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अपने-पराए सब रुठे, मेयर ने दो पार्षदों के साथ कर डाली बोर्ड बैठक
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:38 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम बोर्ड की बैठक से दो पार्षदों के अलावा बाकी पार्षदों ने किनारा कर लिया। यह चौथी बैठक रही, जिसमें अधिकांश सभासद नदारद रहे। आधा घंटा इंतजार करने के बाद भी पार्षद नहीं आए तो मेयर ने नगर निगम एक्ट का इस्तेमाल कर बोर्ड बैठक की। इसमें आगामी वित्तीय वर्ष के विकास कार्यों, वेतन और अन्य मदों के लिए 77 करोड़ 30 करोड़ का बजट पास किया गया। दिलचस्प रहा कि जो दो पार्षद बैठक में आए, उन्होंने भी वार्ड की उपेक्षा का आरोप मढ़ते हुए जमकर आक्रोश जताया।
शनिवार को नगर निगम हॉल में करीब 11 बजे बोर्ड बैठक बुलाई गई थी। लेकिन, 12 बजे तक हॉल में मेयर सोनी कोली, एमएनए जयभारत सिंह, पार्षद प्रमिला साहनी और नूर अहमद के अलावा थोड़ी देर बाद किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ही पहुंचे। पार्षदों के नहीं आने पर मेयर ने नगर निगम एक्ट 1959 की धारा 90(3) का प्रयोग करते हुए बैठक की। रुद्रपुर निगम के पांच वर्ष के इतिहास में यह पहला मौका रहा जब इस एक्ट का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड बैठक की गई हो। बैठक शुरू होते ही पार्षद प्रमिला साहनी और नूर अहमद ने उनके वार्डों को विकास कार्यों में तरजीह नहीं देने का आरोप लगाते हंगामा किया। मेयर और एमएनए ने उनके प्रस्तावों को मंजूरी देकर कार्य कराने का आश्वासन देकर शांत किया। इसके बाद 16 विकास कार्यों पर बोर्ड की मुहर लगाई गई।
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शनिवार को नगर निगम हॉल में करीब 11 बजे बोर्ड बैठक बुलाई गई थी। लेकिन, 12 बजे तक हॉल में मेयर सोनी कोली, एमएनए जयभारत सिंह, पार्षद प्रमिला साहनी और नूर अहमद के अलावा थोड़ी देर बाद किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ही पहुंचे। पार्षदों के नहीं आने पर मेयर ने नगर निगम एक्ट 1959 की धारा 90(3) का प्रयोग करते हुए बैठक की। रुद्रपुर निगम के पांच वर्ष के इतिहास में यह पहला मौका रहा जब इस एक्ट का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड बैठक की गई हो। बैठक शुरू होते ही पार्षद प्रमिला साहनी और नूर अहमद ने उनके वार्डों को विकास कार्यों में तरजीह नहीं देने का आरोप लगाते हंगामा किया। मेयर और एमएनए ने उनके प्रस्तावों को मंजूरी देकर कार्य कराने का आश्वासन देकर शांत किया। इसके बाद 16 विकास कार्यों पर बोर्ड की मुहर लगाई गई।
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