फर्जी दस्तावेजों पर लोन लेने की जांच शुरू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आठ लाख का लोन निकालने के मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कस्बा इंचार्ज ने बैंक में मुख्य प्रबंधक से मामले में पूछताछ की। पुलिस की जांच में प्रथम दृष्टया जमानती बैंक के खातेदार न होना सामने आया है।
उल्लेखनीय है कि बीती दो अक्तूबर को बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक आरपी सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 18 जुलाई 2011 को यूपी के पीलीभीत जनपद के हिमकरपुर थाना जहानाबाद निवासी हरवंश सिंह और उसके भाई हरिकिशन सिंह ने बैंक में फर्जी कागजात देकर ट्रैक्टर के लिए पांच लाख और तीन लाख रुपये का लोन लिया था। इनकी फाइल पर हिमकरपुर की गुरवचन कौर और नानकमत्ता थाने के खैराना गांव निवासी मलकीत सिंह ने जमानत ली थी। लोन अदायगी न होने पर बैंक ने जांच की तो लोन फाइल में लगे कागजात फर्जी मिले। जिस पर पुलिस ने हरवंश, उसके भाई हरिकिशन और जमानती गुरवचन व मलकीत के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
शनिवार को कस्बा इंचार्ज कमल सिंह कोरंगा ने बैंक पहुंच मामले की जांच की। उन्होंने मुख्य प्रबंधक सिंह से मामले में पूछताछ कर ऋण देने के नियमों की जानकारी भी मांगी। कस्बा इंचार्ज ने बताया कि प्रथम दृष्टया लोन देने में बनाए गए जमानतियों के बैंक खाते नहीं पाए गए हैं। घटना में तत्कालीन फील्ड अफसर व बैंक के मैनेजर की लापरवाही भी सामने आई है। 14 जुलाई को खाता खुला और 18 जुलाई को लोन दे दिया गया। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।