जियाउद्दीन मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू

ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर। Updated Sun, 05 Mar 2017 12:34 AM IST
 A magisterial inquiry begin
कानपुर में पटरी काटने की सीबीआई जांच शुरू
काशीपुर। पुलिस हिरासत में जियाउद्दीन की मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। डीएम के आदेश पर जांच अधिकारी/एसडीएम ने पुलिस चौकी का मुआयना किया। उन्होंने घटनास्थल वाला कक्ष भी देखा और पुलिस कर्मियों से जानकारी ली। उन्हें घटना के मुकदमे, जीडी सहित अन्य दस्तावेज तलब किए, लेकिन पुलिस कर्मियों ने सीओ के पास होने की बात कही। एसडीएम ने सीओ को पत्र लिखकर जांच के लिए जरूरी घटना से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। आठ मार्च को एसडीएम चौकी में मृतक के परिजनों के बयान दर्ज करेंगे। 

शनिवार की शाम जांच अधिकारी दयानंद सरस्वती तहसीलदार संजय कुमार के साथ कटोराताल पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने तैनात पुलिस कर्मियों से घटनास्थल वाला बैरक खुलवाया। जिस जगह पर जियाउद्दीन के फांसी लगाने की बात पुलिस कर्मियों की ओर से कही जा रही है, उसका निरीक्षण किया। उन्होंने बैरक में लगे पाइप की ऊंचाई का भी आंकलन किया। उन्होंने चौकी की दूसरी बैरक का मुआयना किया, जहां परिजनों ने जियाउद्दीन को पूछताछ के लिए बैठाने की बात कही थी।

उन्होंने एसएसआई लाखन सिंह और चौकी इंचार्ज महेश जोशी से घटना के संबंधित दस्तावेज मांगे। लेकिन उन्होंने दस्तावेज सीओ के पास होने की बात कही। इधर एसडीएम सरस्वती ने बताया कि मजिस्ट्रेटी जांच शुरू की गई है। उन्होंने उस बैरक का निरीक्षण किया, जहां जियाउद्दीन की मौत होने की बात कही गई है। घटना की जीडी, एफआईआर की कॉपी और अन्य दस्तावेजों के लिए सीओ को पत्र लिखा जा रहा है। मामले में पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज होंगे। आठ मार्च को वह मृतक के परिजनों के बयान भी दर्ज करेंगे।

काशीपुर। पुलिस कस्टडी में जियाउद्दीन की मौत की जांच कर रहे विवेचक ने दूसरे दिन सरकारी अस्पताल का रिकार्ड और सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग खंगाली। विवेचक को घटना वाले दिन शव को अस्पताल पहुंचाते पुलिस कर्मियों की फुटेज नहीं मिली। अलबत्ता शव छोड़ने के ढाई घंटे बाद अस्पताल में दरोगा और सिपाही घूमते हुए दिखाई दिए हैं। विवेचक ने जांच के लिए दस्तावेज और रिकार्डिंग को कब्जे में लिया है। 

शनिवार को इंस्पेक्टर पंत ने सरकारी अस्पताल पहुंचकर सीएमएस डॉ. वीके टम्टा से मुलाकात की। उन्होंने जांच का पत्र दिखाते हुए जियाउद्दीन से संबंधित रिकार्ड तलब किए। इमरजेंसी रजिस्टर में 28 फरवरी की रात 8:20 बजे अज्ञात शव का आना दर्ज मिला। स्वास्थ्य कर्मियों ने सूचना पुलिस को भेजी थी। अस्पताल की गैलरी और जिस स्थान पर शव रखा था, वहां लगे कैमरों की फुटेज खंगाली गई। लेकिन शव को लाते हुए पुलिस कर्मियों की कोई फुटेज नहीं मिली।

सीएमएस डॉ. टम्टा ने विवेचक को बताया कि कार्यालय, गैलरी और मुख्य गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे पुराने हो चुके हैं। इनकी मैमोरी की क्षमता कम होने की वजह से तीन दिन बाद रिकार्डिंग खुद ही डिलीट हो जाती है। हालांकि इमरजेंसी कमरे में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग में रात 10:43 बजे एक दरोगा और सिपाही की मौजूदगी रिकार्ड हुई है।

इमरजेंसी के सामने से पैथोलॉजिस्ट वाली गली में स्ट्रेचर ले जाने की झलक भी रिकार्ड हुई है। एक कर्मचारी ने बताया कि दो पुलिस कर्मी शव को अज्ञात बताकर लाए थे। वह रजिस्टर में सूचना दर्ज कर रहे थे कि वे खिसक गए। विवेचक ने जरूरी रिकार्डिंग और दस्तावेज को अपने पास रख लिया।

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