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सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोपी गिरफ्तार
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रुद्रपुर। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसकी पत्नी व एक अन्य साथी अभी फरार है। पुलिस ने आरोपी को उसके यूपी स्थित उसके घर पर दबिश देकर दबोचा।
बृहस्पतिवार शाम एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर फुलसुंगा निवासी श्रीपाल सिंह की तहरीर पर बाराबंकी (यूपी) निवासी सर्वेश यादव, उसकी पत्नी शालू वर्मा और भिखारीपुर, अंबेडकर नगर (यूपी) निवासी श्याम मोहन के खिलाफ ट्रांजिट कैंप थाने में रिपोर्ट की गई थी। पीड़ित का आरोप था कि क्लीन फर्टिलाइजर मारिटिम्ग मैन पावर सर्विस कनसल्टेंसी एजेंसी के नाम से ये लोग राज्य व केंद्र सरकार के विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे हैं।
सर्वेश यादव खुद को राज्य संपत्ति विभाग, उत्तर प्रदेश सचिवालय में अनुसचिव के पद पर कार्यरत बताता था। सर्वेश ने संपत्ति विभाग के अनुसचिव वाला परिचय पत्र व उत्तर प्रदेश सरकार का वाहन दिखाकर झांसे में लेकर उनसे 21,29,700 रुपये हड़प लिए थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन व ट्रांजिट कैंप थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम उधौली, थाना सफदरगंज, जिला बाराबंकी स्थित सर्वेश के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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उसके घर के सामने खड़े काले रंग के वाहन की नंबर प्लेट पर उत्तर प्रदेश शासन लिखा हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात स्वीकार की। उसने बताया कि ठगी की रकम से ही उसने यह वाहन खरीदा था। पुलिस ने वाहन को सीज कर लिया है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस टीम में दरोगा धीरज टम्टा, दीपेंद्र, कमल किशोर आदि शामिल थे।
सर्वेश का है आपराधिक इतिहास
रुद्रपुर। नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले सर्वेश यादव का आपराधिक इतिहास भी है। उसके विरुद्ध थाना गोमती नगर (यूपी) में भी धोखाधड़ी का केस दर्ज है। इस केस में भी अभियुक्त के कब्जे से एक इनोवा कार उत्तर प्रदेश शासन लिखी हुई हूटर सहित एसबीआई के पांच खाते के चेक, इंडसइंड बैंक के ब्लैंक चेक, छह लोगों के शिक्षा संबंधी व अन्य प्रपत्र बरामद हुए थे। संवाद
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बृहस्पतिवार शाम एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर फुलसुंगा निवासी श्रीपाल सिंह की तहरीर पर बाराबंकी (यूपी) निवासी सर्वेश यादव, उसकी पत्नी शालू वर्मा और भिखारीपुर, अंबेडकर नगर (यूपी) निवासी श्याम मोहन के खिलाफ ट्रांजिट कैंप थाने में रिपोर्ट की गई थी। पीड़ित का आरोप था कि क्लीन फर्टिलाइजर मारिटिम्ग मैन पावर सर्विस कनसल्टेंसी एजेंसी के नाम से ये लोग राज्य व केंद्र सरकार के विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे हैं।
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सर्वेश यादव खुद को राज्य संपत्ति विभाग, उत्तर प्रदेश सचिवालय में अनुसचिव के पद पर कार्यरत बताता था। सर्वेश ने संपत्ति विभाग के अनुसचिव वाला परिचय पत्र व उत्तर प्रदेश सरकार का वाहन दिखाकर झांसे में लेकर उनसे 21,29,700 रुपये हड़प लिए थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन व ट्रांजिट कैंप थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम उधौली, थाना सफदरगंज, जिला बाराबंकी स्थित सर्वेश के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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उसके घर के सामने खड़े काले रंग के वाहन की नंबर प्लेट पर उत्तर प्रदेश शासन लिखा हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात स्वीकार की। उसने बताया कि ठगी की रकम से ही उसने यह वाहन खरीदा था। पुलिस ने वाहन को सीज कर लिया है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस टीम में दरोगा धीरज टम्टा, दीपेंद्र, कमल किशोर आदि शामिल थे।
सर्वेश का है आपराधिक इतिहास
रुद्रपुर। नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले सर्वेश यादव का आपराधिक इतिहास भी है। उसके विरुद्ध थाना गोमती नगर (यूपी) में भी धोखाधड़ी का केस दर्ज है। इस केस में भी अभियुक्त के कब्जे से एक इनोवा कार उत्तर प्रदेश शासन लिखी हुई हूटर सहित एसबीआई के पांच खाते के चेक, इंडसइंड बैंक के ब्लैंक चेक, छह लोगों के शिक्षा संबंधी व अन्य प्रपत्र बरामद हुए थे। संवाद