{"_id":"5d238de38ebc3e6ce70a8abc","slug":"b-teck-students-get-sucide-kashipur-news-hld3481574101","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीटेक के बाद भी नौकरी नहीं मिली तो लगाई फांसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीटेक के बाद भी नौकरी नहीं मिली तो लगाई फांसी
विज्ञापन
काशीपुर में मृतक अमित यादव की फाइल फोटो।
- फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। बीटेक करने के बाद भी नौकरी न मिलने से अवसाद में चल रहे एक युवक ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया। मृतक अपने परिवार में इकलौता पुत्र था।
मूलत: थाना ठाकुरद्वारा के ग्राम गझेड़ा आलम निवासी ओमप्रकाश यादव किसान सहकारी समिति से सेवानिवृत्त हुए थे। वह आवास विकास कॉलोनी के सी ब्लॉक में मकान बनाकर रह रहे हैं। उनके इकलौते पुत्र अमित यादव (23) ने बीटेक किया था।
काफी प्रयासों के बाद भी उसकी नौकरी नहीं लगी। इससे वह मानसिक अवसाद में रहता था। अमिति के पिता ने जसपुरखुर्द में बांसियोंवाले मंदिर के पास डेयरी खोली थी, जिसमें अमित भी सहयोग करता था। अमित की दो विवाहिता बहने अंशु व रेनू हैं, जबकि छोटी बहन नेहा अविवाहित है। रविवार को उसकी मां मुन्नी देवी अपनी बहन के घर ग्राम रामपुर बलभद्र गई हुई थी। नेहा भी अपनी बहन के घर गई थी।
विज्ञापन
दोपहर दो बजे डेयरी पर पहुंचे पिता ने उसे खाना खाने के लिए घर भेज दिया। अमित ने पर्दे से फंदा बनाकर पंखे से लटकर आत्महत्या कर ली। शाम छह बजे उसकी मां घर लौटी और चाय बनाकर उसे देने के लिए कमरे में गई तो अमित का शव लटका हुआ था।
उसने अपने पति और पड़ोसियों को घटना के बारे में जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे टांडा चौकी प्रभारी जगदीश कोहली और उपनिरीक्षक संदीप पिलख्वाल ने नीचे शव उतारा। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पिता ओमप्रकाश ने बताया कि बीटेक करने के बाद भी नौकरी न मिलने के कारण अमित मानसिक रूप से परेशान था। वह बहुत कम बात करता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
इनसेट
मां को लगा फोल्डिंग पर खड़ा है बेटा
काशीपुर। बहन के घर से लौटकर मुन्नी देवी घर लौटी तो अमित के कमरे में लाइट नहीं जल रही थी। शाम को रोशनी कम होने के कारण उसकी मां को लगा कि अमित पलंग पर खड़ा होकर कुछ काम कर रहा है। मुन्नी अपने घरेलू काम में लग गई। शाम को वह बेटे के लिए चाय बनाकर कमरे में पहुंची और लाइट जलाकर देखा तो बेटे का शव पंखे से लटका था। यह देखकर वह रोते बिलखते हुए बाहर भागी और कालोनी के लोगों को जानकारी दी। इकलौते पुत्र की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
मूलत: थाना ठाकुरद्वारा के ग्राम गझेड़ा आलम निवासी ओमप्रकाश यादव किसान सहकारी समिति से सेवानिवृत्त हुए थे। वह आवास विकास कॉलोनी के सी ब्लॉक में मकान बनाकर रह रहे हैं। उनके इकलौते पुत्र अमित यादव (23) ने बीटेक किया था।
विज्ञापन
काफी प्रयासों के बाद भी उसकी नौकरी नहीं लगी। इससे वह मानसिक अवसाद में रहता था। अमिति के पिता ने जसपुरखुर्द में बांसियोंवाले मंदिर के पास डेयरी खोली थी, जिसमें अमित भी सहयोग करता था। अमित की दो विवाहिता बहने अंशु व रेनू हैं, जबकि छोटी बहन नेहा अविवाहित है। रविवार को उसकी मां मुन्नी देवी अपनी बहन के घर ग्राम रामपुर बलभद्र गई हुई थी। नेहा भी अपनी बहन के घर गई थी।
विज्ञापन
दोपहर दो बजे डेयरी पर पहुंचे पिता ने उसे खाना खाने के लिए घर भेज दिया। अमित ने पर्दे से फंदा बनाकर पंखे से लटकर आत्महत्या कर ली। शाम छह बजे उसकी मां घर लौटी और चाय बनाकर उसे देने के लिए कमरे में गई तो अमित का शव लटका हुआ था।
उसने अपने पति और पड़ोसियों को घटना के बारे में जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे टांडा चौकी प्रभारी जगदीश कोहली और उपनिरीक्षक संदीप पिलख्वाल ने नीचे शव उतारा। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पिता ओमप्रकाश ने बताया कि बीटेक करने के बाद भी नौकरी न मिलने के कारण अमित मानसिक रूप से परेशान था। वह बहुत कम बात करता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
इनसेट
मां को लगा फोल्डिंग पर खड़ा है बेटा
काशीपुर। बहन के घर से लौटकर मुन्नी देवी घर लौटी तो अमित के कमरे में लाइट नहीं जल रही थी। शाम को रोशनी कम होने के कारण उसकी मां को लगा कि अमित पलंग पर खड़ा होकर कुछ काम कर रहा है। मुन्नी अपने घरेलू काम में लग गई। शाम को वह बेटे के लिए चाय बनाकर कमरे में पहुंची और लाइट जलाकर देखा तो बेटे का शव पंखे से लटका था। यह देखकर वह रोते बिलखते हुए बाहर भागी और कालोनी के लोगों को जानकारी दी। इकलौते पुत्र की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।