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क्रिकेटर बुमराह के दादा ने की आत्महत्या

Sun, 10 Dec 2017 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो किच्छा (ऊधमसिंह नगर)।
अमर उजाला ब्यूरो किच्छा (ऊधमसिंह नगर)। Updated Sun, 10 Dec 2017 11:56 PM IST
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Cricketer Bumrah's grandfather commits suicide
क्रिकेटर जसप्रीत व उसके दादा सन्तोख सिंह बुमराहा - फोटो : amar ujala
भारतीय क्रिकेट टीम के चमकते सितारे जसप्रीत बुमराह के दादा 84 वर्षीय संतोख सिंह ने पारिवारिक कलह के चलते अहमदाबाद स्थित साबरमती नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। वह अपने पौत्र जसप्रीत से मिलने अहमदाबाद गए थे और पिछले दो दिनों से लापता थे। संतोख सिंह की पुत्री राजिंदर कौर ने अपने पिता की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार रविवार शाम को किया गया।
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आवास विकास कॉलोनी में किराये के एक छोटे से मकान में रहकर ऑटो चलाकर जीवनयापन करने वाले संतोख सिंह पिछले काफी समय से अपने पौत्र और भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह से मिलना चाह रहे थे। रुद्रपुर-किच्छा ऑटो स्टैंड पर उनके मित्रों ने बताया कि 29 नवंबर को वह अपने पौत्र जसप्रीत से मिलने अहमदाबाद रवाना हो गए थे और एक दिसंबर को वहां पहुंचे थे। मुफलिसी में जिंदगी गुजार रहे संतोख सिंह के पास अहमदाबाद जाने का किराया भी नहीं था। परिचितों ने उन्हें अहमदाबाद जाने के लिए चार हजार रुपये जुटाकर दिये थे।
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रविवार को उनकी पुत्री राजिंदर कौर ने फोन पर अपने पिता की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पिता अपने पौत्र जसप्रीत से मिलने उनके घर गए थे, लेकिन वहां उनको किसी ने भी तवज्जो नहीं दी। इसके बाद वह लापता हो गए और शुक्रवार को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट गुजरात के वस्तरपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। बेटी राजिंदर का आरोप है कि जसप्रीत बुमराह की मां के रवैये से व्यथित होकर उन्होंने साबरमती में कूदकर आत्महत्या कर ली। रविवार को जिस वक्त संतोख का शव मिला, उस वक्त जसप्रीत बुमराह टीम इंडिया की ओर से धर्मशाला में मैच खेल रहे थे।
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शुक्रवार को दर्ज कराई थी गुमशुदगी
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की बुआ राजविंदर कौर ने आठ दिसंबर को संतोख सिंह के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से उनकी तलाश की जा रही थी। अहमदाबाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विस ने रविवार दोपहर उनका शव बरामद किया। पुलिस के अनुसार, साबरमती नदी के गांधी ब्रिज और दधीचि ब्रिज के बीच में बुजुर्ग संतोख सिंह का शव मिला।
आत्महत्या से पहले मित्र को किया था फोन
किच्छा। साबरमती में कूदने से पहले संतोख सिंह ने फोन करके अपने मित्र रेशम सिंह को आत्महत्या करने की सूचना दी थी। रेशमसिंह ने बताया कि संतोख सिंह ने उन्हे शुक्रवार को फोन किया और कहा कि वे नदी में कूदने जा रहे हैं। रेशम ने बताया कि उन्होंने उन्हें समझाया, लेकिन उन्होंने फोन काट दिया और बाद में फोन स्विच ऑफ हो गया। रेशम सिंह ने बताया कि उन्होंने इस बात की जानकारी संतोख सिंह के पुत्र जसविंदर को दे दी थी।

पौत्र से मिलने के अरमान साबरमती में डूबे

भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह के दादा संतोख सिंह कभी उद्योगपति हुआ करते थे, लेकिन उनके जीवन के अंतिम दिन मुफलिसी और बेहद परेशानियों में गुजरे। उनकी एक ही इच्छा थी कि मरने से पहले एक बार पौत्र को अपनी आंखों से साक्षात देख लें। वह हर आने जाने वाले से अपने पोते से मिलने की इच्छा जताते थे, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पाई।

वर्ष-2006 में संतोख सिंह अपनी पत्नी और छोटे पुत्र जसविंदर सिंह के साथ जीवन यापन करने गुजरात से किच्छा आ गए थे। उनके पुत्र जसविंदर ने बताया कि उसके एक भाई जसवीर (जसप्रीत के पिता) की पहले ही मौत हो चुकी थी। संतोख की दो बेटियां हैं। राजिंदर कौर अहमदाबाद तो अमृतपाल कौर अमृतसर में रहती हैं।

बताते हैं कि कभी संतोख सिंह काफी अमीर थे और अहमदाबाद में उनकी तीन फैक्ट्रियां थीं। 2001 में जसप्रीत बुमराह के पिता जसवीर बुमराह की मौत हो गई। इसके बाद इस परिवार पर एक के बाद एक कई मुसीबतें आनी शुरू हो गईं। आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें अपनी फैक्ट्रियां बेचनी पड़ीं। हालात बिगड़े तो संतोख बुमराह को अपना सारा कारोबार बेचकर उत्तराखंड आना पड़ा। इसके बाद कुछ पारिवारिक वजहों से जसप्रीत की मां जसप्रीत को लेकर संतोख के परिवार से अलग रहने लगीं।

किच्छा में संतोख के कुछ रिश्तेदार रहते थे। यहां आकर पिता-पुत्र ने तीन टेंपो खरीदे, इससे ही जीवन यापन होने लगा। बाद में टेंपो से भी घाटा हुआ और तीनों टेंपो बिक गए। लगभग छह साल पहले संतोख सिंह की पत्नी का भी निधन हो गया तो घर पर खाना बनाने की भी परेशानी हो गई। वर्तमान में वह ऑटो चलाकर गुजर बसर कर रहे थे।
इधर, संतोख सिंह के पौत्र जसप्रीत को जब भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया तो टेलीविजन पर पौत्र को देख उससे मिलने की इच्छा जागी। संतोख पौत्र के लिए व्याकुल हो गए और लोगों से अपने पौत्र से मिलने की इच्छा जताने लगे। टैक्सी स्टैंड पर उनके मिलने वालों ने उनकी व्याकुलता देख कुछ रुपये एकत्र कर उन्हें अहमदाबाद रवाना किया था।

पोते से नहीं मिलने दिया
संतोख की बेटी राजिंदर कौर ने कहा कि जसप्रीत की मां ने उनसे मिलने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि हमारे परिवार से कोई भी उनके बेटे से किसी तरह से संपर्क करने की कोशिश न करे। उन्होंने जसप्रीत का नंबर देने से भी इनकार कर दिया।


सोशल मीडिया पर शोक संवेदनाएं
बुमराह के दादा के निधन की खबर मिलते ही ट्विटर पर लोगों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। लोगों ने मृतक की आत्मा की शांति की दुआ मांगी। वहीं कुछ यूजरों ने इस पर अपनी भिन्न-भिन्न टिप्पणियां की हैं। कुछ यूजर ने जहां बुजुर्गों के सम्मान की बात कही तो कुछ लोगों ने कहा कि जसप्रीत बुमराह को अपने दादा से मिलना चाहिए था। कुछ यूजर ने हादसे के बावजूद बुमराह के धर्मशाला में भारतीय टीम की जीत के लिए किए संघर्ष को सराहा।

 
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