फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Conjunctivitis Cases Rises in Tarayi

Udham Singh Nagar News: उमस भरी गर्मी में आई फ्लू का प्रकोप बढ़ा

Wed, 26 Jul 2023 11:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Wed, 26 Jul 2023 11:41 PM IST
विज्ञापन
Conjunctivitis Cases Rises in Tarayi
डॉक्टर के मुताबिक इंफेक्शन अधिक होने पर कार्निया को हो सकता है नुकसान
विज्ञापन

काशीपुर। बारिश, उमस भरी गर्मी से वायरल के साथ आई फ्लू का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। यह बीमारी होने पर आंखों में जलन, दर्द और लालपन जैसी समस्या होने लगती है। इस बीमारी का मुख्य कारण एलर्जिक रिएक्शन है। वहीं कई बार यह बैक्टीरिया का संक्रमण भी हो सकता है। बारिश का मौसम अपने साथ कई बीमारियों को साथ लेकर आता है। इसमें से एक है आई फ्लू, इसको कंजक्टिवाइटिस भी कहा जाता है। आंखों की यह बीमारी होने पर आंखों में जलन, दर्द और लालपन जैसी शिकायत होती है। डॉक्टरों के मुताबिक यह बीमारी का कारण एलर्जिक रिएक्शन है,लेकिन कई मामलों में बैक्टीरिया का संक्रमण होने से भी हो सकती है। इस संक्रमण की शुरूआत आंखों से होती है। कुछ समय बाद दूसरी आंख भी अपने चपेट में ले लेती है।

कैसे फैलता है आई फ्लू
भीषण गर्मी के बाद बारिश होने से मौसम में तेजी से परिवर्तन होता है। इस मौसम में हवा के साथ प्रदूषण और नमी के कारण फंगल इंफेक्शन की समस्या होती है। इस दौरान सभी अधिक आंखों से जुड़ी परेशानी होती है। इसलिए इस दौरान आंखों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इसमें आंखों में लालपन आने के साथ ही आंखों से पानी आने लगता है। साथ ही पलकों पर पीला और चिपचिपा पदार्थ जमा होने लगता है। आंखों में चुभन व सूजन आ जाती है। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. खेमपाल बताते हैं कि कई बार इंफेक्शन ज्यादा होने पर आंखों की कार्निया तक को नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन

बचाव
- आंखों को बार-बार छूने से बचे।
- आंखों को साफ पानी से धोते रहे।
- पीड़ित व्यक्ति से आई कांटेक्ट बनाने से बचें।
- टीबी और मोबाइल से दूरी बनाकर रखें।
- आई फ्लू होने पर आंखों पर काला चश्मा पहने।
- आंखों को साफ करने के लिए कपड़ा या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें।
उपाय
- डॉक्टर की सलाह पर एंटिबाइटिकल मरहम या ल्यूब्रिकेटिंग आई ड्राप ले सकते हैं।
- आई फ्लू होने पर नियमित हाथों को हैंडवॉश करते रहें।
- आई फ्लू होने पर आंखों को कई बार धोते रहना चाहिए।
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचे।
- आंखों पर बर्फ से सिकाई करें, ताकि जलन व दर्द से राहत मिले।
- इस दौरान किसी का चश्मा, तौलिया व तकिया इस्तेमाल नहीं करें।
कोट
सरकारी अस्पताल में आंखों का डॉक्टर की तैनाती हैं। बावजूद इसके बहुत से लोग आई फ्लू की परेशानी लेकर आ रहे हैं। ओपीडी में डॉक्टर ऐसे लोगों को अस्पताल में उपलब्ध आई ड्राप उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. खेमपाल, सीएमएस, एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय काशीपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed