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Udham Singh Nagar News: चार साल पहले सड़क हादसे में अनाथ हुए भाई-बहन, अब मिलेगा 71.39 लाख मुआवजा
Sun, 19 Apr 2026 01:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 19 Apr 2026 01:16 AM IST
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रुद्रपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (तृतीय अपर जिला जज) मुकेश चंद्र आर्य ने किच्छा के चर्चित सड़क हादसे मामले में बीमा कंपनी को अनाथ हुए दो मासूम भाई-बहन को 71 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। हादसे में दपंती की मौत होने के बाद मृतक के बड़े भाई ने अदालत में याचिका दायर की थी।
28 मार्च 2022 की सुबह करीब 10 बजे न्यू जवाहरनगर नगला पंतनगर निवासी अमित सक्सेना अपनी पत्नी दीप्ति सक्सेना और बच्चों सार्थक व जान्हवी के साथ कार से बरेली रिश्तेदार के पास जा रहे थे। गोकुलनगर के पास विपरीत दिशा से आ रही नैनीताल नंबर की कार के चालक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में अमित सक्सेना की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने घायल दीप्ति और बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जहां दीप्ति ने भी दम तोड़ दिया।
दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। मृतक के बड़े भाई रुपम सक्सेना ने जून 2022 में दोनों बच्चों की जिम्मेदारी लेते हुए नाबालिग बच्चों (सार्थक व जान्हवी) के संरक्षक (हकीकी संरक्षक) के रूप में चार अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं। जिसमें दो याचिका दंपति की लापरवाही से मौत के लिए और दो याचिका हादसे में घायल बच्चों को मुआवजा देने के लिए दाखिल की गई थी, लेकिन सार्थक सक्सेना ने बालिग होने पर अपनी याचिका खुद प्रस्तुत की।
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मामले की सुनवाई मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मुकेश चंद्र आर्य की अदालत में हुई। जहां शुक्रवार को गवाहों के बयान और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने बीमा कंपनी को दायर चारों याचिका के अनुसार 71,39,567 रुपये याचिकाकर्ता को देने के आदेश दिए हैं।
आरोपी कार मालिक से वसूली जाएगी मुआवजा राशि
अदालत ने बीमा कंपनी को 45 दिन के अंदर मुआवजे की धनराशि याचिकाकर्ता को देने के आदेश देने के साथ यह भी कहा है कि भुगतान की गई सभी धनराशि ब्याज के साथ नियमानुसार प्रज्ञा रस्तोगी पत्नी सचिन रस्तोगी वाहन मालिक से वसूल करे।
इतने मुआवजे की मांग की थी
- अमित सक्सेना की मृत्यु पर याचिका में 80 लाख की मांग की थी जिसके सापेक्ष कोर्ट ने 47,25,032 का मुआवजा मंजूर किया।
- दीप्ति सक्सेना की मृत्यु पर 50 लाख की मांग के विरुद्ध कोर्ट ने 18,04,200 की धनराशि देने का आदेश दिया।
- 11 वर्षीय जान्हवी के इलाज और शारीरिक कष्ट के लिए तीन लाख 33,520 रुपये का मुआवजा तय किया गया।
- सार्थक सक्सेना की चोटों के लिए 2,84,332 की प्रतिकर धनराशि स्वीकृत की गई।
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28 मार्च 2022 की सुबह करीब 10 बजे न्यू जवाहरनगर नगला पंतनगर निवासी अमित सक्सेना अपनी पत्नी दीप्ति सक्सेना और बच्चों सार्थक व जान्हवी के साथ कार से बरेली रिश्तेदार के पास जा रहे थे। गोकुलनगर के पास विपरीत दिशा से आ रही नैनीताल नंबर की कार के चालक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में अमित सक्सेना की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने घायल दीप्ति और बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जहां दीप्ति ने भी दम तोड़ दिया।
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दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। मृतक के बड़े भाई रुपम सक्सेना ने जून 2022 में दोनों बच्चों की जिम्मेदारी लेते हुए नाबालिग बच्चों (सार्थक व जान्हवी) के संरक्षक (हकीकी संरक्षक) के रूप में चार अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं। जिसमें दो याचिका दंपति की लापरवाही से मौत के लिए और दो याचिका हादसे में घायल बच्चों को मुआवजा देने के लिए दाखिल की गई थी, लेकिन सार्थक सक्सेना ने बालिग होने पर अपनी याचिका खुद प्रस्तुत की।
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मामले की सुनवाई मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मुकेश चंद्र आर्य की अदालत में हुई। जहां शुक्रवार को गवाहों के बयान और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने बीमा कंपनी को दायर चारों याचिका के अनुसार 71,39,567 रुपये याचिकाकर्ता को देने के आदेश दिए हैं।
आरोपी कार मालिक से वसूली जाएगी मुआवजा राशि
अदालत ने बीमा कंपनी को 45 दिन के अंदर मुआवजे की धनराशि याचिकाकर्ता को देने के आदेश देने के साथ यह भी कहा है कि भुगतान की गई सभी धनराशि ब्याज के साथ नियमानुसार प्रज्ञा रस्तोगी पत्नी सचिन रस्तोगी वाहन मालिक से वसूल करे।
इतने मुआवजे की मांग की थी
- अमित सक्सेना की मृत्यु पर याचिका में 80 लाख की मांग की थी जिसके सापेक्ष कोर्ट ने 47,25,032 का मुआवजा मंजूर किया।
- दीप्ति सक्सेना की मृत्यु पर 50 लाख की मांग के विरुद्ध कोर्ट ने 18,04,200 की धनराशि देने का आदेश दिया।
- 11 वर्षीय जान्हवी के इलाज और शारीरिक कष्ट के लिए तीन लाख 33,520 रुपये का मुआवजा तय किया गया।
- सार्थक सक्सेना की चोटों के लिए 2,84,332 की प्रतिकर धनराशि स्वीकृत की गई।