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Udham Singh Nagar News: रोज हो रहा कुत्तों का वार, एबीसी सेंटर को संचालन का इंतजार
Wed, 06 Sep 2023 12:19 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 06 Sep 2023 12:19 AM IST
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नगर निगम ने 62 लाख रुपये की लागत से पशु चिकित्सालय परिसर में बनवाया है भवन
निगम प्रशासन अब तक डॉक्टर व स्टाफ की नहीं कर पाया व्यवस्था
काशीपुर। नगर निगम प्रशासन ने लावारिस कुत्तों से निजात दिलाने के लिए पशु चिकित्सालय में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसी) का निर्माण तो करा दिया। निर्माण हुए लगभग एक साल हो गया, लेकिन उसका संचालन अब तक नहीं हो सका है। इधर, शहर और आसपास में लगभग रोजाना ही कुत्तों के हमले में लोग घायल हो रहे हैं।
छह साल पहले लावारिस कुत्तों की बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाने के लिए एबीसी सेंटर बनवाने की कवायद शुरू की थी। तब निगम प्रशासन ने लगभग दो करोड़ छह लाख रुपये का डीपीआर शासन को भेजा था। जिसे अधिक बताकर दोबारा संशोधित डीपीआर बनाकर भेजी गई थी। जिसके बाद शासन से अनुमति मिलने पर निगम प्रशासन ने पशु चिकित्सालय परिसर में 62 लाख की लागत से एबीसी सेंटर बनवा कर लगभग एक साल पहले तैयार करा दिया। बावजूद इसके सेंटर अब तक शुरू नहीं हो सका।
मेयर ऊषा चौधरी ने बताया कि सेंटर का भवन बन चुका है। अब वहां पशु चिकित्सक, कुत्ता पकड़ने के ट्रेनी कर्मचारियों के साथ मेडिकल उपकरण, दवा और वाहनों की आवश्यकता है। पूर्व में वाहनों के टेंडर किए गए थे लेकिन कोई नहीं आया। अब दोबारा टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास है कि जल्दी सेंटर को शुरू करा दिया जाएगा।
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ऐसे काम करेगा एबीसी
काशीपुर। नगर आयुक्त विवेक राय ने बताया कि एबीसी सेंटर शुरू होने के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमने वाले लावारिस कुत्तों को पकड़कर उनका बधियाकरण किया जाएगा। पशु चिकित्सक टीम कुत्तों के ऑपरेशन के बाद दो-तीन दिन सेंटर में भर्ती रखने के छोड़ देगी। जल्द कर्मियों के प्रशिक्षण की योजना बनाई जा रही है। संवाद
कोट1
क्षेत्र में लावारिस कुत्तों का आतंक है। सुबह-सुबह अखबार डालने के लिए जाना पड़ता है। एक साल पहले कुत्ते ने काट लिया था। सरकारी अस्पताल से इलाज चला था। अभी भी सुबह गलियों में जाते वक्त डर तो बना ही रहता है।- किशन कांबोज, निवासी जसपुर खुर्द
कोट2
मैं जब अखबार डालने गलियों में जाता हूं तो लाठी साथ रखता हूं। एक साल पहले एक कुत्ते ने काट लिया था। लंबे समय इलाज चला और काम भी प्रभावित हुआ था। निगम प्रशासन को जल्द एबीसी केंद्र का संचालन करना चाहिए।
सोनू वर्मा, निवासी कानूनगोयान
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निगम प्रशासन अब तक डॉक्टर व स्टाफ की नहीं कर पाया व्यवस्था
काशीपुर। नगर निगम प्रशासन ने लावारिस कुत्तों से निजात दिलाने के लिए पशु चिकित्सालय में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसी) का निर्माण तो करा दिया। निर्माण हुए लगभग एक साल हो गया, लेकिन उसका संचालन अब तक नहीं हो सका है। इधर, शहर और आसपास में लगभग रोजाना ही कुत्तों के हमले में लोग घायल हो रहे हैं।
छह साल पहले लावारिस कुत्तों की बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाने के लिए एबीसी सेंटर बनवाने की कवायद शुरू की थी। तब निगम प्रशासन ने लगभग दो करोड़ छह लाख रुपये का डीपीआर शासन को भेजा था। जिसे अधिक बताकर दोबारा संशोधित डीपीआर बनाकर भेजी गई थी। जिसके बाद शासन से अनुमति मिलने पर निगम प्रशासन ने पशु चिकित्सालय परिसर में 62 लाख की लागत से एबीसी सेंटर बनवा कर लगभग एक साल पहले तैयार करा दिया। बावजूद इसके सेंटर अब तक शुरू नहीं हो सका।
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मेयर ऊषा चौधरी ने बताया कि सेंटर का भवन बन चुका है। अब वहां पशु चिकित्सक, कुत्ता पकड़ने के ट्रेनी कर्मचारियों के साथ मेडिकल उपकरण, दवा और वाहनों की आवश्यकता है। पूर्व में वाहनों के टेंडर किए गए थे लेकिन कोई नहीं आया। अब दोबारा टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास है कि जल्दी सेंटर को शुरू करा दिया जाएगा।
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ऐसे काम करेगा एबीसी
काशीपुर। नगर आयुक्त विवेक राय ने बताया कि एबीसी सेंटर शुरू होने के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमने वाले लावारिस कुत्तों को पकड़कर उनका बधियाकरण किया जाएगा। पशु चिकित्सक टीम कुत्तों के ऑपरेशन के बाद दो-तीन दिन सेंटर में भर्ती रखने के छोड़ देगी। जल्द कर्मियों के प्रशिक्षण की योजना बनाई जा रही है। संवाद
कोट1
क्षेत्र में लावारिस कुत्तों का आतंक है। सुबह-सुबह अखबार डालने के लिए जाना पड़ता है। एक साल पहले कुत्ते ने काट लिया था। सरकारी अस्पताल से इलाज चला था। अभी भी सुबह गलियों में जाते वक्त डर तो बना ही रहता है।- किशन कांबोज, निवासी जसपुर खुर्द
कोट2
मैं जब अखबार डालने गलियों में जाता हूं तो लाठी साथ रखता हूं। एक साल पहले एक कुत्ते ने काट लिया था। लंबे समय इलाज चला और काम भी प्रभावित हुआ था। निगम प्रशासन को जल्द एबीसी केंद्र का संचालन करना चाहिए।
सोनू वर्मा, निवासी कानूनगोयान