नवरात्र पर मिलावटी कुट्टू का आटा खिलाने की थी तैयारी, खाद्य सुरक्षा और पुलिस टीम ने मारा छापा
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नवरात्र पर व्रत के दौरान खाए जाने वाले कुट्टू के आटे में मिलावट की बात सामने आई है । खाद्य सुरक्षा और पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को एक चक्की पर छापा मारकर पांच क्विंटल मिलावटी आटा पकड़ा। टीम के अनुसार मुनाफाखोर कुट्टू के आटे में टूटा चावल पिसवाकर मिलावटी आटा तैयार कर रहे थे। टीम ने आटा जब्त कर लिया है। आटे का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
खाद्य निरीक्षक पवन कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक आटा चक्की पर चावल मिलाकर कुट्टू का आटा तैयार किया जा रहा है। छापा पड़ने पर टूटा हुआ चावल और कुट्टू मिलाकर आटा तैयार करते पकड़ा गया। पांच क्विंटल मिलावटी आटा मौके पर पकड़ लिया। टीम के अनुसार यह मिलावटी आटा दुकानों पर सप्लाई करने की तैयारी थी।
पवन कुमार ने बताया कि आटा चक्की स्वामी ने बताया कि एक थोक किराना विक्रेता यहआटा तैयार करवा रहा था। हालांकि मेन बाजार स्थित थोक विक्रेता की दुकान पर छापा मारा गया तो ऐसा कोई सबूत नहीं मिला। उन्होंने कहा कि फिलहाल दस्तावेजों में चक्की स्वामी के नाम पर आटा दर्ज किया गया है। आटे के स्वामित्व को लेकर जांच जारी है।
ऐसे बनता है कुट्टू का आटा बकव्हीट पौधे से निकलने वाले फल तिकोने आकार के होते हैं जिसे पीसकर कुट्टू का आटा तैयार किया जाता है। नवरात्र का व्रत रखने वाले इस आटे की पूड़ियां, पराठे या चीला खाना पसंद
ऐसे करें पहचान
चावल में मिलावट की जांच करने के लिए दोनों हाथों से चावल की कुछ मात्रा रगड़ें। यदि इसमें पीला रंग हो तो हथेली में लग जाएगा। चावल को पानी में भिगोएं और उसमें सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदे डालें। बैंगनी रंग की उपस्थिति पीले रंग की मिलावट को दर्शाती है। चीनी में मिलावट जांचने के लिए चीनी खरीदें उसे हथेली पर रखकर रगड़े। यदि वह चूरा हो जाती है तो समझिए कि सल्फर है। इसमें मिठास कम व कुछ गंध सी आती है। शुद्ध चीनी होने पर उसका चूरा नहीं होगा। दूध की शुद्धता की जांच के लिए आप एक बूंद दूध समतल चिकनी जगह पर डालिए। यदि बूंद स्थिर रहती है तो इसका आशय है कि दूध शुद्ध है। पानी मिले दूध की बूंद सफेदी भी नहीं छोड़ती है। दूध की सही जांच के लिए लेक्टोमीटर भी आता है।
आटे का नमूना लिया गया है। मौके पर मिले आटे को नष्ट भी कराया गया है। लाइसेंस के बिना आटा मिला है तो लाइसेंस कानून के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। जांच में नमूना फेल होने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
- ललित पांडेय, अभिहीत अधिकारी ऊधमसिंह नगर।
बाजार में बिकने वाले मिलावटी खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं। इसके सेवन से फूड प्वाइजनिंग के अलावा लीवर व किडनी के डेमेज होने का खतरा रहता है। लोगों को ब्रांडेड
और विश्वास पात्र दुकानदार से ही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए। इससे मिलावटी खाद्य सामग्री मिलने की संभावना कम रहती है। -डॉ. मदन मोहन, एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर