{"_id":"5cb8a7c6bdec22144d7e2a38","slug":"books-of-private-publishers-found-in-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में निजी प्रकाशकों की मिलीं पुस्तकें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में निजी प्रकाशकों की मिलीं पुस्तकें
Thu, 18 Apr 2019 11:59 PM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Thu, 18 Apr 2019 11:59 PM IST
विज्ञापन
काशीपुर में एक स्कूल में जांच करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों की जांच को लेकर बृहस्पतिवार को जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कई स्कूलों में एनसीईआरटी किताबों के साथ ही निजी प्रकाशकों की पुस्तकें मिलीं, जिस पर अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधकों को सख्त हिदायत देकर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें हटाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी राजीव लोचन ने नगर के स्कूलों में छापा मारा। सबसे पहले दढ़ियाल मार्ग स्थित एक निजी स्कूल में इंटर के छात्रों के पास से कंप्यूटर की पुस्तक निजी प्रकाशक की मिली, जिसकी कीमत 450 रुपये थी। वहीं, टांडा उज्जैन स्थित एक अन्य कॉवेंट स्कूल में भी जांच की गई।
विज्ञापन
उधर, प्रभारी बीईओ ने रेलवे स्टेशन मार्ग स्थित निजी स्कूल में छापा मारा। यहां बच्चों के पास जो अभ्यास पुस्तिका मिली वह 150 रुपये कीमत की थी। इस पर उन्होंने स्कूल प्रबंधन को किताबें शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। कहा कि एनसीईआरटी की ही किताबें लगाई जाए यदि जरूरत पड़ती है तो एनसीईआरटी के दामों से मिलती जुलती पुस्तकें निजी प्रकाशक की लगा सकते हैं।
विज्ञापन
वहीं मोहल्ला कटोराताल स्थित एक मेमोरियल स्कूल में कुछ खामियां मिलीं, जिनमें सुधार के लिए स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए। एक अन्य जूनियर हाईस्कूल में स्कूल प्रबंधन की ओर से एक ही दुकान से पाठ्यक्रम मांगने की शिकायत मिली, जो पाठ्यक्रम से दो गुना महंगी थी। वहीं बच्चों से ली जाने वाला शुल्क भी स्पष्ट रूप से नहीं दर्शाने पर हिदायत देते हुए कहा अभिभावक जहां से चाहे पुस्तकें खरीद सकता है। स्कूल किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाएगा। दोबारा ऐसी शिकायत मिलने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी।
‘अभिभावकों से मोटी फीस न वसूलें पब्लिक स्कूल’
सितारगंज। शिक्षा विभाग की ओर से पब्लिक स्कूलों के प्रबंधकों की बैठक बृहस्पतिवार को नगर में हुई। एसडीएम मनीष बिष्ट ने कहा कि निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम ही लागू कराया जाए। कहा कि अगर एनसीईआरटी की पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं तो कम दाम वाली किताबें निजी स्कूल कोर्स में शामिल कर सकते हैं।
बीईओ इंद्रजीत सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने तीन स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें तीनों स्कूलों में एनसीईआरटी किताबें मिलीं। एसडीएम ने कहा कि कई शिकायतें आ रही हैं कि निजी स्कूल एडमिशन और अन्य सुविधाआें के नाम पर मोटी फीस अभिभावकों से वसूल रहे हैं। चेतावनी दी कि महंगी किताबें खरीदने के लिए विवश करने वाले पब्लिक स्कूलों की मान्यता रद्द की जाएगी। निजी स्कूलों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों ने बताया कि उन्होंने स्कूल में एनसीईआरटी किताबें ही कोर्स में शामिल की हुई हैं।
उप शिक्षाधिकारी सुषमा गौरव ने कहा कि जिन स्कूलाें के प्रबंधक बैठक में नहीं पहुंचे उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
इस मौके पर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन अध्यक्ष भुवन चंद भट्ट, गोविंद मित्तल, सुरेश चंद्र जोशी, हेमंत बोरा, अजय कुमार, उमराव राव, राजेश शैली, हृदयेश चौहान आदि रहे।
पालिकाध्यक्ष - सभासदों के पहुंचने पर हंगामा
सितारगंज। पब्लिक स्कूलों की मीटिंग में पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे, सभासद रवि रस्तोगी, सचिन गंगवार के पहुंचने पर हंगामा हो गया। निजी स्कूल प्रबंधकों ने कहा कि बैठक में राजनीतिक लोगों के आने का कोई औचित्य नहीं हैं। पालिकाध्यक्ष दुबे ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले क्षेत्र के निजी स्कूलों की मनमानी और महंगी फीस के खिलाफ एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कहा कि वह शिक्षा विभाग आमंत्रण बैठक में पहुंचे हैं।
प्रशासन की चेतावनी का नहीं दिख रहा असर
खटीमा। समान शिक्षा संघर्ष समिति के सदस्यों ने उपजिलाधिकारी निर्मला बिष्ट से कहा कि अब वहीं स्कूलों में छापा मारेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन की चेतावनी के बावजूद निजी स्कूल हाईकोर्ट की गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। इस पर एसडीएम ने कहा कि आप लोग कोई छापामारी नहीं करेंगे।
उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षा विभाग और उनके द्वारा लगातार निजी स्कूलों के प्रबंधकों से बात की जा रही है। इस मौके पर विहिप नेता रंदीप पोखरिया, समिति अध्यक्ष ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष मोहनी पोखरिया, व्यापार मंडल अध्यक्ष अरुण सक्सेना, पूर्व बीडीसी दीपक भट्ट, राणा युवा परिषद अध्यक्ष हरेंद्र राणा, कविंद्र कफलिया, मुन्नालाल गौतम, दीपक भट्ट, ललिता कन्याल, राजू भंडारी, मनोज राणा आदि थे।