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Udham Singh Nagar News: अदालत से... चरस तस्कर को छह माह कारावास
Mon, 18 May 2026 12:21 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 18 May 2026 12:21 AM IST
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रुद्रपुर। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) दीपाली शर्मा की अदालत ने एक चरस तस्कर को छह माह के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
खटीमा निवासी दोषी सुरेंद्र सिंह (45) को नौ अक्तूबर 2017 की रात बिगराबाग सड़क पर पुलिस ने पकड़ा था। उस समय एसएसआई विनोद सिंह फर्त्याल की टीम संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। सुरेंद्र सिंह पुलिस को देखकर खेत की तरफ भागा लेकिन घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
तलाशी में उसकी जेब से 300 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की। अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
काशीपुर। एक जिम संचालक पर एक युवती ने दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए निचली अदालत में वाद दायर किया। अदालत ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि प्रथम दृष्टया कोई संज्ञेय अपराध कारित किया जाना प्रतीत नहीं होता है। निचली अदालत से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश रितेश श्रीवास्तव की अदालत में वाद दायर किया। अदालत ने सुनवाई के बाद आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर दी।
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पीड़िता के अनुसार वर्ष 2024 में जिम संचालक रंजीत सिंह लाडी निवासी पटेलनगर ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और फिर दुष्कर्म कर उसकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया। आरोप लगाया कि तीन माह की गर्भवती होने पर आरोपी ने उसका जबरन गर्भपात करा दिया।
पीड़िता ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र भेजे लेकिन एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। तब उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। पीड़िता ने द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश रितेश श्रीवास्तव की अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया। अदालत ने पीड़िता के अधिवक्ता की पैरवी और कानूनी तर्क से संतुष्ट होकर अदालत में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका संख्या-6/2026 दाखिल कर दी। साथ ही निचली अदालत के 20 जनवरी 2026 के आदेश को निरस्त करते हुए पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर बीएनएसएस 2023 की धारा 175(3) के तहत विधिसम्मत आवश्यक कार्रवाई करते हुए नया आदेश पारित कर दिया।
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खटीमा निवासी दोषी सुरेंद्र सिंह (45) को नौ अक्तूबर 2017 की रात बिगराबाग सड़क पर पुलिस ने पकड़ा था। उस समय एसएसआई विनोद सिंह फर्त्याल की टीम संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। सुरेंद्र सिंह पुलिस को देखकर खेत की तरफ भागा लेकिन घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
तलाशी में उसकी जेब से 300 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की। अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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काशीपुर। एक जिम संचालक पर एक युवती ने दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए निचली अदालत में वाद दायर किया। अदालत ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि प्रथम दृष्टया कोई संज्ञेय अपराध कारित किया जाना प्रतीत नहीं होता है। निचली अदालत से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश रितेश श्रीवास्तव की अदालत में वाद दायर किया। अदालत ने सुनवाई के बाद आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर दी।
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पीड़िता के अनुसार वर्ष 2024 में जिम संचालक रंजीत सिंह लाडी निवासी पटेलनगर ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और फिर दुष्कर्म कर उसकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया। आरोप लगाया कि तीन माह की गर्भवती होने पर आरोपी ने उसका जबरन गर्भपात करा दिया।
पीड़िता ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र भेजे लेकिन एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। तब उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। पीड़िता ने द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश रितेश श्रीवास्तव की अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया। अदालत ने पीड़िता के अधिवक्ता की पैरवी और कानूनी तर्क से संतुष्ट होकर अदालत में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका संख्या-6/2026 दाखिल कर दी। साथ ही निचली अदालत के 20 जनवरी 2026 के आदेश को निरस्त करते हुए पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर बीएनएसएस 2023 की धारा 175(3) के तहत विधिसम्मत आवश्यक कार्रवाई करते हुए नया आदेश पारित कर दिया।