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भर्ती घोटाले में गनर समेत दो लोगों को देहरादून ले गई एसटीएफ
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हल्द्वानी/काशीपुर/देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में हुई धांधली सामने आने के बाद से एसटीएफ ने शनिवार को कुमाऊं में धरपकड़ की। हल्द्वानी, रामनगर और काशीपुर पहुंची एसटीएफ देहरादून की टीम ने सात अन्य लोगों को पकड़ा है। टीम पुलिस अधिकारी के गनर समेत काशीपुर से दो लोगों को देहरादून ले गई है।
आयोग के अनुसचिव राजन नैथानी ने 22 जुलाई को देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले के खुलासे के लिए एसटीएफ और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई है।
देहरादून पुलिस ने 24 जुलाई को मामले का खुलासा कर पेपर लीक करने के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 37,18,000 रुपये की नकदी बरामद हुई थी। जांच के दौरान काशीपुर के एक अधिकारी के गनर समेत दो लोगों की भूमिका भी चर्चा के दायरे में आई। जांच के दौरान मिले सबूत के आधार पर मुकदमे के विवेचना अधिकारी प्रदीप राणा के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम काशीपुर पहुंची।
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काशीपुर पहुंची एसटीएफ की टीम एक पुलिस अधिकारी के गनर समेत दो लोगों को उठाया। हिरासत में लिए गए काशीपुर के जसपुर खुर्द निवासी दीपक के घर से 35,89,200 रुपये बरामद किए है। इधर, पूर्व में गिरफ्तार मनोज जोशी को एसटीएफ रामनगर लेकर गई थी। वहां एक रिजॉर्ट में पेपर हल किया गया था। मनोज जोशी से भी कई साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एसएसपी एसटीएफ अजय कुमार सिंह ने बताया ने कि जोशी से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर बड़ी लीड मिल सकती है। वहां से रजिस्टर बरामद हुआ है। इसमें कई लोगों के नाम और मोबाइल नंबर लिखे हैं। कहा कि इस घोटाले के तार कुमाऊं में कई शहरों से जुड़े हैं। वहां भी पुलिस की टीमें भेजी गईं हैं। बताया कि मुकदमे की विवेचना देहरादून में हो रही है, ऐसे में संदिग्धों को पूछताछ के लिए देहरादून बुलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
वहीं, पेपर लीक में रिमांड पर लिए गए आरोपी जयजीत निवासी देहरादून की निशानदेही पर 10 लाख रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस आरोपी को लेकर लखनऊ गई थी।
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आयोग के अनुसचिव राजन नैथानी ने 22 जुलाई को देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले के खुलासे के लिए एसटीएफ और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई है।
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देहरादून पुलिस ने 24 जुलाई को मामले का खुलासा कर पेपर लीक करने के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 37,18,000 रुपये की नकदी बरामद हुई थी। जांच के दौरान काशीपुर के एक अधिकारी के गनर समेत दो लोगों की भूमिका भी चर्चा के दायरे में आई। जांच के दौरान मिले सबूत के आधार पर मुकदमे के विवेचना अधिकारी प्रदीप राणा के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम काशीपुर पहुंची।
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काशीपुर पहुंची एसटीएफ की टीम एक पुलिस अधिकारी के गनर समेत दो लोगों को उठाया। हिरासत में लिए गए काशीपुर के जसपुर खुर्द निवासी दीपक के घर से 35,89,200 रुपये बरामद किए है। इधर, पूर्व में गिरफ्तार मनोज जोशी को एसटीएफ रामनगर लेकर गई थी। वहां एक रिजॉर्ट में पेपर हल किया गया था। मनोज जोशी से भी कई साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एसएसपी एसटीएफ अजय कुमार सिंह ने बताया ने कि जोशी से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर बड़ी लीड मिल सकती है। वहां से रजिस्टर बरामद हुआ है। इसमें कई लोगों के नाम और मोबाइल नंबर लिखे हैं। कहा कि इस घोटाले के तार कुमाऊं में कई शहरों से जुड़े हैं। वहां भी पुलिस की टीमें भेजी गईं हैं। बताया कि मुकदमे की विवेचना देहरादून में हो रही है, ऐसे में संदिग्धों को पूछताछ के लिए देहरादून बुलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
वहीं, पेपर लीक में रिमांड पर लिए गए आरोपी जयजीत निवासी देहरादून की निशानदेही पर 10 लाख रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस आरोपी को लेकर लखनऊ गई थी।