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बार काउंसिल के आवाहन पर न्यायिक कार्यों से विरत रहे अधिवक्ता
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खटीमा कोर्ट परिसर में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। संवाद
- फोटो : KHATIMA
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काशीपुर/जसपुर। बार और बेंच के बीच परस्पर सामंजस्य बनाए रखने के लिए बृहस्पतिवार को बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के आह्वान पर जिले भर के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने अपनी मांग के समर्थन में धरना भी दिया।
काशीपुर कचहरी परिसर में आयोजित सभा में अधिवक्ताओं ने न्यायिक अधिकारियों से गरिमापूर्ण व्यवहार की अपेक्षा की। वक्ताओं ने कहा कि बार और बेंच एक ही रथ के दो पहिये हैं। परस्पर तालमेल से इसमें सामंजस्य बना रहना चाहिए। वक्ताओं ने अधिवक्ता मो. शफीक से रिश्वत लेने के आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। प्रदर्शन में वीरेंद्र चौहान, धर्मेंद्र तुली, अंशुमान सिंह, शैलेंद्र मिश्रा, अरुण तिवारी, यशवंत सैनी, विनोद पाल, मुस्तफा मलिक, ऋषि अग्रवाल, अनुज माथुर, गोपाल कृष्ण, मनोज जोशी, उमेश जोशी, कैलाश बिष्ट, रहमत अली खान, अभिषेक कंबोज आदि थे।
काशीपुर तहसील के अधिवक्ता भी बृहस्पतिवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहे। वहां जसवीर सिंह, अलीम खान, नीरज चौहान, मनोज जोशी, संजय कुमार, रोहित, प्रदीप सक्सेना, गौरव अरोरा, नरेश खुराना आदि थे। काशीपुर में टैक्स बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने भी न्यायिक कार्यों से विरत होकर स्टेट जीएसटी ऑफिस में प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य के अधिकतर न्यायिक अधिकारी ट्रायल के दौरान अधिवक्ता एवं वादकारियों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं करते। वहां एसोसिएशन अध्यक्ष संजीव शर्मा, मुकेश सक्सेना, स्वतंत्र नवीन, विवेक जैन, मयंक गुप्ता, विकास वर्मा, त्रिलोक शर्मा, प्रशांत वर्मा, विकास अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, अंकुर सिंघल, नवनीत गोयल, सौरभ रस्तोगी आदि थे।
बाजपुर में बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड के निर्देशानुसार अधिवक्ताओं ने बाजपुर बार एसोसिएशन बैनर तले हड़ताल कर कोर्ट परिसर में धरना दिया। वहां वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा, सोहन लाल गोयल, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवराज सिंह राणा, सचिव विजय गर्ग, उपाध्यक्ष प्रेम सिंह सागर, उपसचिव मोहम्मद यूसुफ, कोषाध्यक्ष सूरज प्रकाश शर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष फिरासत अली, कृष्णा सिंह, हीरा शर्मा, दिनेश चंद्र शर्मा, सज्जाद अली, गीता, अजीम अहमद, कुलवंत उप्पल, रमेश नाथ, विकास कश्यप, भुवन चंद्र जोशी, राजीव बंसल आदि थे।
रुद्रपुर में भी हड़ताल पर रहे अधिवक्ता
रुद्रपुर। न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों पर गरिमापूर्ण व्यवहार न करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को रुद्रपुर में अधिवक्ता कार्य बहिष्कार पर रहे। उन्होंने धरना देकर अपना विरोध भी जताया।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय ने कहा कि बार काउंससिल ऑफ उत्तराखंड के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहते हुए विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी अधिवक्ताओं के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा न्यायिक प्रक्रिया में भी अधिवक्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया जा रहा है।
पांडेय ने एलान किया कि यदि अधिवक्ताओं के साथ इसी प्रकार का रवैया जारी रहा तो प्रदेश के सभी अधिवक्ता अनिश्चितकालीन आंदोलन करने को विवश होंगे। वहां जिला बार एसोसिएशन के सचिव शिव सिंह कुंवर, उपाध्यक्ष सुधीर सिंह, कमल चिलाना, सुख दर्शन सिंह, शिव कुमार शर्मा, प्रीतमपाल, सुशीला मेहता, सुरेंद्र गिरधर, दिनेश गुप्ता, संजय कुमार आदि थे। संवाद
खटीमा और सितारगंज में सांकेतिक धरना
खटीमा/सितारगंज। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के आह्वान पर बार एसोसिएशन जुड़े अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में प्रदर्शन किया और दो घंटे तक न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल के प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन किया। वहां बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव छत्तर सिंह सेल्ला, एचएस कलसी, साबिर हुसैन, रामबचन, इकबाल अहमद, अकील अहमद, केडी भट्ट, जरनैल सिंह, हयात सिंह कुंवर, हरीश बिष्ट, गोपाल सिंह बिष्ट, हरीश ढौडियाल, कविंद्र कफलिया, जगदीश दिगारी आदि थे।
इधर सितारगंज में अधिवक्ताओं ने सिविल न्यायालय परिसर में सांकेतिक धरना दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष दयानंद सिंह और सचिव हरीश शर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने धरनास्थल पर हुई सभा में कहा कि न्यायिक अधिकारी अधिवक्ताओं के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं करते हैं। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग न करने का भी आरोप लगाया। धरने पर पूर्व अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता, हनीफ अहमद, अमित रस्तोगी, भगवंत सिंह, संतोष भारद्वाज, फहीम पटौदी, राहुल भारद्वाज, सपन सरकार, मो. हनीफ, रमेश चंद्र गहतोड़ी आदि थे। संवाद
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काशीपुर कचहरी परिसर में आयोजित सभा में अधिवक्ताओं ने न्यायिक अधिकारियों से गरिमापूर्ण व्यवहार की अपेक्षा की। वक्ताओं ने कहा कि बार और बेंच एक ही रथ के दो पहिये हैं। परस्पर तालमेल से इसमें सामंजस्य बना रहना चाहिए। वक्ताओं ने अधिवक्ता मो. शफीक से रिश्वत लेने के आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। प्रदर्शन में वीरेंद्र चौहान, धर्मेंद्र तुली, अंशुमान सिंह, शैलेंद्र मिश्रा, अरुण तिवारी, यशवंत सैनी, विनोद पाल, मुस्तफा मलिक, ऋषि अग्रवाल, अनुज माथुर, गोपाल कृष्ण, मनोज जोशी, उमेश जोशी, कैलाश बिष्ट, रहमत अली खान, अभिषेक कंबोज आदि थे।
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काशीपुर तहसील के अधिवक्ता भी बृहस्पतिवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहे। वहां जसवीर सिंह, अलीम खान, नीरज चौहान, मनोज जोशी, संजय कुमार, रोहित, प्रदीप सक्सेना, गौरव अरोरा, नरेश खुराना आदि थे। काशीपुर में टैक्स बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने भी न्यायिक कार्यों से विरत होकर स्टेट जीएसटी ऑफिस में प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य के अधिकतर न्यायिक अधिकारी ट्रायल के दौरान अधिवक्ता एवं वादकारियों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं करते। वहां एसोसिएशन अध्यक्ष संजीव शर्मा, मुकेश सक्सेना, स्वतंत्र नवीन, विवेक जैन, मयंक गुप्ता, विकास वर्मा, त्रिलोक शर्मा, प्रशांत वर्मा, विकास अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, अंकुर सिंघल, नवनीत गोयल, सौरभ रस्तोगी आदि थे।
बाजपुर में बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड के निर्देशानुसार अधिवक्ताओं ने बाजपुर बार एसोसिएशन बैनर तले हड़ताल कर कोर्ट परिसर में धरना दिया। वहां वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा, सोहन लाल गोयल, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवराज सिंह राणा, सचिव विजय गर्ग, उपाध्यक्ष प्रेम सिंह सागर, उपसचिव मोहम्मद यूसुफ, कोषाध्यक्ष सूरज प्रकाश शर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष फिरासत अली, कृष्णा सिंह, हीरा शर्मा, दिनेश चंद्र शर्मा, सज्जाद अली, गीता, अजीम अहमद, कुलवंत उप्पल, रमेश नाथ, विकास कश्यप, भुवन चंद्र जोशी, राजीव बंसल आदि थे।
रुद्रपुर में भी हड़ताल पर रहे अधिवक्ता
रुद्रपुर। न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों पर गरिमापूर्ण व्यवहार न करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को रुद्रपुर में अधिवक्ता कार्य बहिष्कार पर रहे। उन्होंने धरना देकर अपना विरोध भी जताया।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय ने कहा कि बार काउंससिल ऑफ उत्तराखंड के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहते हुए विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी अधिवक्ताओं के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा न्यायिक प्रक्रिया में भी अधिवक्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया जा रहा है।
पांडेय ने एलान किया कि यदि अधिवक्ताओं के साथ इसी प्रकार का रवैया जारी रहा तो प्रदेश के सभी अधिवक्ता अनिश्चितकालीन आंदोलन करने को विवश होंगे। वहां जिला बार एसोसिएशन के सचिव शिव सिंह कुंवर, उपाध्यक्ष सुधीर सिंह, कमल चिलाना, सुख दर्शन सिंह, शिव कुमार शर्मा, प्रीतमपाल, सुशीला मेहता, सुरेंद्र गिरधर, दिनेश गुप्ता, संजय कुमार आदि थे। संवाद
खटीमा और सितारगंज में सांकेतिक धरना
खटीमा/सितारगंज। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के आह्वान पर बार एसोसिएशन जुड़े अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में प्रदर्शन किया और दो घंटे तक न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल के प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन किया। वहां बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव छत्तर सिंह सेल्ला, एचएस कलसी, साबिर हुसैन, रामबचन, इकबाल अहमद, अकील अहमद, केडी भट्ट, जरनैल सिंह, हयात सिंह कुंवर, हरीश बिष्ट, गोपाल सिंह बिष्ट, हरीश ढौडियाल, कविंद्र कफलिया, जगदीश दिगारी आदि थे।
इधर सितारगंज में अधिवक्ताओं ने सिविल न्यायालय परिसर में सांकेतिक धरना दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष दयानंद सिंह और सचिव हरीश शर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने धरनास्थल पर हुई सभा में कहा कि न्यायिक अधिकारी अधिवक्ताओं के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं करते हैं। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग न करने का भी आरोप लगाया। धरने पर पूर्व अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता, हनीफ अहमद, अमित रस्तोगी, भगवंत सिंह, संतोष भारद्वाज, फहीम पटौदी, राहुल भारद्वाज, सपन सरकार, मो. हनीफ, रमेश चंद्र गहतोड़ी आदि थे। संवाद