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फर्जी दस्तावेज बनाने के धंधे का भंडाफोड़

Wed, 26 Jul 2017 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर Updated Wed, 26 Jul 2017 11:08 PM IST
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Busted business of making fake documents
काशीपुर में पुलिस हिरासत में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

पुलिस और एसओजी ने फर्जी दस्तावेज बनाने के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर एक पत्रकार सहित दो को दबोचा है। इनके पास से डीएम नैनीताल, डीएम ऊधमसिंह नगर, परगना मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी काशीपुर और यूपी के दो अधिकारियों समेत अलग-अलग विभागों की 39 मुहरें बरामद हुई हैं। पुलिस ने कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी बरामद कर ली है, जिसमें नकली होलोग्राम और मुहरें लोड है।

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बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बाइक चोरियों के मामलों की जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को क्षेत्र में जाली दस्तावेज बनाने का धंधा चलने का संदेह हुआ। तब पुलिस कप्तान की अनुमति से गिरोह का भंडाफोड़ करने का निर्णय लिया गया। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने कोतवाल चंचल शर्मा और एसएसआई वीरेंद्र रमोला के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की टीम को गिरोह को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी।
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एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया बुधवार को टीम ने कटोराताल स्थित कुमायूं प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा तो दुकान से कई विभागों की फर्जी मुहरें, निर्वाचन आयोग के पहचान पत्र और बड़ी मात्रा में नकली दस्तावेज बरामद हुए। छापे के समय प्रेस में मौहल्ला लाहोरियान थाना काशीपुर निवासी नीरज कुमार पुत्र मोहन सिंह और मौहल्ला काजीबाग निवासी इंतजार हुसैन पुत्र चांद हुसैन काम कर रहे थे। टीम ने दोनों को हिरासत मे लेकर पूछताछ की और प्रेस की तलाशी ली तो नकली दस्तावेज तैयार करने की सामग्री बरामद की।
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एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि इंतजार हुसैन की कुमायूं प्रिंटिंग प्रेस के नाम से मुहर बनाने की दुकान है। इंतजार हुसैन ने बताया कि 2014 में फर्जी दस्तावेज बनाने के मामले में पकड़े गए टीचर्स कालोनी काशीपुर निवासी महेंद्र खुराना से उसकी जान-पहचान थी। खुराना टाइपिंग सेंटर में उसका आना-जाना था। उसके यहां फर्जी दस्तावेज बनाने का काम होता था। उसने मौका पाकर कापी कर ली। वर्ष 2014 को पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में महेंद्र खुराना को गिरफ्तार किया था।

तब इंतजार हुसैन और नीरज कुमार ने मिलकर नकली दस्तावेज बनाने का काम शुरू किया। इंतजार हुसैन ग्राहक लाता और नीरज कुमार फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। उन्होंने अब तक लगभग 200 से अधिक वाहनों की फर्जी आरसी, सैकड़ों डीएल, 50 से अधिक छात्रों की मार्कशीट तैयार की हैं। एक डीएल की कीमत दो हजार और आरसी की कीमत पांच हजार तक वसूलते थे। पुलिस ने दोनों का धारा 420/467//468/472 में मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी ने बताया कि दोनों हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल के वाहनों की भी फर्जी आरसी और डीएल बनाते थे।

यह सामान हुआ बरामद
39 सरकारी दफ्तरों की मुहरें, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, निर्वाचन आयोग के चार पहचान पत्र, पांच वाहनों की आरसी, दो वाहनों की फिटनेस के कागजात, एक वाहन का नेशनल परमिट, एक मार्कशीट, 57 सादे कंप्यूटर पेपर, एक स्टैंप पैड, एक सीपीयू, एक सीपीयू मय हार्ड डिस्क, एक मॉनीटर, की बोर्ड मय डाटा केबल व पावर केबल, एक प्रिंटर।  
 
दो डीएम सहित 39 अधिकारियों की नकली मुहरें मिलीं
काशीपुर। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि जिलाधिकारी नैनीताल, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर, उप जिलाधिकारी काशीपुर, उप जिलाधिकारी रुद्रपुर, तहसीलदार काशीपुर, परगना मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी काशीपुर, मार्ग कर विभाग मेरठ, राजकीय पॉलीटेक्निक द्वाराहाट, जिला सूचना अधिकारी ऊधमसिंह नगर, संभागीय परिवहन अधिकारी कुमाऊं संभाग, सचिव संभागीय परिवहन प्राधिकरण कुमाऊं, लाइसेंस अधिकारी परिवहन मुरादाबाद सहित 39 विभागों की नकली मुहरें बरामद हुई हैं। चमकीली पन्नी का उपयोग होलोग्राम के रूप में करते थे।

फर्जी मुहरें के दुरुपयोग की आशंका
 फर्जी मुहरें बरामद होने से आतंकवादियों, देशद्रोहियों व शातिर बदमाशों को देने की आशंका पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश ने कहा कि इन अधिकारियों के नकली मुहरें के दुरुपयोग की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जितने भी दस्तावेज जारी किए गए हैं, वह कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में मौजूद हैं। हार्डडिस्क को जांच के लिए देहरादून या चंडीगढ़ भेजा जाएगा।


नीरज है मान्यता प्राप्त पत्रकार
एएसपी डॉ. जगदीश ने बताया कि नीरज कुमार साप्ताहिक अखबार सूर्यवंशम का संपादक है और मान्यता प्राप्त पत्रकार है। उसकी मान्यता रद करने के लिए जिला सूचना अधिकारी को पत्र लिखा जाएगा। सूत्र बताते हैं कि बीते पांच दिनों से एसओजी की टीम उसकी दुकान में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रही थी। जब टीम को पुख्ता हो गया कि प्रेस में गलत काम हो रहा है तो टीम ने छापेमारी कर दी। टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई वीरेंद्र रमोला, उप निरीक्षक दिनेश फर्त्याल, उप निरीक्षक महेश जोशी, उप निरीक्षक प्रयाग दत्त, सिपाही कुलदीप सिंह, नीरज सिंह, देवेंद्र नेगी, देवेंद्र बिष्ट, एसओजी के कैलाश तोमक्याल, गिरीश कांडपाल आदि थे।

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