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Khatima: होली मिलन समारोह में शामिल हुए सीएम धामी, बोले- खटीमा मेरा घर, अपनों के बीच आना खुशी देता है
Fri, 27 Feb 2026 09:34 PM IST
गायत्री जोशी
संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Fri, 27 Feb 2026 09:34 PM IST
सार
खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामलीला मैदान में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ होली खेलकर उत्सव की खुशियों को साझा किया और सभी प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं।
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खटीमा में होली मनाते सीएम पुष्कर धामी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम खटीमा पहुंचकर सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रतिभाग किया। उन्होंने पारंपरिक कुमाऊंनी होली, शास्त्रीय होली, थारू होली गायन के साथ ही जनता के साथ होली गायन में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ होली खेलकर उत्सव की खुशियों को साझा किया और सभी प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की शुभकामनाएं दीं।
रामलीला मैदान में होली मिलन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के आधार हैं। होली रंगों का त्योहार है। होली का त्योहार अपनों के बिना अधूरा है। उन्होंने कहा कि खटीमा मेरा घर है व खटीमा वासी मेरा परिवार है। अपने परिवारजनों के बीच आने से अति प्रसन्नता हो रही है।
उन्होंने कहा होली समारोह जैसे आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सदभाव, समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने कहा मातृशक्ति हमेशा पूज्यनीय है। महिला शक्ति के बिना हमारे कोई काम पूरा नहीं होता। उन्होंने कहा महिला शक्ति के सम्मान व सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने यूसीसी लागू किया है।उन्होंने कहा खटीमा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है, खटीमा मिनी इंडिया है, यहां सभी धर्मों,समुदायों, संगठनों के लोग बड़े प्यार व एकजुटता से रहते हैं, सभी पर्वों को मिलजुल कर मनाते हैं।खटीमा में आधुनिक परिवेश के बीच भी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है। सभी मिलकर खटीमा, प्रदेश व देश की उन्नति के लिए कार्य करें और प्रधानमंत्री के विकसित भारत का संकल्प पूरा करें। वहां पर जिपं अध्यक्ष अजय मौर्या, रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा, पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, मोहिनी पोखरिया, डॉ. विनीता सक्सेना, कमल जिंदल, मंजीत सिंह, प्रकाश तिवारी, मनोज शाही, देवेंद्र मेहरा, ठाकुर जितेंद्र सिंह, अमित पांडेय, सतीश भट्ट, डॉ. नवीन भट्ट,विमला बिष्ट,भागीरथी खोलिया, भुवन चंद्र भट्ट, प्रेम सिंह राणा, दिनेश अग्रवाल, जीवन धामी, वरुण अग्रवाल, नंदन खड़ायत, नीरज कुमार, भवानी भंडारी,विवेक रस्तोगी, धाना भंडारी, प्रमोद गड़कोटी, रवींद्र राणा, रंदीप पोखरिया, गंभीर धामी, भुवन जोशी आदि थे।
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90 के दशक के स्कूली बच्चों के संघर्ष को बताया
खटीमा। मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन के दौरान स्वयं के माध्यम से 90 के दशक के गावों के बच्चों के पढ़ाई के लिए किए गए संघर्षों को बताया। उन्होंने कहा कि वह अपने गांव कालापुल से साइकिल से थारू इंटर कॉलेज खटीमा में पढ़ने आते थे। उस समय रास्ते भी सही नहीं थे। सुखापुल गांव से लोहियाहेड रोड तक जंगल के रास्ते आना पड़ता था। वह सिर्फ 10 मिनट में साइकिल से खटीमा पहुंच जाते थे। एक दिन उनकी साइकिल ही चोरी हो गई थी।
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रामलीला मैदान में होली मिलन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के आधार हैं। होली रंगों का त्योहार है। होली का त्योहार अपनों के बिना अधूरा है। उन्होंने कहा कि खटीमा मेरा घर है व खटीमा वासी मेरा परिवार है। अपने परिवारजनों के बीच आने से अति प्रसन्नता हो रही है।
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उन्होंने कहा होली समारोह जैसे आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सदभाव, समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने कहा मातृशक्ति हमेशा पूज्यनीय है। महिला शक्ति के बिना हमारे कोई काम पूरा नहीं होता। उन्होंने कहा महिला शक्ति के सम्मान व सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने यूसीसी लागू किया है।उन्होंने कहा खटीमा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है, खटीमा मिनी इंडिया है, यहां सभी धर्मों,समुदायों, संगठनों के लोग बड़े प्यार व एकजुटता से रहते हैं, सभी पर्वों को मिलजुल कर मनाते हैं।खटीमा में आधुनिक परिवेश के बीच भी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है। सभी मिलकर खटीमा, प्रदेश व देश की उन्नति के लिए कार्य करें और प्रधानमंत्री के विकसित भारत का संकल्प पूरा करें। वहां पर जिपं अध्यक्ष अजय मौर्या, रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा, पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, मोहिनी पोखरिया, डॉ. विनीता सक्सेना, कमल जिंदल, मंजीत सिंह, प्रकाश तिवारी, मनोज शाही, देवेंद्र मेहरा, ठाकुर जितेंद्र सिंह, अमित पांडेय, सतीश भट्ट, डॉ. नवीन भट्ट,विमला बिष्ट,भागीरथी खोलिया, भुवन चंद्र भट्ट, प्रेम सिंह राणा, दिनेश अग्रवाल, जीवन धामी, वरुण अग्रवाल, नंदन खड़ायत, नीरज कुमार, भवानी भंडारी,विवेक रस्तोगी, धाना भंडारी, प्रमोद गड़कोटी, रवींद्र राणा, रंदीप पोखरिया, गंभीर धामी, भुवन जोशी आदि थे।
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90 के दशक के स्कूली बच्चों के संघर्ष को बताया
खटीमा। मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन के दौरान स्वयं के माध्यम से 90 के दशक के गावों के बच्चों के पढ़ाई के लिए किए गए संघर्षों को बताया। उन्होंने कहा कि वह अपने गांव कालापुल से साइकिल से थारू इंटर कॉलेज खटीमा में पढ़ने आते थे। उस समय रास्ते भी सही नहीं थे। सुखापुल गांव से लोहियाहेड रोड तक जंगल के रास्ते आना पड़ता था। वह सिर्फ 10 मिनट में साइकिल से खटीमा पहुंच जाते थे। एक दिन उनकी साइकिल ही चोरी हो गई थी।
Khatima: होली मिलन समारोह में शामिल हुए सीएम धामी, बोले- खटीमा मेरा घर, अपनों के बीच आना खुशी देता है