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Udham Singh Nagar News: फिटनेस और मेडिकल प्रमाणपत्र के लिए दोहरा चक्कर काट रहे आवेदक
Wed, 13 May 2026 12:34 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 13 May 2026 12:34 AM IST
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काशीपुर। सरकारी अस्पताल में फिटनेस और मेडिकल प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर देरी से होने के कारण आवेदकों को दोहरे चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है।
एआरटीओ कार्यालय में 40 वर्ष के बाद नया ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और नवीनीकरण कराने के लिए सरकारी अस्पताल से मेडिकल प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे कई आवेदक रोज सरकारी अस्पताल में मेडिकल बनाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा फिटनेस प्रमाणपत्र बनाने के लिए भी व्यक्ति पहुंच रहे हैं। फिटनेस और डीएल के लिए आवेदक सुबह से ही अस्पताल पहुंचकर कतार में लग जाते हैं।
स्टाफ भी समय से अपना कार्य शुरू कर देते हैं। इसके बाद आवेदक चिकित्सकों से रिपोर्ट की जांच कराते हैं। यह प्रक्रिया पूरी करके आवेदक कार्यालय में फार्म जमा कर देते हैं लेकिन फार्म पर हस्ताक्षर के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ता है क्योंकि सीएमएस ओपीडी में मरीजों का इलाज भी करते हैं। इसके बाद वह पैथोलॉजी लैब में चले जाते हैं। वहां से लंच पर घर चले जाते हैं। इससे चलते हस्ताक्षर शाम करीब चार बजे होते हैं। तब जाकर आवेदक को मेडिकल प्रमाणपत्र मिलता है। कई बार आवेदक गुस्सा हो जाते हैं और स्टाफ को भी शाम को देर तक बैठना पड़ता है। आवेदकों ने बताया कि एक हस्ताक्षर के लिए पूरा दिन अस्पताल में लग रहा है। एआरटीओ नहीं जा पाए हैं। अगले दिन यह प्रमाण पत्र जमा करना पड़ेगा। केवल एक हस्ताक्षर के कारण एक के बजाए दो दिन की छुट्टी करनी पड़ेगी।
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कोट:
मेडिकल और फिटनेस प्रमाणपत्र दोपहर दो बजे तक जारी कर दिया जाएगा। इसके लिए सीएमएस को पत्र लिखा जाएगा। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर
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एआरटीओ कार्यालय में 40 वर्ष के बाद नया ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और नवीनीकरण कराने के लिए सरकारी अस्पताल से मेडिकल प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे कई आवेदक रोज सरकारी अस्पताल में मेडिकल बनाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा फिटनेस प्रमाणपत्र बनाने के लिए भी व्यक्ति पहुंच रहे हैं। फिटनेस और डीएल के लिए आवेदक सुबह से ही अस्पताल पहुंचकर कतार में लग जाते हैं।
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स्टाफ भी समय से अपना कार्य शुरू कर देते हैं। इसके बाद आवेदक चिकित्सकों से रिपोर्ट की जांच कराते हैं। यह प्रक्रिया पूरी करके आवेदक कार्यालय में फार्म जमा कर देते हैं लेकिन फार्म पर हस्ताक्षर के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ता है क्योंकि सीएमएस ओपीडी में मरीजों का इलाज भी करते हैं। इसके बाद वह पैथोलॉजी लैब में चले जाते हैं। वहां से लंच पर घर चले जाते हैं। इससे चलते हस्ताक्षर शाम करीब चार बजे होते हैं। तब जाकर आवेदक को मेडिकल प्रमाणपत्र मिलता है। कई बार आवेदक गुस्सा हो जाते हैं और स्टाफ को भी शाम को देर तक बैठना पड़ता है। आवेदकों ने बताया कि एक हस्ताक्षर के लिए पूरा दिन अस्पताल में लग रहा है। एआरटीओ नहीं जा पाए हैं। अगले दिन यह प्रमाण पत्र जमा करना पड़ेगा। केवल एक हस्ताक्षर के कारण एक के बजाए दो दिन की छुट्टी करनी पड़ेगी।
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कोट:
मेडिकल और फिटनेस प्रमाणपत्र दोपहर दो बजे तक जारी कर दिया जाएगा। इसके लिए सीएमएस को पत्र लिखा जाएगा। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर