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चैती मेले को अब मां भगवती का है इंतजार
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:13 AM IST
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मंदिर में पूजा करता श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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चैती मेला में रौनक दिखने लगी है। अब भगवती बाल सुंदरी के चैती मंदिर में आने का इंतजार है। शुक्रवार को नखासा बाजार में काफी घोड़े पहुंचे, लेकिन महंगे घोड़ों के खरीददार नहीं है। जेनेसिस स्कूल जसपुर का सफेद रंग का नकूरा घोड़ा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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नखासा बाजार सोमवार तक चलेगा। मेले में मनोरंजन के काफी साधन पहुंचे है। तमाशा बाजार में बिजली से चलने वाला बड़ा झूला, टावर, स्टेट व्हील, ब्रेक डांस, ड्रेगन ट्रेन, मौत का कुंआ, टोरा-टोरा, जेमनी सर्कस आदि लग गए है। मेला कमेटी ने नागरिक सुरक्षा के लिए बाजार, मंदिर नखासा बाजार में 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए है।
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इधर, मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि पूजा-अर्चना के बाद देवी प्रतिमा को शनिवार शाम चार बजे से पंडा आवास में श्रद्धालुओं को सार्वजनिक दर्शनों के लिए रखा जाएगा। देर रात पं. दयाशंकर जोशी पंडा हवन कराऐंगे। इसके बाद देवी का डोला निकालकर उन्हें जुलूस के साथ चैती मंदिर तक लाएंगे। 29 मार्च तक श्रद्धालु सार्वजनिक दर्शन कर सकेंगे।
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बाल सुंदरी है हमारी कुल देवी
काशीपुर। पीलीभीत नगर निवासी ताइक्वांडो खिलाड़ी राम सिंह भी परिवार सहित चैती मंदिर पहुंचे हैं। राम सिंह ने बताया कि पीलीभीत में भी हर साल भगवती बाल सुंदरी देवी का मेला लगता है, लेकिन यहां लगने वाले मेले के जितना बड़ा नहीं लगता है। भगवती बाल सुंदरी उनकी कुल देवी हैं। वह हर दूसरे साल सपरिवार देवी मठ के पूजन और देवी दर्शनों के लिए आते हैं।
विदेशी पर्यटक ने किए मां भगवती बाल सुंदरी देवी के दर्शन
अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी ग्रेवियन मार्क ऋषिकेश में श्रीराम आश्रम में योग की शिक्षा लेने पहुंचे हैं। वह अपने मित्र एवं योग शिक्षक काशीपुर काजीबाग निवासी जितेंद्र कुमार के साथ यहां भगवती बाल सुंदरी के दर्शनों को आए हैं। ग्रेवियन मार्क ने चैती मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद पत्रकारों को बताया कि उन्होंने भारत की उत्कृष्ट संस्कृति, प्रबुद्ध समाज और विभिन्नताओं में एकता वाले और योग के विषय में पढ़ा था।
उनके मन में भारत आकर भारतीय संस्कृति को देखने-समझने और योग सीखने की जिज्ञासा थी। इसलिए वह चार-पांच महीने पहले भारत आए। आगरा में उन्हें पता चला कि ऋषिकेश और हरिद्वार पवित्र धार्मिक स्थल है और यहां योग सिखाने वाले कई संस्थान हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी समाज नितांत व्यावसायिक और एकांकी है, जबकि भारत में मेले, धार्मिक और व्यावसायिक सब एक साथ है। भारतीय समाज में भिन्नता होते हुए भी एकता है। गरीब, अमीर, छोटे-बड़े सब एक दूसरे से बात करते हैं और एक दूसरे को समझते हैं
अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाय :एएसपी
एएसपी डॉ.जगदीश चंद्र ने फोर्स को ब्रीफ करते हुए मेले की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने और अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। कहा कि थाने से एलईडी स्क्रीन पर मेले पर नजर रखी जाएगी। मेला अधिकारी/एसडीएम दयानंद सरस्वती ने कहा कि अगर किसी दुकानदार की कोई समस्या है तो उनको अवगत कराया जाय।