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Udham Singh Nagar News: एंबुलेंस बनीं लाइफ-सेविंग सेंटर, वाहन में हुए 50 सुरक्षित प्रसव
Sun, 22 Feb 2026 11:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:56 PM IST
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रुद्रपुर। जिले में चलती एंबुलेंस में 50 सुरक्षित प्रसव होना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) और बीएलएस (बेसिक) स्टाफ की तत्परता का ही नतीजा है कि आपात स्थितियों में सड़क पर भी जीवन सुरक्षित है। हालांकि बढ़ते मरीजों के दबाव ने अब सेवाओं के विस्तार की जरूरत भी साफ कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से नवंबर के बीच एंबुलेंस सेवाओं ने 13,980 आपात मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें 4,663 गर्भावस्था, 1,482 सड़क दुर्घटना, 698 श्वसन रोग, 254 हृदय रोग और 578 तीव्र पेट दर्द के गंभीर मामले थे जबकि 6,305 केस अन्य श्रेणी के रहे।
एएलएस एंबुलेंस की मांग बढ़ी
वर्तमान में जिले में केवल 3 एएलएस और 22 बीएलएस एंबुलेंस सक्रिय हैं। विशेषज्ञों के अनुसार हृदय और श्वसन संबंधी गंभीर मरीजों के लिए एएलएस की संख्या बढ़ाना अनिवार्य है क्योंकि इनके लिए हर मिनट कीमती होता है। काशीपुर, रुद्रपुर और सितारगंज ब्लॉक में एंबुलेंस पर सबसे ज्यादा जिम्मेदारी देखी जा रही है।
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वर्जन
- पिछले दो वर्षों में एंबुलेंस सेवाओं का विस्तार हुआ है। सीमित संसाधनों के बावजूद हम बेहतर आपात सेवाएं देने का प्रयास कर रहे हैं ताकि आम जनमानस को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से नवंबर के बीच एंबुलेंस सेवाओं ने 13,980 आपात मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें 4,663 गर्भावस्था, 1,482 सड़क दुर्घटना, 698 श्वसन रोग, 254 हृदय रोग और 578 तीव्र पेट दर्द के गंभीर मामले थे जबकि 6,305 केस अन्य श्रेणी के रहे।
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एएलएस एंबुलेंस की मांग बढ़ी
वर्तमान में जिले में केवल 3 एएलएस और 22 बीएलएस एंबुलेंस सक्रिय हैं। विशेषज्ञों के अनुसार हृदय और श्वसन संबंधी गंभीर मरीजों के लिए एएलएस की संख्या बढ़ाना अनिवार्य है क्योंकि इनके लिए हर मिनट कीमती होता है। काशीपुर, रुद्रपुर और सितारगंज ब्लॉक में एंबुलेंस पर सबसे ज्यादा जिम्मेदारी देखी जा रही है।
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वर्जन
- पिछले दो वर्षों में एंबुलेंस सेवाओं का विस्तार हुआ है। सीमित संसाधनों के बावजूद हम बेहतर आपात सेवाएं देने का प्रयास कर रहे हैं ताकि आम जनमानस को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ