{"_id":"5826087a4f1c1b342fb3aa81","slug":"a-medium-run-sugar-factory-closed-parked","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद पड़ी मझोला शूगर फैक्ट्री को चलाने की कवायद शुरू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद पड़ी मझोला शूगर फैक्ट्री को चलाने की कवायद शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Fri, 11 Nov 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंद पड़ी चीनी मिल मझोला पीलीभीत को एक बार फिर चलाने की तैयारियां वास्तविक धरातल पर आने लगी है। डीएम पीलीभीत की अध्यक्षता में हुई डेलीगेटों की बैठक में आम सहमति बनी कि चीनी मिल को सेंटर रजिस्टार चलाए अथवा किसी को लीज पर दे। एजीएम में चीनी मिल के जीएम की पुरानी व्यवस्था को नकारा गया।
विज्ञापन
यूपी में 2012 से बंद पड़ी मझोला शूगर फैक्ट्री के संचालन के लिए गन्ना किसान लगातार संघर्षरत रहे। वर्ष 1962 के दौरान लगभग 1.36 करोड़ की लागत से बनी चीनी मिल लगातार घाटे में रही। मिल से जुड़े किसान अपने शेयरों के बूते इलाहाबाद हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
विज्ञापन
पांच साल की सुनवाई के बाद सेंटर रजिस्टार नरेश सिंह नई दिल्ली ने मल्टी स्टेट घोषित कर दो माह में बंद मिल की एजीएम कर मिल को चलाने संबंधी प्रस्ताव मांगे। लगभग 35 सदस्यीय एजीएम ने चीनी मिल को सेंटर रजिस्टार की देखरेख में चलाने का प्रस्ताव पारित किया। एजीएम में मिल केजीएम एस कोरस के पूर्व की भांति चलाने के सुझाव को एक स्वर में नकारा और डीएम पीलीभीत मासूम अली सरवर ने पारित प्रस्ताव सेंटर रजिस्टार को प्रेषित किया।
विज्ञापन
मिल नहीं चला पा रहे तो लीज पर दो - सुखराम
चीनी मिल मझोला के बंदी के समय 105 डेलीगेट थे। इसमें से लगभग आधे डेलीगेट मौजूद नहीं हैं। शेष 55 में से 35 डेलीगेट ने सेंटर रजिस्टार पर विश्वास जताया और कहा कि वह स्वयं मिल चलाएं या किसी को लीज पर दें। शूगर फैक्ट्री में उत्तराखंड के 111 गन्ना उत्पादन करने वाले गांव हैं। जबकि यूपी के मात्र 61 गन्ना उत्पादक गांव हैं। मिल डेलीगेट सुखराम मौर्य ने बताया कि चीनी मिल मझोला में उत्तराखंड के किसानों का 60 एवं यूपी के 40 प्रतिशत शेयर हैं।