ऊधमसिंह नहर: आवासीय भवनों में कारोबार पर मंडराया संकट, सुप्रीम आदेश से इन इलाकों के व्यापारियों में चिंता
आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ऊधमसिंह नगर जिले के सैकड़ों कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। आवासीय भवनों में कारोबार करने वालों के सामने अब अपने प्रतिष्ठानों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने ऊधमसिंह नगर जिले के सैकड़ों कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। आवासीय भवनों में कारोबार करने वालों के सामने अब प्रतिष्ठानों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
रुद्रपुर, काशीपुर समेत जिले के अधिकांश नगरों में बड़ी संख्या में कारोबारी ऐसे भवनों में दुकान, कार्यालय और अन्य प्रतिष्ठान संचालित कर रहे हैं जिनका मूल उपयोग आवासीय है। कई मोहल्लों और कॉलोनियों में आवासीय भवनों में कोचिंग सेंटर, ब्यूटी पार्लर, क्लीनिक, गोदाम और छोटे कारखाने भी संचालित हो रहे हैं। कारोबार पर कार्रवाई होने की स्थिति में दुकानदारों के सामने ग्राहकों को बनाए रखने, नया स्थान तलाशने और अतिरिक्त खर्च उठाने जैसी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
बोले व्यापारी
प्रदेश की भौगोलिग स्थिति ऐसी नहीं है कि दुकानें, होटल और घर अलग-अलग हों। अगर ऐसा होता है तो प्रदेश के लोग बर्वाद हो जाएंगे। राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करनी चाहिए। - संजय जुनेजा, अध्यक्ष व्यापार मंडल अध्यक्ष, रुद्रपुर
रुद्रपुर में सैंकड़ों व्यापारी घरों के नीचे से ही अपने कारोबार कर रहे हैं। अगर अचानक से कार्रवाई होती है तो व्यापारियों को नुकसान झेलना होगा। -गौरव गांधी, व्यापारी, रुद्रपुर
व्यापारियों के हित के लिए सरकार को सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिए। इस फैसले से हजारों लोग बेरोजगार हो जाएगी। व्यापारियों के हित को ध्यान में रखना चाहिए। - अश्वनी छाबड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से व्यापारियों को झटका लगा है। शहर के मुख्य बाजार में व्यापार करने वाले व्यापारियों के हित में फैसला है, लेकिन अन्य व्यापारियों को इससे नुकसान है। -- राजीव सेतिया, व्यापारी, काशीपुर
अधिवक्ताओं की राय
आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए नियमों और स्वीकृत भूमि उपयोग का पालन जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।- सुरेंद्र, वरिष्ठ अधिवक्ता, रुद्रपुर
आवासीय कॉलोनियों में नियमों के विरुद्ध कारोबार पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। प्रत्येक प्रतिष्ठान की अनुमति और भूमि उपयोग की जांच के बाद ही उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।- अमित कालड़ा, वरिष्ठ अधिवक्ता, रुद्रपुर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन होना है। आदेश में बैंक, बड़े होटल, कोचिंग सेंटर को शामिल किया है। परचून की दुकानों को इसमें शामिल नहीं किया है। बैंक, बड़े होटल और कोचिंग सेंटर की वजह से आवासीय क्षेत्रों में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। - शैलेंद्र मिश्रा अधिवक्ता, काशीपुर
आदेश के तीन चरण में है। आवासीय क्षेत्र में व्यवसायिक कार्य ना हो। वाहन पार्किंग नहीं होने से दिक्कत होती है। उत्तराखंड में पहाड़ी संस्कृति है, ऐसे में भागौलिक परिस्थिति के हिसाब से संशोधन होना चाहिए। क्योंकि भागौलिक परिस्थिति विषम है। -- अमरीश अग्रवाल अधिवक्ता, काशीपुर