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फास्टटैग का खेल उजागर होने के बाद बरती जा रही सर्तकता
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किच्छा के चुकटी देवरिया स्थित टोल प्लाजा।
- फोटो : RUDRAPUR
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टोल प्लाजा में वसूले जाने वाले महंगे टैक्स से बचने के लिए यूपी और बिहार में नया खेल सामने आने के बाद चुकटी देवरिया स्थित टोल प्लाजा प्रबंधन भी सतर्क हो गया है। प्रबंधन ने टोल प्लाजा से गुजरी गाड़ियों का डाटा सर्वर से जांचना शुरू कर दिया है। अगर प्रबंधन की जांच में ऐसे मामले पकड़ में आए तो संबंधित वाहन स्वामियों से रिकवरी की जाएगी।
देशभर के टोल प्लाजा में 15 फरवरी से फास्ट टैग अनिवार्य है। बिना फास्टैग लगाए वाहन से दोगुना शुल्क वसूलने का प्रावधान है। अब टोल प्लाजा पर स्वचालित शुल्क कट रहा है। यूपी के प्रयागराज, उन्नाव सहित कुछ जिलों के अलावा बिहार में भी कुछ जगह महंगे टोल शुल्क से बचने के लिए वाहन चालकों का नया खेल पकड़ा गया। इसमें कई बड़ी गाड़ियां छोटी गाड़ियों का फास्टैग लगाकर टोल प्लाजा पार करती पकड़ी गई थी।
एक टू एक्सल वाले टैंकर में मिनी बस का फास्टैग लगाया गया था। ज्यादातर ऐसे वाहन पकड़े गए थे जो छोटी दूरी में चलने के साथ टोल प्लाजा से कई चक्कर लगाते हैं। राजस्व के नुकसान की जानकारी के बाद इन वाहनों से वसूली की गई थी।
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राजस्व नुकसान का मामला समाने आने के बाद चुकटी देवरिया टोल के प्रबंधक राहुल शर्मा ने बताया कि सर्वर खंगालकर ऐसे मामलों को चिह्नित किया जा रहा है। अगर ऐसे वाहन टोल प्लाजा से गुजरे हैं तो आरसी के जरिये उनके मालिकों को मैसेज भेजकर वसूली होगी। इसके लिए परिवहन विभाग की मदद ली जाएगी। एनएचएआई को भी इसकी सूचना दी जाएगी। इसमें मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई भी हो सकती है। प्रावधान है कि साढ़े सात हजार किलोग्राम भार वाले वाहनों को छोटी गाड़ी का फास्टैग दिया जाए। कहा कि फिलहाल अभी तक ऐसे मामले प्रकाश में नहीं आए हैं।
छह श्रेणियों में लिया जा रहा शुल्क
रुद्रपुर। टोल प्लाजा में छह श्रेणियों में फास्टैग से टोल लिया जा रहा है। टोल प्रबंधक ने बताया कि पहली श्रेणी में कार, वैन से 80 रुपये, दूसरी श्रेेणी में मिनी बस और लाइट व्यवसायिक वाहनों से 125 रुपये शुल्क है। तृतीय श्रेणी में दो एक्सल वाली बस और ट्रक से 265 रुपये, तीन एक्सल वाले वाहनों से 290, चार से छह एक्सल वाले वाहनों से 420 रुपये शुल्क लिया जाता है। छह एक्सल से अधिक वाले वाहनों से 510 रुपये शुल्क लिया जाता है।
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देशभर के टोल प्लाजा में 15 फरवरी से फास्ट टैग अनिवार्य है। बिना फास्टैग लगाए वाहन से दोगुना शुल्क वसूलने का प्रावधान है। अब टोल प्लाजा पर स्वचालित शुल्क कट रहा है। यूपी के प्रयागराज, उन्नाव सहित कुछ जिलों के अलावा बिहार में भी कुछ जगह महंगे टोल शुल्क से बचने के लिए वाहन चालकों का नया खेल पकड़ा गया। इसमें कई बड़ी गाड़ियां छोटी गाड़ियों का फास्टैग लगाकर टोल प्लाजा पार करती पकड़ी गई थी।
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एक टू एक्सल वाले टैंकर में मिनी बस का फास्टैग लगाया गया था। ज्यादातर ऐसे वाहन पकड़े गए थे जो छोटी दूरी में चलने के साथ टोल प्लाजा से कई चक्कर लगाते हैं। राजस्व के नुकसान की जानकारी के बाद इन वाहनों से वसूली की गई थी।
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राजस्व नुकसान का मामला समाने आने के बाद चुकटी देवरिया टोल के प्रबंधक राहुल शर्मा ने बताया कि सर्वर खंगालकर ऐसे मामलों को चिह्नित किया जा रहा है। अगर ऐसे वाहन टोल प्लाजा से गुजरे हैं तो आरसी के जरिये उनके मालिकों को मैसेज भेजकर वसूली होगी। इसके लिए परिवहन विभाग की मदद ली जाएगी। एनएचएआई को भी इसकी सूचना दी जाएगी। इसमें मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई भी हो सकती है। प्रावधान है कि साढ़े सात हजार किलोग्राम भार वाले वाहनों को छोटी गाड़ी का फास्टैग दिया जाए। कहा कि फिलहाल अभी तक ऐसे मामले प्रकाश में नहीं आए हैं।
छह श्रेणियों में लिया जा रहा शुल्क
रुद्रपुर। टोल प्लाजा में छह श्रेणियों में फास्टैग से टोल लिया जा रहा है। टोल प्रबंधक ने बताया कि पहली श्रेणी में कार, वैन से 80 रुपये, दूसरी श्रेेणी में मिनी बस और लाइट व्यवसायिक वाहनों से 125 रुपये शुल्क है। तृतीय श्रेणी में दो एक्सल वाली बस और ट्रक से 265 रुपये, तीन एक्सल वाले वाहनों से 290, चार से छह एक्सल वाले वाहनों से 420 रुपये शुल्क लिया जाता है। छह एक्सल से अधिक वाले वाहनों से 510 रुपये शुल्क लिया जाता है।