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Udham Singh Nagar News: एसआईआर में नियमों की अनदेखी पर कांग्रेसियों में आक्रोश, डीएम से मिले
Thu, 20 Aug 2026 01:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 20 Aug 2026 01:11 AM IST
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रुद्रपुर। एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर कांग्रेसियों में आक्रोश है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम नितिन सिंह भदौरिया से मुलाकात कर वोटर लिस्ट से नाम हटाने में पारदर्शिता बरतने और जांच-सुनवाई के बिना कार्रवाई न करने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एसआईआर समिति के अध्यक्ष मनोज रावत और अन्य पदाधिकारियों ने डीएम को सौंपे पत्र में कहा कि प्रपत्र-7 में प्रस्तुत आपत्तियों का निस्तारण निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के अनुसार किया जाए। पत्र में कहा गया है कि नाम हटाने की प्रक्रिया को केवल वार्षिक सत्यापन तक सीमित नहीं रखा जा सकता। हर मामले में सूचना, जांच, सुनवाई और कारणयुक्त निस्तारण में वैधानिक सुरक्षा उपायों का पालन जरूरी है।
कांग्रेस ने मांग की कि त्रुटिपूर्ण या अपूर्ण प्रपत्र-7 को स्वीकार न किया जाए। दावे-आपत्तियां सामूहिक रूप से प्रस्तुत न हों। नियम-18 का यांत्रिक प्रयोग न हो, संक्षिप्त जांच और व्यक्तिगत सुनवाई हो, कारणयुक्त आदेश दिया जाए। वहां जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नारायण पाल, जितेश शर्मा आदि थे। इधर, देर शाम केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत ने एसआईआर के संबंध में प्रेसवार्ता कर सिस्टम पर कई सवाल उठाए।
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पात्र मतदाताओं के नाम नहीं कटेंगे, निर्वाचन आयोग ने दिया भरोसा
शांतिपुरी। प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चल रहे विवाद के बीच उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. वीवीआरसी पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया है कि पूरी जांच के बिना किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपत्ति आने पर संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
बुधवार को कांग्रेस प्रदेश महामंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने उत्तराखंड के सीईओ से दूरभाष पर वार्ता कर फर्जी एवं अवैध आपत्तियों की जांच और नियमों के अनुसार निस्तारण की मांग की। सीईओ ने तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केवल अपात्र या नियमों का उल्लंघन करने वाले मतदाताओं पर ही कार्रवाई होगी। पात्र मतदाताओं के मताधिकार की पूरी सुरक्षा की जाएगी। संवाद
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एसआईआर समिति के अध्यक्ष मनोज रावत और अन्य पदाधिकारियों ने डीएम को सौंपे पत्र में कहा कि प्रपत्र-7 में प्रस्तुत आपत्तियों का निस्तारण निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के अनुसार किया जाए। पत्र में कहा गया है कि नाम हटाने की प्रक्रिया को केवल वार्षिक सत्यापन तक सीमित नहीं रखा जा सकता। हर मामले में सूचना, जांच, सुनवाई और कारणयुक्त निस्तारण में वैधानिक सुरक्षा उपायों का पालन जरूरी है।
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कांग्रेस ने मांग की कि त्रुटिपूर्ण या अपूर्ण प्रपत्र-7 को स्वीकार न किया जाए। दावे-आपत्तियां सामूहिक रूप से प्रस्तुत न हों। नियम-18 का यांत्रिक प्रयोग न हो, संक्षिप्त जांच और व्यक्तिगत सुनवाई हो, कारणयुक्त आदेश दिया जाए। वहां जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नारायण पाल, जितेश शर्मा आदि थे। इधर, देर शाम केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत ने एसआईआर के संबंध में प्रेसवार्ता कर सिस्टम पर कई सवाल उठाए।
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पात्र मतदाताओं के नाम नहीं कटेंगे, निर्वाचन आयोग ने दिया भरोसा
शांतिपुरी। प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चल रहे विवाद के बीच उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. वीवीआरसी पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया है कि पूरी जांच के बिना किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपत्ति आने पर संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
बुधवार को कांग्रेस प्रदेश महामंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने उत्तराखंड के सीईओ से दूरभाष पर वार्ता कर फर्जी एवं अवैध आपत्तियों की जांच और नियमों के अनुसार निस्तारण की मांग की। सीईओ ने तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केवल अपात्र या नियमों का उल्लंघन करने वाले मतदाताओं पर ही कार्रवाई होगी। पात्र मतदाताओं के मताधिकार की पूरी सुरक्षा की जाएगी। संवाद