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नगर निगम बोर्ड बैठक का कांग्रेस ने किया बहिष्कार, 58 प्रस्ताव पारित
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रुद्रपुर नगर निगम परिसर में प्रदर्शन करते भाजपा पार्षद।
- फोटो : RUDRAPUR
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नगर निगम बोर्ड बैठक शुरू होने के पहले ही कांग्रेस ने नारेबाजी करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। वहीं कांग्रेस के जवाब में भाजपा पार्षदों ने भी मौके पर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्षद बोर्ड बैठक के दौरान पूरे समय तक धरने पर बैठे रहे। उन्होंने पुराने किए वादों को पूरा नहीं करने, चहेतों को लाभ दिलाने का आरोप लगाया। वहीं सभागार में बोर्ड बैठक शुरू कर दी गई जहां चर्चा के बाद कुल 58 प्रस्ताव पारित कर दिए गए।
नगर निगम परिसर में धरना प्रदर्शन व नारेबाजी के बीच दोपहर 12 बजे से बोर्ड की बैठक शुरू हुई। कांग्रेस पार्षदों के बहिष्कार के चलते बैठक शांतिपूर्ण रही। मेयर रामपाल सिंह ने प्रस्ताव रखा कि नजूल मुद्दे पर आंदोलन शुरू करने वाले पहले पालिका अध्यक्ष सुभाष चतुर्वेदी के नाम से नया सभागार बनाया जा रहा है। इस दौरान कुल 50 प्रस्ताव लिखित रूप से तैयार थे, जबकि अन्य को पार्षदों व मेयर की चर्चा के बाद पास किया गया। प्रस्ताव संख्या तीन पर पार्षद शालू पाल ने आपत्ति जताई। उन्होंने गरीबों को सामुदायिक भवन निशुल्क देने की मांग की। वहीं आनलाइन तरीके से सामुदायिक भवन को किराए पर देने की चर्चा हुई जिसे आंशिक संशोधन के साथ पारित किया गया।
पार्षद राजू चौहान ने प्रस्ताव रखा कि घटिया निर्माण करने वालों को ब्लैकलिस्टेड कर उनसे रिकवरी की जाए। पार्षद रीना जग्गा ने दशमेश नगर में मनमाने ढंग से सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया। पार्षद सीमा गुप्ता ने शैलजा फार्म में कूड़ा घर बनाने का विरोध किया। ऐसे में मौके पर अरबन फारेस्ट पर सहमति बनी। आबादी में कूड़ा घर बनाने के विरोध के बीच प्रस्ताव संख्या 26 को स्थगित कर दिया गया। तय किया गया कि अच्छा कार्य करने वाले निगम कर्मियों को इंप्लाई आफ द मंथ का खिताब दिया जाएगा। इंडिया मार्का नल के मामले में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप पार्षद राजू चौहान ने लगाया।
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निगम के बचे हुए वित्तीय वर्ष के लिए 42 लाख 50 हजार की धनराशि पास की गई। मेयर ने नजूल नीति पास करने पर सीएम को धन्यवाद ज्ञापन का प्रस्ताव पास कराया। वहीं पार्षद विरेंद्र आर्या के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। मेयर ने बताया कि सिडकुल ढाल को अब भगवान परशुराम तिराहे के नाम से जाना जाएगा। कार्यक्रम के आखिर में नगर निगम का लोगो भी लांच किया गया।
बैठक में मुख्य नगर आयुक्त विशाल मिश्रा, वरिष्ठ वित्त अधिकारी बच्ची राम आर्य, सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, सरताज सिंह मनहास, प्रभारी अधिशासी अभियन्ता गजेंद्र पाल, कर अधिक्षक लता आर्या सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष मोनू निषाद, महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, पार्षद मोहन खेड़ा, सुनीता मुंजाल, कैलाश राठौर, सुशील मंडल, अमित कुमार मिश्र, मो. वाहिद, नाजिम अली आदि मौजूद थे।
यह प्रस्ताव भी हुए पारित
बैठक में मुर्गा-मछली मीट विक्रय शुल्क बढ़ाने, लाइब्रेरी को दुकान के रूप में किराये पर देने, वधशाला बनाने, सिडकुल के साथ समन्वय बनाकर सूखे कूड़े का ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने, निगम को चार जोन में बांटने, विद्युत विभाग से सेस वसूलने, निगम के बकायेदारों का खाता फ्रीज करने, वार्डों को प्लास्टिक फ्री जोन बनाने, विद्युत शवदाह गृह, निगम कर्मियों को ट्रेनिंग, निगम की वेबसाइट व पत्रिका प्रकाशन, टावर शुल्क लगाने, आठ जगहों पर स्मार्ट वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
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नगर निगम परिसर में धरना प्रदर्शन व नारेबाजी के बीच दोपहर 12 बजे से बोर्ड की बैठक शुरू हुई। कांग्रेस पार्षदों के बहिष्कार के चलते बैठक शांतिपूर्ण रही। मेयर रामपाल सिंह ने प्रस्ताव रखा कि नजूल मुद्दे पर आंदोलन शुरू करने वाले पहले पालिका अध्यक्ष सुभाष चतुर्वेदी के नाम से नया सभागार बनाया जा रहा है। इस दौरान कुल 50 प्रस्ताव लिखित रूप से तैयार थे, जबकि अन्य को पार्षदों व मेयर की चर्चा के बाद पास किया गया। प्रस्ताव संख्या तीन पर पार्षद शालू पाल ने आपत्ति जताई। उन्होंने गरीबों को सामुदायिक भवन निशुल्क देने की मांग की। वहीं आनलाइन तरीके से सामुदायिक भवन को किराए पर देने की चर्चा हुई जिसे आंशिक संशोधन के साथ पारित किया गया।
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पार्षद राजू चौहान ने प्रस्ताव रखा कि घटिया निर्माण करने वालों को ब्लैकलिस्टेड कर उनसे रिकवरी की जाए। पार्षद रीना जग्गा ने दशमेश नगर में मनमाने ढंग से सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया। पार्षद सीमा गुप्ता ने शैलजा फार्म में कूड़ा घर बनाने का विरोध किया। ऐसे में मौके पर अरबन फारेस्ट पर सहमति बनी। आबादी में कूड़ा घर बनाने के विरोध के बीच प्रस्ताव संख्या 26 को स्थगित कर दिया गया। तय किया गया कि अच्छा कार्य करने वाले निगम कर्मियों को इंप्लाई आफ द मंथ का खिताब दिया जाएगा। इंडिया मार्का नल के मामले में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप पार्षद राजू चौहान ने लगाया।
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निगम के बचे हुए वित्तीय वर्ष के लिए 42 लाख 50 हजार की धनराशि पास की गई। मेयर ने नजूल नीति पास करने पर सीएम को धन्यवाद ज्ञापन का प्रस्ताव पास कराया। वहीं पार्षद विरेंद्र आर्या के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। मेयर ने बताया कि सिडकुल ढाल को अब भगवान परशुराम तिराहे के नाम से जाना जाएगा। कार्यक्रम के आखिर में नगर निगम का लोगो भी लांच किया गया।
बैठक में मुख्य नगर आयुक्त विशाल मिश्रा, वरिष्ठ वित्त अधिकारी बच्ची राम आर्य, सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, सरताज सिंह मनहास, प्रभारी अधिशासी अभियन्ता गजेंद्र पाल, कर अधिक्षक लता आर्या सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष मोनू निषाद, महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, पार्षद मोहन खेड़ा, सुनीता मुंजाल, कैलाश राठौर, सुशील मंडल, अमित कुमार मिश्र, मो. वाहिद, नाजिम अली आदि मौजूद थे।
यह प्रस्ताव भी हुए पारित
बैठक में मुर्गा-मछली मीट विक्रय शुल्क बढ़ाने, लाइब्रेरी को दुकान के रूप में किराये पर देने, वधशाला बनाने, सिडकुल के साथ समन्वय बनाकर सूखे कूड़े का ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने, निगम को चार जोन में बांटने, विद्युत विभाग से सेस वसूलने, निगम के बकायेदारों का खाता फ्रीज करने, वार्डों को प्लास्टिक फ्री जोन बनाने, विद्युत शवदाह गृह, निगम कर्मियों को ट्रेनिंग, निगम की वेबसाइट व पत्रिका प्रकाशन, टावर शुल्क लगाने, आठ जगहों पर स्मार्ट वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया।

रुद्रपुर नगर निगम परिसर में धरना देते पार्षद व कांग्रेसी।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर नगर निगम सभागार में प्रस्ताव पर चर्चा करता पार्षद।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर नगर निगम सभागार में बोर्ड बैठक में संबोधित करते मेयर रामपाल सिंह।- फोटो : RUDRAPUR