फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   adulterated buckwheat flour caught.

नवरात्र पर मिलावटी कुट्टू का आटा खिलाने की थी तैयारी, खाद्य सुरक्षा और पुलिस टीम ने मारा छापा

Wed, 30 Mar 2022 02:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जसपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, जसपुर Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Wed, 30 Mar 2022 02:48 PM IST
विज्ञापन
adulterated buckwheat flour caught.
जसपुर में आटा चक्की पर कुट्टू के तैयार आटे का सैंपल लेती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। - फोटो : KASHIPUR

नवरात्र पर व्रत के दौरान खाए जाने वाले कुट्टू के आटे में मिलावट की बात सामने आई है । खाद्य सुरक्षा और पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को एक चक्की पर छापा मारकर पांच क्विंटल मिलावटी आटा पकड़ा। टीम के अनुसार मुनाफाखोर कुट्टू के आटे में टूटा चावल पिसवाकर मिलावटी आटा तैयार कर रहे थे। टीम ने आटा जब्त कर लिया है। आटे का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा गया है।

विज्ञापन

 

खाद्य निरीक्षक पवन कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक आटा चक्की पर चावल मिलाकर कुट्टू का आटा तैयार किया जा रहा है। छापा पड़ने पर टूटा हुआ चावल और कुट्टू मिलाकर आटा तैयार करते पकड़ा गया। पांच क्विंटल मिलावटी आटा मौके पर पकड़ लिया। टीम के अनुसार यह मिलावटी आटा दुकानों पर सप्लाई करने की तैयारी थी।

विज्ञापन

 

पवन कुमार ने बताया कि आटा चक्की स्वामी ने बताया कि एक थोक किराना विक्रेता यहआटा तैयार करवा रहा था। हालांकि मेन बाजार स्थित थोक विक्रेता की दुकान पर छापा मारा गया तो ऐसा कोई सबूत नहीं मिला। उन्होंने कहा कि फिलहाल दस्तावेजों में चक्की स्वामी के नाम पर आटा दर्ज किया गया है। आटे के स्वामित्व को लेकर जांच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे बनता है कुट्टू का आटा बकव्हीट पौधे से निकलने वाले फल तिकोने आकार के होते हैं जिसे पीसकर कुट्टू का आटा तैयार किया जाता है। नवरात्र का व्रत रखने वाले इस आटे की पूड़ियां, पराठे या चीला खाना पसंद

करते हैं। इसका सेवन करने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है। साथ ही यह वजन कम करने में भी सहायक होता है। नवरात्र के व्रतों में लोग कुट्टू के आटे का प्रयोग करते हैं।

ऐसे करें पहचान
चावल में मिलावट की जांच करने के लिए दोनों हाथों से चावल की कुछ मात्रा रगड़ें। यदि इसमें पीला रंग हो तो हथेली में लग जाएगा। चावल को पानी में भिगोएं और उसमें सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदे डालें। बैंगनी रंग की उपस्थिति पीले रंग की मिलावट को दर्शाती है। चीनी में मिलावट जांचने के लिए चीनी खरीदें उसे हथेली पर रखकर रगड़े। यदि वह चूरा हो जाती है तो समझिए कि सल्फर है। इसमें मिठास कम व कुछ गंध सी आती है। शुद्ध चीनी होने पर उसका चूरा नहीं होगा। दूध की शुद्धता की जांच के लिए आप एक बूंद दूध समतल चिकनी जगह पर डालिए। यदि बूंद स्थिर रहती है तो इसका आशय है कि दूध शुद्ध है। पानी मिले दूध की बूंद सफेदी भी नहीं छोड़ती है। दूध की सही जांच के लिए लेक्टोमीटर भी आता है।

आटे का नमूना लिया गया है। मौके पर मिले आटे को नष्ट भी कराया गया है। लाइसेंस के बिना आटा मिला है तो लाइसेंस कानून के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। जांच में नमूना फेल होने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
- ललित पांडेय, अभिहीत अधिकारी ऊधमसिंह नगर।

बाजार में बिकने वाले मिलावटी खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं। इसके सेवन से फूड प्वाइजनिंग के अलावा लीवर व किडनी के डेमेज होने का खतरा रहता है। लोगों को ब्रांडेड

और विश्वास पात्र दुकानदार से ही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए। इससे मिलावटी खाद्य सामग्री मिलने की संभावना कम रहती है। -डॉ. मदन मोहन, एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed