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Udham Singh Nagar News: स्थायी नियुक्ति कराने के नाम पर नर्स से 30 हजार की ठगी
Tue, 04 Mar 2025 12:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 04 Mar 2025 12:48 AM IST
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पंतनगर। शांतिपुरी पीएचसी में स्टाफ नर्स को स्थायी कराने का झांसा देकर 30 हजार की ठगी कर ली। नर्स की तहरीर पर पंतनगर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
कृष्णविहार काॅलोनी जवाहर नगर निवासी श्वेता गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह वर्तमान में पीएचसी शांतिपुरी नंबर-दो में एनसीडी के तहत नर्सिंग अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। पूर्व में वह सीएचसी किच्छा में चार वर्ष कार्य कर चुकी हैं।
चार जनवरी को उसके पास सीएचसी किच्छा के कर्मचारी भोपाल शाह का फोन आया था। उसने एक फोन नंबर देकर कहा कि यह उसे कार्यालय से बाबू लोहनी ने दिया है। इस नंबर पर बात करने पर उसे बताया गया कि वह संदीप रावत बोल रहा है और वह स्वास्थ्य सचिव के पद पर कार्यरत है।
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कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नर्सों को स्थायी करने की प्रक्रिया चल रही है। उसने सीएचसी किच्छा में कार्यरत रीता यादव से कांफ्रेंस पर बात भी कराई। इसी दिन उसे फोन कर उससे चालान के नाम पर 30 हजार सात सौ रुपये स्कैनर भेजकर जमा कराए गए। पांच जनवरी को उसने स्कैनर से नंबर निकाल कर जानकारी की, तो वह अरुण निवासी रामपुर (उत्तर प्रदेश) का निकाला था। इस पर अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
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कृष्णविहार काॅलोनी जवाहर नगर निवासी श्वेता गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह वर्तमान में पीएचसी शांतिपुरी नंबर-दो में एनसीडी के तहत नर्सिंग अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। पूर्व में वह सीएचसी किच्छा में चार वर्ष कार्य कर चुकी हैं।
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चार जनवरी को उसके पास सीएचसी किच्छा के कर्मचारी भोपाल शाह का फोन आया था। उसने एक फोन नंबर देकर कहा कि यह उसे कार्यालय से बाबू लोहनी ने दिया है। इस नंबर पर बात करने पर उसे बताया गया कि वह संदीप रावत बोल रहा है और वह स्वास्थ्य सचिव के पद पर कार्यरत है।
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कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नर्सों को स्थायी करने की प्रक्रिया चल रही है। उसने सीएचसी किच्छा में कार्यरत रीता यादव से कांफ्रेंस पर बात भी कराई। इसी दिन उसे फोन कर उससे चालान के नाम पर 30 हजार सात सौ रुपये स्कैनर भेजकर जमा कराए गए। पांच जनवरी को उसने स्कैनर से नंबर निकाल कर जानकारी की, तो वह अरुण निवासी रामपुर (उत्तर प्रदेश) का निकाला था। इस पर अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।