{"_id":"645542bb93f15e2fbb02f1f7","slug":"arested-with-duplicate-notes-rudrapur-news-c-8-1-131776-2023-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: काशीपुर में नकली नोटों के दो सौदागर पकड़े, 22 लाख के नकली नोट बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: काशीपुर में नकली नोटों के दो सौदागर पकड़े, 22 लाख के नकली नोट बरामद
Fri, 05 May 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 05 May 2023 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। काशीपुर में 22 लाख रुपये के नकली नोट खपाने आ रहे दो युवकों को एसओजी और पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया है। बिजनौर के एक सीएचसी सेंटर में ई-स्टैम्प पेपर पर 500 रुपये के नकली नोट छापे जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सीएचसी सेंटर से एक प्रिंटर, सीपीयू, पेपर कटर, एक डाटा केबल, एक बंडल स्टांप कागज और 4,417 नोट बरामद किए हैं। आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर की एक बाइक भी बरामद हुई है।
शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि बृहस्पतिवार को एसओजी और काशीपुर पुलिस टीम को सूचना मिली कि बाइक सवार दो युवक जाली नोट ले कर आ रहे है। पुलिस टीम ने पुराने ढेला पुल के नजदीक बाइक पर सवार दो संदिग्धाें को रोककर उनके पास से पांच सौ रुपये के नकली नोट से भरी एक पेटी बरामद की। उसमें 22,008,500 रुपये के जाली करेंसी थी। आरोपियों ने अपना नाम शक्तिनगर बिजनौर यूपी निवासी राजेंद्र सिंह और गांव भोगपुर नगीना बिजनौर निवासी बूटा सिंह बताया।
आरोपी बूटा सिंह ने बताया कि वह एमबीए का डिग्री होल्डर है और गांव में एक सीएचसी सेंटर चलाता है। सेंटर पर ही ई-स्टांप कागज पर नकली नोट छापता है। इससे पहले वह मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर सहित यूपी के कई क्षेत्रों में जाली नोटों की सप्लाई कर चुके हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपी राजेंद्र सिंह पहले भी काशीपुर में एक धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है और इस घटना का मास्टरमाइंड भी वही है। एसएसपी ने आरोपियों पर देशद्रोह की कार्रवाई करने और टीम को 2,500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
500 के बदले देते थे 1500 रुपये
रुद्रपुर। एसएसपी ने बताया कि नोट छापने वाले आरोपी लंबे से अपना नेटवर्क फैलाए हुए थे। वह 500 रुपये का असली नोट ले कर लोगों को 500 के तीन जाली नोट देते थे। उनका कहना है कि आरोपियों के कंप्यूटर में एक सॉफ्टवेयर है जिसकी मदद से वह ई-स्टांप पेपर पर हूबहू असली नोट छापते थे। एक पेपर पर पांच सौ के चार नोट छपते थे। उनका कहना है कि आरोपी अब तक 1,000 से अधिक जाली नोटों की छपाई कर चुके हैं। एसएसपी का कहना है कि बरामद हुए नकली नोट खराब गुणवत्ता के हैं।
आरोपियों को दोबारा लिया जाएगा रिमांड पर, पूछताछ अधूरी
रुद्रपुर। पुलिस ने मामले का जल्दबाजी में खुलासा कर दिया, जबकि कई सवालों के जवाब पुलिस के लिए खुद पहेली बन गए। एसएसपी का कहना है कि एसपी क्राइम चंद्रशेखर आर घोड़के के नेतृत्व में आरोपियों को दोबारा रिमांड पर ले कर गहन पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा उनके पास से मिले उपकरणों को फोरेंसिक लैब भेज कर जांच कराई जाएगी। नोट छापने के लिए वह किस प्रकार की स्याही का प्रयोग कर रहे थे, इसकी भी जांच होगी। उन्होंने मामले को विशेष श्रेणी का दर्जा दिया है। इसके अलावा मामले की विवेचना काशीपुर कोतवाली मनोज रतूड़ी करेंगी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को भी इस मामले की सूचना देने की बात की है।
इन सवालों का पुलिस के पास जवाब नहीं
- अब तक कितने जाली नोटों की छपाई हो चुकी है?
- जाली नोटों की कहां-कहां पर सप्लाई हो चुकी है ?
- जाली नोट रिजर्व बैंक तक तो नहीं पहुंच गया?
- आरोपी काशीपुर में जाली नोट किसे देने आ रहे थे?
- किस काम के लिए इतनी भारी मात्रा में काशीपुर जाली नोट आ रहे थे?
- क्या जाली नोट बनाने के पीछे और भी किसी का हाथ है?
- नोट बनाने के लिए कहां से सरकारी ई-स्टांप आ रहे थे ?
- नोट यूपी में नगर निगम के चुनाव के लिए तो नहीं छापे जा रहे थे?
- कहीं नोट बरात में उड़ाने के लिए तो नहीं छप रहे थे?
- क्या आरोपियों ने वेबसीरीज देखकर तो योजना नहीं बनाई?
- आरोपी कब से जाली नोट बना रहे थे?
विज्ञापन
शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि बृहस्पतिवार को एसओजी और काशीपुर पुलिस टीम को सूचना मिली कि बाइक सवार दो युवक जाली नोट ले कर आ रहे है। पुलिस टीम ने पुराने ढेला पुल के नजदीक बाइक पर सवार दो संदिग्धाें को रोककर उनके पास से पांच सौ रुपये के नकली नोट से भरी एक पेटी बरामद की। उसमें 22,008,500 रुपये के जाली करेंसी थी। आरोपियों ने अपना नाम शक्तिनगर बिजनौर यूपी निवासी राजेंद्र सिंह और गांव भोगपुर नगीना बिजनौर निवासी बूटा सिंह बताया।
विज्ञापन
आरोपी बूटा सिंह ने बताया कि वह एमबीए का डिग्री होल्डर है और गांव में एक सीएचसी सेंटर चलाता है। सेंटर पर ही ई-स्टांप कागज पर नकली नोट छापता है। इससे पहले वह मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर सहित यूपी के कई क्षेत्रों में जाली नोटों की सप्लाई कर चुके हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपी राजेंद्र सिंह पहले भी काशीपुर में एक धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है और इस घटना का मास्टरमाइंड भी वही है। एसएसपी ने आरोपियों पर देशद्रोह की कार्रवाई करने और टीम को 2,500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
500 के बदले देते थे 1500 रुपये
रुद्रपुर। एसएसपी ने बताया कि नोट छापने वाले आरोपी लंबे से अपना नेटवर्क फैलाए हुए थे। वह 500 रुपये का असली नोट ले कर लोगों को 500 के तीन जाली नोट देते थे। उनका कहना है कि आरोपियों के कंप्यूटर में एक सॉफ्टवेयर है जिसकी मदद से वह ई-स्टांप पेपर पर हूबहू असली नोट छापते थे। एक पेपर पर पांच सौ के चार नोट छपते थे। उनका कहना है कि आरोपी अब तक 1,000 से अधिक जाली नोटों की छपाई कर चुके हैं। एसएसपी का कहना है कि बरामद हुए नकली नोट खराब गुणवत्ता के हैं।
आरोपियों को दोबारा लिया जाएगा रिमांड पर, पूछताछ अधूरी
रुद्रपुर। पुलिस ने मामले का जल्दबाजी में खुलासा कर दिया, जबकि कई सवालों के जवाब पुलिस के लिए खुद पहेली बन गए। एसएसपी का कहना है कि एसपी क्राइम चंद्रशेखर आर घोड़के के नेतृत्व में आरोपियों को दोबारा रिमांड पर ले कर गहन पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा उनके पास से मिले उपकरणों को फोरेंसिक लैब भेज कर जांच कराई जाएगी। नोट छापने के लिए वह किस प्रकार की स्याही का प्रयोग कर रहे थे, इसकी भी जांच होगी। उन्होंने मामले को विशेष श्रेणी का दर्जा दिया है। इसके अलावा मामले की विवेचना काशीपुर कोतवाली मनोज रतूड़ी करेंगी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को भी इस मामले की सूचना देने की बात की है।
इन सवालों का पुलिस के पास जवाब नहीं
- अब तक कितने जाली नोटों की छपाई हो चुकी है?
- जाली नोटों की कहां-कहां पर सप्लाई हो चुकी है ?
- जाली नोट रिजर्व बैंक तक तो नहीं पहुंच गया?
- आरोपी काशीपुर में जाली नोट किसे देने आ रहे थे?
- किस काम के लिए इतनी भारी मात्रा में काशीपुर जाली नोट आ रहे थे?
- क्या जाली नोट बनाने के पीछे और भी किसी का हाथ है?
- नोट बनाने के लिए कहां से सरकारी ई-स्टांप आ रहे थे ?
- नोट यूपी में नगर निगम के चुनाव के लिए तो नहीं छापे जा रहे थे?
- कहीं नोट बरात में उड़ाने के लिए तो नहीं छप रहे थे?
- क्या आरोपियों ने वेबसीरीज देखकर तो योजना नहीं बनाई?
- आरोपी कब से जाली नोट बना रहे थे?