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Udham Singh Nagar News: ...और 915 प्रदेश वासी हो गए हाजी
Fri, 06 Jun 2025 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 06 Jun 2025 12:25 AM IST
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अराफात में जबले रहमत पहाड़ी पर दुआ मांगते हाजी।
जसपुर। उत्तराखंड के 915 आजमीनों ने बृहस्पतिवार को सऊदी अरब के अराफात के मैदान में हज के फर्ज को अदा किया। सभी आजमीन अब हाजी हो गए। परिजनों ने हाजियों को सोशल साइट्स एवं फोन के माध्यम से मुबारकबाद दी। हाजियों ने भी हज के अरकान अदा करने की तस्वीरें अपने परिचितों के साथ सोशल साइट्स पर साझा की। 12 जून से 10 जुलाई तक हाजियों की वतन वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
उत्तराखंड राज्य हज समिति के ईओ मोहम्मद आरिफ ने बताया कि इस वर्ष सऊदी अरब में 915 लोग हज की यात्रा पर हैं। इनमें 476 पुरुष और 439 महिलाएं शामिल हैं। बृहस्पतिवार को दुनिया भर के आजमीनों के साथ राज्य के आजमीन भी असर और मगरिब के बीच अराफात के मैदान में पहुंचे थे। यहां इन्होंने वकूफ-ए-अराफात के फर्ज को अदा किया। फर्ज अदा करते ही आजमीनों को हज्जन और हाजी का खिताब मिल गया। हज के बाद हाजियों ने देश एवं प्रदेश में अमन और तरक्की की दुआ मांगी। हाजी अभी कुछ और दिन यहां रहकर हज के शेष अरकान अदा करेंगे। 12 जून से 10 जुलाई तक अलग-अलग फ्लाइट से हाजियों के वतन वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
इनसेट-अल्लाह का शुक्र है बृहस्पतिवार को सकुशल हज अदा हो गया। समिति की ओर से लगातार यात्रियों से संपर्क कर व्यवस्था के बारे में पूछा जा रहा था। राज्य के सभी यात्रियों को हाजी होने का खिताब मिल चुका है। कुछ अरकान अभी बचे हैं। यह पूरा होने के बाद जून से हाजियों के वतन लौटने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जो जुलाई तक चलेगा।-मोहम्मद आरिफ, ईओ, उत्तराखंड राज्य हज समिति।
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तेज गर्मी से वर्ष 2024 में हुई थी 550 हाजियों की मौत
जसपुर। वर्ष 2024 में सऊदी अरब के मक्का में गर्मी के कारण 550 हाजियों की मौत हुई थी। इस वर्ष भी हाजियों के परिजन घटना को लेकर चिंतित थे। जो लगातार मौसम एवं सहूलतों की जानकारी ले रहे थे। जसपुर निवासी राज्य के हज स्टेट सब इंस्पेक्टर हाजी रईस अहमद, हाजी मो. नाजिम एवं हाजी सनव्वर हसन ने बताया कि गत वर्ष जिहिज्जा की 10 एवं 11 तारीख को तवाफुज्जियारह के लिए जमरात से मीना के सफर के दौरान भीषण गर्मी के कारण हाजी बेहोश होकर जमीन पर गिर गए थे। इससे कई हाजियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, लेकिन इस बार कहीं से कोई घटना घटित होने शिकायत नहीं आई और हाजियों ने सकुशल अरकान अदा किए।
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उत्तराखंड राज्य हज समिति के ईओ मोहम्मद आरिफ ने बताया कि इस वर्ष सऊदी अरब में 915 लोग हज की यात्रा पर हैं। इनमें 476 पुरुष और 439 महिलाएं शामिल हैं। बृहस्पतिवार को दुनिया भर के आजमीनों के साथ राज्य के आजमीन भी असर और मगरिब के बीच अराफात के मैदान में पहुंचे थे। यहां इन्होंने वकूफ-ए-अराफात के फर्ज को अदा किया। फर्ज अदा करते ही आजमीनों को हज्जन और हाजी का खिताब मिल गया। हज के बाद हाजियों ने देश एवं प्रदेश में अमन और तरक्की की दुआ मांगी। हाजी अभी कुछ और दिन यहां रहकर हज के शेष अरकान अदा करेंगे। 12 जून से 10 जुलाई तक अलग-अलग फ्लाइट से हाजियों के वतन वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
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इनसेट-अल्लाह का शुक्र है बृहस्पतिवार को सकुशल हज अदा हो गया। समिति की ओर से लगातार यात्रियों से संपर्क कर व्यवस्था के बारे में पूछा जा रहा था। राज्य के सभी यात्रियों को हाजी होने का खिताब मिल चुका है। कुछ अरकान अभी बचे हैं। यह पूरा होने के बाद जून से हाजियों के वतन लौटने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जो जुलाई तक चलेगा।-मोहम्मद आरिफ, ईओ, उत्तराखंड राज्य हज समिति।
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तेज गर्मी से वर्ष 2024 में हुई थी 550 हाजियों की मौत
जसपुर। वर्ष 2024 में सऊदी अरब के मक्का में गर्मी के कारण 550 हाजियों की मौत हुई थी। इस वर्ष भी हाजियों के परिजन घटना को लेकर चिंतित थे। जो लगातार मौसम एवं सहूलतों की जानकारी ले रहे थे। जसपुर निवासी राज्य के हज स्टेट सब इंस्पेक्टर हाजी रईस अहमद, हाजी मो. नाजिम एवं हाजी सनव्वर हसन ने बताया कि गत वर्ष जिहिज्जा की 10 एवं 11 तारीख को तवाफुज्जियारह के लिए जमरात से मीना के सफर के दौरान भीषण गर्मी के कारण हाजी बेहोश होकर जमीन पर गिर गए थे। इससे कई हाजियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, लेकिन इस बार कहीं से कोई घटना घटित होने शिकायत नहीं आई और हाजियों ने सकुशल अरकान अदा किए।