{"_id":"5fd26b5f8ebc3e3eaf2156b7","slug":"civic-aminities-sitarganj-news-hld4069035198","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीपीपी मोड पर चीनी मिल चलाने की कवायद तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीपीपी मोड पर चीनी मिल चलाने की कवायद तेज
विज्ञापन
सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा।
- फोटो : SITARGANJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन साल से बंद चीनीमिल को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए शासन ने कवायद तेज कर दी है। शासन से सत्र 2021-22 में मिल को चालू कर दिया जाएगा। इसके लिए आगामी जनवरी में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
साल 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दि किसान सहकारी चीनीमिल को करोड़ों के घाटे में देख पीपीपी मोड पर चलाने के लिए मिल को बंद कर दिया था। इसका असर सीधे गन्ने की खेती पर पड़ा था और किसानों ने गन्ने का रकबा कम कर दिया था। किसान चीनीमिल को तत्काल चालू करने की मांग करते आ रहे थे।
मामले में विधायक सौरभ बहुगुणा ने गन्ना एवं चीनी के प्रबंध निदेशक चंद्रेश यादव से चीनीमिल संचालन को लेकर वार्ता की। विधायक ने बताया कि शासन की ओर से आगामी सत्र 2021-22 में चीनीमिल को पीपीपी मोड पर चलाया जाएगा। शासन ने नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट से मिल संचालन के लिए प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट मांगी थी, जो 13 दिसंबर तक शासन को जानी थी लेकिन कोरोना के कारण इंस्टीट्यूट की ओर से रिपोर्ट नहीं भेजी गई।
विज्ञापन
बताया कि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में इंस्टीट्यूट शासन को प्री फिजीबिलिटी रिपोर्ट सौंपेगा। इसके बाद नियोजन विभाग से स्वीकृति मिलेगी और फिर जनवरी में चीनी मिल को पीपीपी मोड पर देने के लिए टेंडर निकाल दिए जाएंगे। किसान नेता लक्खा सिंह ने विधायक सौरभ बहुगुणा का आभार जताया। कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों को अगले सत्र में बाहरी चीनीमिलों को गन्ना नहीं देना पड़ेगा और न ही परेशानी उठानी पड़ेंगी।
विज्ञापन
साल 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दि किसान सहकारी चीनीमिल को करोड़ों के घाटे में देख पीपीपी मोड पर चलाने के लिए मिल को बंद कर दिया था। इसका असर सीधे गन्ने की खेती पर पड़ा था और किसानों ने गन्ने का रकबा कम कर दिया था। किसान चीनीमिल को तत्काल चालू करने की मांग करते आ रहे थे।
विज्ञापन
मामले में विधायक सौरभ बहुगुणा ने गन्ना एवं चीनी के प्रबंध निदेशक चंद्रेश यादव से चीनीमिल संचालन को लेकर वार्ता की। विधायक ने बताया कि शासन की ओर से आगामी सत्र 2021-22 में चीनीमिल को पीपीपी मोड पर चलाया जाएगा। शासन ने नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट से मिल संचालन के लिए प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट मांगी थी, जो 13 दिसंबर तक शासन को जानी थी लेकिन कोरोना के कारण इंस्टीट्यूट की ओर से रिपोर्ट नहीं भेजी गई।
विज्ञापन
बताया कि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में इंस्टीट्यूट शासन को प्री फिजीबिलिटी रिपोर्ट सौंपेगा। इसके बाद नियोजन विभाग से स्वीकृति मिलेगी और फिर जनवरी में चीनी मिल को पीपीपी मोड पर देने के लिए टेंडर निकाल दिए जाएंगे। किसान नेता लक्खा सिंह ने विधायक सौरभ बहुगुणा का आभार जताया। कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों को अगले सत्र में बाहरी चीनीमिलों को गन्ना नहीं देना पड़ेगा और न ही परेशानी उठानी पड़ेंगी।