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आयुष्मान घोटाले में देवकी नंदन अस्पताल संचालक पर धोखाधड़ी का केस
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काशीपुर। अटल आयुष्मान योजना के तहत फर्जी तरीके से क्लेम हासिल करने के मामले में देवकी नंदन अस्पताल के संचालक डॉ. पुनीत बंसल और अन्य के खिलाफ कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। अगस्त 2019 में इस अस्पताल की सूचीबद्धता समाप्त कर दी गई थी।
राज्य स्वास्थ्य अभिकरण की ओर से आयुष्मान योजना में कथित धांधली की शिकायत पर तहसील रोड स्थित देवकी नंदन अस्पताल की जांच की गई थी। जांच में पाया गया कि एक डॉक्टर ने खुद को इस अस्पताल में फुलटाइम जॉब करना दर्शाया था जबकि इस अवधि में वह काशीपुर के राजकीय चिकित्सालय में संविदा चिकित्सक के तौर पर तैनात रहे थे। इस अस्पताल ने सूचीबद्धता की तिथि से 16 मई 2019 तक कुल 143 मरीजों का इलाजा किया गया। इनमें से 82 मरीज राजकीय चिकित्सालय से रेफर किए गए थे। जांच में पाया कि सरकारी अस्पताल से मरीज भी इसी डॉक्टर ने रेफर किए थे। 61 मामलों में सर्जरी पूर्व स्थिति का अनुमोदन लिए बगैर ही कर दी गई। सूचीबद्धता के आवेदन पत्र में जनरल मेडिसिन की नियुक्ति नहीं दर्शाई गई। इसके बावजूद अस्पताल ने ऐसे सात केस उपचारित होना दर्शाए। जांच टीम ने पाया कि मरीजों को जानबूझकर रेफर कर इलाज करने के नाम पर देवकी नंदन अस्पताल ने कुल 11 लाख छह हजार रुपये का क्लेम हासिल कर लिया।
अनियमितताएं पकड़े जाने पर स्वास्थ्य अभिकरण ने जून 2019 में इस अस्पताल की सूचीबद्धता निलंबित कर दी थी। साथ ही नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था। जांच के बाद अभिकरण के अध्यक्ष दिलीप कोटिया ने इस अस्पताल की सूचीबद्धता स्थायी रूप से समाप्त कर दी थी। उत्तराखंड अटल आयुष्मान के अधिशासी सहायक धनेश चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने देवकी नंदन अस्पताल के संचालक डॉ. पुनीत बंसल और अन्य के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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एमपी अस्पताल के खिलाफ लिखे गए एफआईआर के 40 वर्क
काशीपुर। अटल आयुष्मान योजना में अवैध तरीके से क्लेम की राशि हासिल करने के मामले में रामनगर रोड स्थित एमपी मेमोरियल हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की कवायद बृहस्पतिवार को भी जारी रही। 64 वर्क की एफआईआर में अभी तक 40 वर्क का मेटर लिखा जा चुका है। मैनुअली एफआईआर लिखने वाले मुंशी प्रमोद कुमार का कहना है कि जल्द एफआईआर लिखने के चलते पिछले पांच दिनों से उसे कमर सीधी करने तक की फुर्सत नहीं मिल पा रही है। संभवत: अगले एक-दो दिन में यह रिपोर्ट पूरी हो जाएगी।
डॉ. विकास पर गिर चुकी है गाज
काशीपुर। देवकी नंदन हॉस्पिटल में खुद को फुलटाइम चिकित्सक दर्शाने वाले एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल के संविदा चिकित्सक डॉ. विकास गहलोत पर भी गाज गिर चुकी है। सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना के घोटाले में लिप्तता पाए जाने पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने चार दिन पूर्व ही डॉ. गहलोत को बर्खास्त कर दिया है। डॉ. गहलोत मुरादाबाद रोड पर आयुष्मान के नाम से अस्पताल चला रहे हैं।
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राज्य स्वास्थ्य अभिकरण की ओर से आयुष्मान योजना में कथित धांधली की शिकायत पर तहसील रोड स्थित देवकी नंदन अस्पताल की जांच की गई थी। जांच में पाया गया कि एक डॉक्टर ने खुद को इस अस्पताल में फुलटाइम जॉब करना दर्शाया था जबकि इस अवधि में वह काशीपुर के राजकीय चिकित्सालय में संविदा चिकित्सक के तौर पर तैनात रहे थे। इस अस्पताल ने सूचीबद्धता की तिथि से 16 मई 2019 तक कुल 143 मरीजों का इलाजा किया गया। इनमें से 82 मरीज राजकीय चिकित्सालय से रेफर किए गए थे। जांच में पाया कि सरकारी अस्पताल से मरीज भी इसी डॉक्टर ने रेफर किए थे। 61 मामलों में सर्जरी पूर्व स्थिति का अनुमोदन लिए बगैर ही कर दी गई। सूचीबद्धता के आवेदन पत्र में जनरल मेडिसिन की नियुक्ति नहीं दर्शाई गई। इसके बावजूद अस्पताल ने ऐसे सात केस उपचारित होना दर्शाए। जांच टीम ने पाया कि मरीजों को जानबूझकर रेफर कर इलाज करने के नाम पर देवकी नंदन अस्पताल ने कुल 11 लाख छह हजार रुपये का क्लेम हासिल कर लिया।
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अनियमितताएं पकड़े जाने पर स्वास्थ्य अभिकरण ने जून 2019 में इस अस्पताल की सूचीबद्धता निलंबित कर दी थी। साथ ही नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था। जांच के बाद अभिकरण के अध्यक्ष दिलीप कोटिया ने इस अस्पताल की सूचीबद्धता स्थायी रूप से समाप्त कर दी थी। उत्तराखंड अटल आयुष्मान के अधिशासी सहायक धनेश चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने देवकी नंदन अस्पताल के संचालक डॉ. पुनीत बंसल और अन्य के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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एमपी अस्पताल के खिलाफ लिखे गए एफआईआर के 40 वर्क
काशीपुर। अटल आयुष्मान योजना में अवैध तरीके से क्लेम की राशि हासिल करने के मामले में रामनगर रोड स्थित एमपी मेमोरियल हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की कवायद बृहस्पतिवार को भी जारी रही। 64 वर्क की एफआईआर में अभी तक 40 वर्क का मेटर लिखा जा चुका है। मैनुअली एफआईआर लिखने वाले मुंशी प्रमोद कुमार का कहना है कि जल्द एफआईआर लिखने के चलते पिछले पांच दिनों से उसे कमर सीधी करने तक की फुर्सत नहीं मिल पा रही है। संभवत: अगले एक-दो दिन में यह रिपोर्ट पूरी हो जाएगी।
डॉ. विकास पर गिर चुकी है गाज
काशीपुर। देवकी नंदन हॉस्पिटल में खुद को फुलटाइम चिकित्सक दर्शाने वाले एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल के संविदा चिकित्सक डॉ. विकास गहलोत पर भी गाज गिर चुकी है। सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना के घोटाले में लिप्तता पाए जाने पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने चार दिन पूर्व ही डॉ. गहलोत को बर्खास्त कर दिया है। डॉ. गहलोत मुरादाबाद रोड पर आयुष्मान के नाम से अस्पताल चला रहे हैं।