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चुनौती दे रही बाहरी पुलिस की दबिश
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Sun, 13 Aug 2017 10:16 PM IST
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सदानंद दाते
- फोटो : AmarUjala
सीमावर्ती ऊधमसिंह नगर जिला बाहरी राज्यों के अपराधियों की शरण स्थली बना हुआ है। इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए जिले में दबिश को आने वाली गैर जनपदों की पुलिस स्थानीय पुलिस के लिए चुनौती खड़ी कर रही है। जिले में पिछले पांच महीनों में कई मामले ऐसे हुए है जिनमें गैर जनपदों और दूसरे राज्यों की पुलिस ने स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना ही क्षेत्र में दबिश दी। ऐसे में अगर शनिवार को नानकमत्ता में पुलिस और अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ होती तो स्थानीय पुलिस के लिए बड़ी समस्या बन सकता था।
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नानकमत्ता के बिचई गांव में शनिवार को दिल्ली पुलिस और उनके वांछित जनरैल सिंह के बीच हुई मुठभेड़ ने जहां पूरे जनपद को वर्षों पहले पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटरों की याद दिला दी। वहीं जिला पुलिस को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि समय समय पर जिले में दबिश के लिए आने वाली गैर जनपदों की पुलिस का उनको बिना सूचना दिये उनके क्षेत्र में दबिश देना कितनी बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है। यूएस नगर में बाहरी प्रांतों की पुलिस का आकर दबिश आम बात है लेकिन कई मामलों में बाहरी जनपदों की पुलिस यहां की स्थानीय पुलिस को सूचना ही नहीं देती है। माना जाता है कि स्थानीय पुलिस को जहां अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी होती है वहीं आम लोगों से परिचय भी होता है ऐसे में दबिश देने के दौरान पुलिस के साथ होनेे वाली दुर्घटनाओं के आसार कम होते हैं, लेकिन यही दबिश अगर स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना दी गई होती तो बड़ी समस्या भी खड़ी हो सकती थी।
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जानकारी के अनुसार जनपद में बीते पांच महीनों में दिल्ली, पंजाब और यूपी की पुलिस ने चार मामलों में बिना स्थानीय पुलिस को साथ लिए दबिश दी जिसमें से दो मामले थाना ट्रांजिट कैप के एक मामला रुद्रपुर कोतवाली के अंतर्गत आने वाले आदर्श कॉलोनी चौकी का है और एक मामला गदरपुर क्षेत्र का है। इसके साथ ही गदरपुर क्षेत्र में ही एक वर्ष पूर्व दबिश देने पहुंची बिलासपुर (रामपुर) की पुलिस को ग्रामीणों ने लुटेरे समझकर घेर लिया, स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों ने उन्हें छोड़ा।
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जनपद में कुछ मामलों में ऐसा हुआ है कि बाहरी प्रांतों की पुलिस क्षेत्र में दबिश देने आई और उसने स्थानीय थाना या चौकी पुलिस को सूचना नहीं दी, जबकि उन्हें संबंधित थाना या चौकी पुलिस को सूचना देकर उनकी मदद लेनी चाहिये। ऐसे में जहां पुलिस के लिए दबिश देने के दौरान आने वाले जोखिम कम होते हैं। वहीं कोई घटना होने पर स्थानीय पुलिस पर भी कोई प्रश्नचिन्ह नहीं लगता। दबिश की सूचना देने पर जिला पुलिस गैर जनपदों की पुलिस को पूरा सहयोग करती है। शनिवार को नानकमत्ता में दबिश को पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम ने भी स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी।
-- डा. सदानंद दाते, एसएसपी ऊधमसिंह नगर