फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   CM Pushkar Singh Dhami paid tribute to the martyrs of the Khatima firing incident

Uttarakhand News: खटीमा गोलीकांड के शहीदों के हमेशा ऋणी रहेंगे उत्तराखंडवासी : सीएम धामी

Mon, 01 Sep 2025 04:45 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 01 Sep 2025 04:45 PM IST
सार

सोमवार को मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में शहीद स्मारक स्थल पर राज्य आंदोलन के दौरान शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों नानक सिंह, नरेंद्र चंद,जगत सिंह, अनिल भट्ट, शरीफ अहमद को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।

विज्ञापन
CM Pushkar Singh Dhami paid tribute to the martyrs of the Khatima firing incident
खटीमा में सीएम धामी ने खटीमा गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

विज्ञापन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा गोलीकांड में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों भगवान सिंह सिरौला, प्रताप सिंह, रामपाल, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानंद भट्ट और परमजीत सिंह को स्मरण करने का है। उत्तराखंड का हर नागरिक इन सभी वीर सपूतों का हमेशा सदैव ऋणी रहेगा। सोमवार को मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में शहीद स्मारक स्थल पर राज्य आंदोलन के दौरान शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों नानक सिंह, नरेंद्र चंद,जगत सिंह, अनिल भट्ट, शरीफ अहमद को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कि एक सितंबर 1994 को खटीमा गोलीकांड ने लोगों को उत्तराखंड के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों के आदर्शों और उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए राज्य सरकार की नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए तीन हजार रुपये मासिक पेंशन की सुविधा भी शुरू की है। साथ ही घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये और सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

विज्ञापन

चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। आंदोलनकारियों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

देश में सबसे पहले लागू किया यूसीसी, नकल विरोधी कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता को लागू किया है। देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया है, इसके बाद लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरी पाने में सफलता प्राप्त की है। सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को बचाए रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया गया है। लगभग सात हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय को हिमालय बचाओ, अभियान की शपथ भी दिलाई। वहां पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, विधायक भुवन कापड़ी, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, डॉ.अनिल कपूर डब्बू, सुभाष बर्थवाल, मोहिनी पोखिरया, फरजाना बेगम, रंदीप पोखरिया, नंदन खड़ायत, अमित पांडेय, संतोष गौरव आदि थे।

चिह्नित आंदोलनकारियों की तलाकशुदा पुत्रियों को भी मिलेगा आरक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नए कानून के तहत चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के आंदोलन में नारी शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, उन्होंने आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया। राज्य निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका को देखते हुए ही राज्य सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। राज्य के समग्र विकास के साथ ही प्रदेश के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed