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हल्द्वानी में प्रदेश की पहली फूल मंडी बनाने की योजना पर ब्रेक
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गजराज बिष्ट, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। बजट के अभाव में हल्द्वानी में बनने जा रही उत्तराखंड की पहली फूल मंडी बनाने की योजना फिलहाल टल गई है। मंडी शुल्क बंद होने से उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के सामने बजट का संकट खड़ा हो गया है। बोर्ड अब फूल मंडी के निर्माण के लिए सरकार से नाबार्ड समेत दूसरे स्रोतों से बजट उपलब्ध करवाने का प्रयास करेगी।
उत्तराखंड में करीब 10 हजार किसान फूलों की खेती कर रहे हैं, लेकिन फूल मंडी न होने के कारण फूलों के विपणन और सुरक्षित रखरखाव की सुविधा नहीं है। राज्य में फूल की खेती कर रहे किसानों की समस्या को देखते हुए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने हल्द्वानी में प्रदेश की पहली मंडी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। हल्द्वानी में सुशीला तिवारी अस्पताल के पास बोर्ड की दो एकड़ जमीन पर प्रदेश की पहली फूल मंडी बनाने की तैयारी थी लेकिन सरकार की ओर से मंडी शुल्क समाप्त जाने से उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को सालाना करीब 60 करोड़ का नुकसान होने की संभावना है। जिसको देखते हुए बोर्ड ने अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना को फिलहाल टाल दिया है।
हल्द्वानी में प्रदेश की पहली फूल मंडी बनाने का प्रस्ताव मैंने ही तैयार किया था। दो एकड़ भूमि पर फूल मंडी बनाने की तैयारी थी लेकिन मंडी शुल्क समाप्त होने के बाद उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को सालाना करीब 60 करोड़ का नुकसान होने की संभावना है। जिस कारण इस प्रस्ताव को टाल दिया है। यदि भविष्य में नाबार्ड से बजट मिलता है तो फूल मंडी का निर्माण किया जा सकता है।
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गजराज बिष्ट, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड
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उत्तराखंड में करीब 10 हजार किसान फूलों की खेती कर रहे हैं, लेकिन फूल मंडी न होने के कारण फूलों के विपणन और सुरक्षित रखरखाव की सुविधा नहीं है। राज्य में फूल की खेती कर रहे किसानों की समस्या को देखते हुए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने हल्द्वानी में प्रदेश की पहली मंडी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। हल्द्वानी में सुशीला तिवारी अस्पताल के पास बोर्ड की दो एकड़ जमीन पर प्रदेश की पहली फूल मंडी बनाने की तैयारी थी लेकिन सरकार की ओर से मंडी शुल्क समाप्त जाने से उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को सालाना करीब 60 करोड़ का नुकसान होने की संभावना है। जिसको देखते हुए बोर्ड ने अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना को फिलहाल टाल दिया है।
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हल्द्वानी में प्रदेश की पहली फूल मंडी बनाने का प्रस्ताव मैंने ही तैयार किया था। दो एकड़ भूमि पर फूल मंडी बनाने की तैयारी थी लेकिन मंडी शुल्क समाप्त होने के बाद उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को सालाना करीब 60 करोड़ का नुकसान होने की संभावना है। जिस कारण इस प्रस्ताव को टाल दिया है। यदि भविष्य में नाबार्ड से बजट मिलता है तो फूल मंडी का निर्माण किया जा सकता है।
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गजराज बिष्ट, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड