करने लगी। उसका वेतन भी उसके खाते में आने लगा। इसके अलावा पति का फंड और बीमा राशि की रकम भी उसके खाते में आ गई। सितंबर 2015 में उसके खाते पर बगैर किसी आवेदन के दूसरा एटीएम जारी हो गया। एक साल के दौरान सावित्री ने तीन-चार बार पासबुक से रकम निकाली। मंगलवार को वह बैंक में रुपये लेने पहुंची।
उसने बैंक के कर्मचारी से बैलेंस पूछा तो उसने खाते में करीब दो लाख रुपये की रकम कम बताई। बुधवार को वह अपना सीलबंद एटीएम लेकर कोतवाली पहुंची। उसने पासबुक में की गई एंट्री दिखाते हुए एटीएम के जरिए दो लाख की रकम निकाले जाने की जानकारी दी। उसकी शिकायत पर महिला उपनिरीक्षक मंजू पंवार ने बैंक शाखा पहुंचकर पड़ताल की। जानकारी करने पर पता लगा कि बैंक द्वारा उसके खाते पर जारी किए गए दूसरे एटीएम से रकम निकाली गई है। यह एटीएम भी काशीपुर में एक्टिव बताया जा रहा है। यह एटीएम किसने जारी करवाया, इसको लेकर बैंक कर्मी संशय में हैं। ठगी का मामला संज्ञान में आने पर बैंक के शाखा प्रबंधक ने बैंक के मुख्यालय को मेल भेजकर सूचित कर दिया है। रकम निकालने वाली महिला की तलाश की जा रही है।
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पीएनबी की स्टेडियम शाखा के प्रबंधक शैलेंद्र वर्मा ने कहा कि बैंक द्वारा सभी खाताधारकों को एटीएम जारी किए गए थे। ये एटीएम बांटने के लिए एक व्यक्ति को दे दिए गए थे। शायद इसी व्यक्ति ने कुछ गड़बड़ी कर सावित्री के एटीएम का दुरुपयोगकिया है। मामले की जांच की जा रही है।
आरटीएस डिपो हेमपुर निवासी सावित्री पत्नी रामकिशोर ने पांच नवंबर 2014 को पीएनबी की स्टेडियम रोड स्थित शाखा में जीओ बैलेंस से खाता खुलवाया था। उसे फरवरी 2015 में एटीएम जारी किया गया था, लेकिन उसने आज तक एटीएम का इस्तेमाल नहीं किया। पिछले वर्ष पति की मृत्यु के बाद वह डिपो में संविदा पर काम करने लगी। उसका वेतन भी उसके खाते में आने लगा। इसके अलावा पति का फंड और बीमा राशि की रकम भी उसके खाते में आ गई। सितंबर 2015 में उसके खाते पर बगैर किसी आवेदन के दूसरा एटीएम जारी हो गया। एक साल के दौरान सावित्री ने तीन-चार बार पासबुक से रकम निकाली। मंगलवार को वह बैंक में रुपये लेने पहुंची।
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उसने बैंक के कर्मचारी से बैलेंस पूछा तो उसने खाते में करीब दो लाख रुपये की रकम कम बताई। बुधवार को वह अपना सीलबंद एटीएम लेकर कोतवाली पहुंची। उसने पासबुक में की गई एंट्री दिखाते हुए एटीएम के जरिए दो लाख की रकम निकाले जाने की जानकारी दी। उसकी शिकायत पर महिला उपनिरीक्षक मंजू पंवार ने बैंक शाखा पहुंचकर पड़ताल की। जानकारी करने पर पता लगा कि बैंक द्वारा उसके खाते पर जारी किए गए दूसरे एटीएम से रकम निकाली गई है। यह एटीएम भी काशीपुर में एक्टिव बताया जा रहा है। यह एटीएम किसने जारी करवाया, इसको लेकर बैंक कर्मी संशय में हैं। ठगी का मामला संज्ञान में आने पर बैंक के शाखा प्रबंधक ने बैंक के मुख्यालय को मेल भेजकर सूचित कर दिया है। रकम निकालने वाली महिला की तलाश की जा रही है।
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पीएनबी की स्टेडियम शाखा के प्रबंधक शैलेंद्र वर्मा ने कहा कि बैंक द्वारा सभी खाताधारकों को एटीएम जारी किए गए थे। ये एटीएम बांटने के लिए एक व्यक्ति को दे दिए गए थे। शायद इसी व्यक्ति ने कुछ गड़बड़ी कर सावित्री के एटीएम का दुरुपयोगकिया है। मामले की जांच की जा रही है।