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Udham Singh Nagar News: जिला अस्पताल परिसर में खुलेआम पड़ा मिला बायो-मेडिकल वेस्ट, संक्रमित होने का खतरा

Fri, 06 Feb 2026 01:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Fri, 06 Feb 2026 01:30 AM IST
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Bio-medical waste found lying openly in the district hospital premises, risk of infection
रुद्रपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के तहत संचालित जिला अस्पताल परिसर में खुलेआम खून से सना बायो-मेडिकल वेस्ट मिलना व्यवस्था पर करारा प्रहार करता। अस्पताल में इस्तेमाल की गई पट्टियां, गंदे कपड़े, प्लास्टिक बैग और संक्रमित सामग्री यूं ही खुले में फेंक दी गई हैं, जैसे कि यह अस्पताल नहीं कूड़ाघर हो। यह नजारा न सिर्फ स्वच्छता दावों की पोल खोलता है बल्कि मरीजों, तीमारदारों और स्टाफ-सभी की सेहत के साथ भी खिलवाड़ है।
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नियम के अनुसार बायो-मेडिकल वेस्ट को अलग रंग के बैग में सील कर अधिकृत एजेंसी से निस्तारित कराना है ताकि संक्रमण न फैले लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नियम फाइलों में बंद हैं और अस्पताल परिसर में संक्रमण का बम आए दिन खुले में पड़ा रहता है।
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मरीजों के खून और संक्रमित कचरे से हैजा, हेपेटाइटिस, त्वचा रोग और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।





निरीक्षण के ठीक बाद खुली पोल

बीते रोज अस्पताल में कायाकल्प योजना के तहत निरीक्षण करने टीम पहुंची थी। इससे पहले भी अस्पताल को स्वच्छता और व्यवस्थाओं को लेकर कई पुरस्कार मिल चुके हैं। ऐसे में परिसर में खुलेआम पड़ा बायो-मेडिकल वेस्ट व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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जिम्मेदारी से पीछे हटने लगे जिम्मेदार



इस मामले में जिम्मेदारी को लेकर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के बीच उलझन भी सामने आई है। अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डाॅ. आरके सिन्हा का कहना है कि जिला अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज के अधीन हो चुका है इसलिए व्यवस्थाओं को लेकर कॉलेज प्रशासन ही जवाबदेह है। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल का कहना है की उनके अनुसार अधीनता इस शर्त पर हुई है कि एक वर्ष तक जिला अस्पताल की पूर्व व्यवस्थाएं वहीं का प्रशासन देखेगा। दोनों पक्षों के अलग-अलग बयानों के बीच साफ है कि जवाबदेही तय होने से पहले ही जिम्मेदारी इधर-उधर हो रही है। प्राचार्य ने पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।








अस्पताल परिसर में बायो-मेडिकल वेस्ट खुले में पड़े होने की सूचना मिली है। प्रथम दृष्टया यह लापरवाही का मामला प्रतीत होता है, जिसकी जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए निर्धारित एजेंसी और मानक प्रक्रिया मौजूद है, यदि कहीं चूक हुई है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। -डाॅ. केके अग्रवाल, सीएमओ
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