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Udham Singh Nagar News: बीमा कंपनी को ब्याज सहित देने होंगे 1,70,504 रुपये
Fri, 15 Sep 2023 12:59 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 15 Sep 2023 12:59 AM IST
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रुद्रपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को परिवादिनी को ब्याज सहित 1,70,504 रुपये का भुगतान 30 दिन के भीतर करने के आदेश दिए हैं। 5,000 रुपये का वाद व्यय भी होना होगा।
वार्ड नंबर एक करतारपुर रोड निवासी सतविंदर कौर ने 28 अप्रैल 2022 को एलआईसी काठगोदाम के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया था। बताया कि पति गुरविंदर सिंह ने 28 अक्तूबर 2019 को जीवन बीमा कराया था। इसका छमाही प्रीमियम 9,832 रुपये दस साल तक देय था। इसकी परिपक्वता तिथि 28 अक्तूबर 2035 और बीमित राशि दो लाख रुपये थी। इसमें परिवादिनी नामांकित थीं।
बीमित के दुर्घटना में मृत्यु होने पर चार लाख रुपये और साधारण मृत्यु पर दो लाख रुपये बोनस समेत उसके नोमिनी को देय था। तीन अप्रैल 2021 को हृदय गति रुकने से उनके पति की मृत्यु हो गई थी।सभी औपचारिकताएं पूरी कर क्लेम मांगा गया। 30 नंबर 2011 को उनका बीमा दावा अस्वीकृत कर बताया गया कि बीमा धारक पहले से बीमार थे। वह इलाज करा रहे थे जबकि ऐसा नहीं था। परिवाद की सुनवाई कर आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह, सदस्य नवीन चंद्र चंदोला, सदस्य देवेंद्र कुमारी तागरा ने बीमा निगम को निर्णय की तारीख से 30 दिन के भीतर वाद दायर करने की तारीख से भुगतान की तिथि तक सात फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज सहित 1,70,504 रुपये का भुगतान परिवादिनी को करने के आदेश दिए हैं।
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वार्ड नंबर एक करतारपुर रोड निवासी सतविंदर कौर ने 28 अप्रैल 2022 को एलआईसी काठगोदाम के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया था। बताया कि पति गुरविंदर सिंह ने 28 अक्तूबर 2019 को जीवन बीमा कराया था। इसका छमाही प्रीमियम 9,832 रुपये दस साल तक देय था। इसकी परिपक्वता तिथि 28 अक्तूबर 2035 और बीमित राशि दो लाख रुपये थी। इसमें परिवादिनी नामांकित थीं।
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बीमित के दुर्घटना में मृत्यु होने पर चार लाख रुपये और साधारण मृत्यु पर दो लाख रुपये बोनस समेत उसके नोमिनी को देय था। तीन अप्रैल 2021 को हृदय गति रुकने से उनके पति की मृत्यु हो गई थी।सभी औपचारिकताएं पूरी कर क्लेम मांगा गया। 30 नंबर 2011 को उनका बीमा दावा अस्वीकृत कर बताया गया कि बीमा धारक पहले से बीमार थे। वह इलाज करा रहे थे जबकि ऐसा नहीं था। परिवाद की सुनवाई कर आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह, सदस्य नवीन चंद्र चंदोला, सदस्य देवेंद्र कुमारी तागरा ने बीमा निगम को निर्णय की तारीख से 30 दिन के भीतर वाद दायर करने की तारीख से भुगतान की तिथि तक सात फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज सहित 1,70,504 रुपये का भुगतान परिवादिनी को करने के आदेश दिए हैं।
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