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देनदारी से बचने के लिए खुद लगवाई गोली
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रुद्रपुर में पत्रकारों से वार्ता करते एसएसपी मंजूनाथ टीसी।
- फोटो : RUDRAPUR
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गदरपुर। उधार लिया हुआ कर्ज न चुकाना पड़े, इसके लिए दो शातिर दिमाग लोगों ने कर्ज देने वाले के खिलाफ ही साजिश रच डाली। एक शातिर ने अपने रिश्तेदार से खुद पर गोली चलवा दी। उसकी मंशा थी कर्ज देने वाले को झूठे मामले में फंसाने की थी। पुलिस की जांच पड़ताल से सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने दो लोगों को असलहे सहित गिरफ्तार कर लिया जबकि एक अन्य पुलिस की पकड़ से बाहर है। खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी ने ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
ग्राम सरोवर नगर निवासी अली अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि पांच मई की रात करीब नौ बजे वह अपने साथी ग्राम मोतियापुर निवासी यूसुफ अली के साथ गदरपुर से दवा लेकर लौट रहा था। ग्राम झगड़पुरी के पास मदरसे के सामने पहुंचने पर डॉ. जाकिर अली और सईद ने एक अन्य व्यक्ति के साथ आकर यूसुफ पर गोली चला दी। पीठ में गोली लगने से यूसुफ गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल के बाद बरेली और उसके बाद लखनऊ में भर्ती कराया गया।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। जांच पड़ताल कर रही पुलिस टीम को लोगों से की गई पूछताछ में मामला संदिग्ध नजर आया। सर्विलांस की मदद लेने पर पुलिस को यह भी पता चला कि नामजद किए गए आरोपी घटनास्थल के आसपास भी नहीं गए थे। पुलिस ने अली अहमद से सख्ती से पूछताछ की। पहले तो उसने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन बाद में उसने जो कहानी बताई, उससे यह साफ हो गया कि गोली मारे जाने की घटना कर्ज की अदायगी से बचने के लिए अंजाम दी गई थी।
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एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने गदरपुर पुलिस की 24 घंटे के अंदर घटना का खुलासा करने पर पीठ थपथपाई और घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी मोहन सिंह, सीओ वंदना वर्मा, प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र शाह, एसआई राहुल राठी, अमित कुमार शर्मा एवं सुनील सुतेड़ी मौजूद थे।
साढ़ू को साजिश में किया शामिल
शनिवार को थाना परिसर में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने पत्रकारों को बताया कि ग्राम मोतियापुर निवासी यूसूफ अली लोगों को पैसा दोगुना करने के नाम पर ठगा करता था। यूसुफ ने केलाखेड़ा निवासी डॉ. जाकिर से डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे। जब डॉ. जाकिर ने यूसुफ से रुपये वापस मांगे तो वह आनाकानी करने लगा। देनदारी से बचने के लिए यूसुफ ने अपने साथी ग्राम सरोवर नगर निवासी अली अहमद के साथ साजिश रची जिसमें यूसुफ ने अपने साढ़ूू मोइन उर्फ हाजी निवासी ग्राम मेेंवडी थाना शाही जिला बरेली यूपी को भी मिला लिया।
साजिश के तहत मोईन ने पांच मई की रात्रि करीब नौ बजे अली मोहम्मद की मौजूदगी में यूसुफकी पीठ पर 12 बोर के तमंचे से फायर झोंक दिया। छर्रे लगने से यूसुफ गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली मारने के बाद मोईन मौके से तमंचा लेकर भाग गया, जिसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि मोईन की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा व खोखा कारतूस भी बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि घायल यूसुफ का लखनऊ मेडिकल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है जिसके घटना में शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं और उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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ग्राम सरोवर नगर निवासी अली अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि पांच मई की रात करीब नौ बजे वह अपने साथी ग्राम मोतियापुर निवासी यूसुफ अली के साथ गदरपुर से दवा लेकर लौट रहा था। ग्राम झगड़पुरी के पास मदरसे के सामने पहुंचने पर डॉ. जाकिर अली और सईद ने एक अन्य व्यक्ति के साथ आकर यूसुफ पर गोली चला दी। पीठ में गोली लगने से यूसुफ गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल के बाद बरेली और उसके बाद लखनऊ में भर्ती कराया गया।
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एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। जांच पड़ताल कर रही पुलिस टीम को लोगों से की गई पूछताछ में मामला संदिग्ध नजर आया। सर्विलांस की मदद लेने पर पुलिस को यह भी पता चला कि नामजद किए गए आरोपी घटनास्थल के आसपास भी नहीं गए थे। पुलिस ने अली अहमद से सख्ती से पूछताछ की। पहले तो उसने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन बाद में उसने जो कहानी बताई, उससे यह साफ हो गया कि गोली मारे जाने की घटना कर्ज की अदायगी से बचने के लिए अंजाम दी गई थी।
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एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने गदरपुर पुलिस की 24 घंटे के अंदर घटना का खुलासा करने पर पीठ थपथपाई और घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी मोहन सिंह, सीओ वंदना वर्मा, प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र शाह, एसआई राहुल राठी, अमित कुमार शर्मा एवं सुनील सुतेड़ी मौजूद थे।
साढ़ू को साजिश में किया शामिल
शनिवार को थाना परिसर में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने पत्रकारों को बताया कि ग्राम मोतियापुर निवासी यूसूफ अली लोगों को पैसा दोगुना करने के नाम पर ठगा करता था। यूसुफ ने केलाखेड़ा निवासी डॉ. जाकिर से डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे। जब डॉ. जाकिर ने यूसुफ से रुपये वापस मांगे तो वह आनाकानी करने लगा। देनदारी से बचने के लिए यूसुफ ने अपने साथी ग्राम सरोवर नगर निवासी अली अहमद के साथ साजिश रची जिसमें यूसुफ ने अपने साढ़ूू मोइन उर्फ हाजी निवासी ग्राम मेेंवडी थाना शाही जिला बरेली यूपी को भी मिला लिया।
साजिश के तहत मोईन ने पांच मई की रात्रि करीब नौ बजे अली मोहम्मद की मौजूदगी में यूसुफकी पीठ पर 12 बोर के तमंचे से फायर झोंक दिया। छर्रे लगने से यूसुफ गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली मारने के बाद मोईन मौके से तमंचा लेकर भाग गया, जिसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि मोईन की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा व खोखा कारतूस भी बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि घायल यूसुफ का लखनऊ मेडिकल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है जिसके घटना में शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं और उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।