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Udham Singh Nagar News: तराई में धान पर सुंडी का प्रकोप, सूखने लगीं बालियां

Wed, 26 Aug 2026 12:49 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Wed, 26 Aug 2026 12:49 AM IST
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Caterpillar infestation hits paddy crops in the Terai region; panicles begin to wither.
काशीपुर। तराई में इस बार धान की फसल पर सुंडी का प्रकोप किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। खेतों में धान की गोभ (बाली निकलने की अवस्था) पर सुंडी लिपट रही है। बाली निकलते ही सफेद होकर सूख जा रही है। किसानों को आशंका है कि इसके चलते धान के उत्पादन में 20 से 30 फीसदी तक गिरावट आ सकती है।
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सुंडी का प्रकोप सबसे अधिक सीधी बुवाई (डीएसआर) विधि से बोई गई धान की फसल में देखा जा रहा है। काशीपुर, गदरपुर और बाजपुर क्षेत्र में इस बार बड़ी संख्या में किसानों ने डीएसआर विधि से धान की बुवाई की है। खेतों में धान की पत्तियां लिपटी हुई मिल रही हैं और गोभ के अंदर हरे रंग की सुंडी दिखाई दे रही है। सुंडी गोभ में प्रवेश कर बाली के आधार को अंदर से काट देती है। इससे पूरी बाली सफेद होकर सूख जाती है जिसे किसान ‘सफेद बाली’ या ‘मरी बाली’ कहते हैं।
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कुंडा, महुआखेड़ा, गंज, ढकिया और प्रतापपुर क्षेत्र के किसानों के अनुसार एक पौधे में दो से तीन बालियां तक पूरी तरह सूख रही हैं। इससे उत्पादन में 25 से 30 फीसदी तक कमी आने की आशंका है। किसानों का कहना है कि फसल को बचाने के लिए दवा का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन पिछले 10 दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण दवा धुल जा रही है। इससे कीटनाशक का अपेक्षित असर नहीं हो पा रहा है।
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किसानों को सलाह : ये कदम उठाएं
कृषि रक्षा अधिकारी कल्याण सिंह रावत ने बताया कि खेतों में अधिक नमी और सघन बुवाई के कारण सुंडी का प्रकोप बढ़ा है। वहीं, रोपाई वाले खेतों में पानी ठहरने के कारण सुंडी का प्रकोप अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बारिश की संभावना न होने पर ही कीटनाशक का छिड़काव करें। दवा के साथ स्टीकर या चिपकने वाला पदार्थ मिलाने से वह पत्तियों पर अधिक समय तक टिका रहेगा और असर बेहतर होगा।

हमने दो बार कार्टाप और क्लोरेंट्रानिलिप्रोल का स्प्रे किया लेकिन शाम को स्प्रे करते हैं और रात में बारिश हो जाती है। 4000 रुपये एकड़ का खर्चा हो गया है फसल फिर भी खराब हो रही है। -सुरेश कुमार, पथरी क्षेत्र काशीपुर


खेतों में सूंडी का प्रकोप अगले 5-7 दिन में नहीं रुका तो तराई में धान की पैदावार पर बड़ा असर पड़ेगा। यह समस्या इस सीजन की सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। - सुखविंदर सिंह चीमा, ढकिया नंबर तीन काशीपुर
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