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पहाड़ों में बनाया जाएगा लैंड बैंक : इंदिरा
Udham singh nagar
Updated Thu, 04 Dec 2014 05:30 AM IST
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रुद्रपुर। वाणिज्य एवं औद्योगिक विकास मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि माइक्रो, स्माल, मीडियम इंटरप्राइजेज (एमएसएमई) एक्ट जल्दी बनाया जाएगा। इसमें मैदानी क्षेत्र के साथ पर्वतीय क्षेत्र का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए पर्वतीय क्षेत्र में लैंड बैंक बनाया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री डा. इंदिरा बुधवार को नैनीताल रोड स्थित एक होटल में पीएचडी चैंबर की ओर से आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में उद्योग विकसित करने के लिए लैंड बैंक बनाया जाएगा। उद्योग लगाने वालों को भूमि पर भी छूट दी जाएगी। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में विश्व बैंक की सहायता से मकान, मार्केट बनाए जा रहे हैं। चारधाम यात्रा सुचारु रखने के लिए गांव, बाजार विकसित किए जा रहे हैं। यदि धार्मिक यात्राएं नहीं होंगी, तो रोजी, रोटी प्रभावित होगी। सरकार धार्मिक आकर्षण, पर्यटन बढ़ाने का प्रयास कर रही है। पर्वतीय क्षेत्रों के बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए सरकार वित्तीय संस्था खोलकर लोन दिलाएगी। चैंबर के चेयरमैन राजीव घई ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के विकास को गति देना जरूरी है। जिसके लिए प्रदेश सरकार अपनी नीतियों में प्राथमिकता दे रही है। एमएसएमई एक्ट लागू होने के बाद पर्वतीय क्षेत्र में भी छोटे-छोटे उद्योग लगेंगे। उन्होंने कहा कि एक सर्वे के अनुसार वर्ष 2023 तक प्रदेश में 11 लाख नौकरी होंगी। इसके लिए अभी से स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने की जरूरत है। शिक्षा, उद्योग, कृषि, पर्यटन से ही प्रदेश का विकास होगा। वहां चैंबर के रेजीडेंट डायरेक्टर अनिल तनेजा, निदेशक उद्योग एचसी नौटियाल, नेशनल स्टाक एक्सचेंज की राना उस्मान, डा. डीके सिंह, अरुण कुमार, कर्नल प्रमोद शर्मा आदि थे।
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कैबिनेट मंत्री डा. इंदिरा बुधवार को नैनीताल रोड स्थित एक होटल में पीएचडी चैंबर की ओर से आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में उद्योग विकसित करने के लिए लैंड बैंक बनाया जाएगा। उद्योग लगाने वालों को भूमि पर भी छूट दी जाएगी। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में विश्व बैंक की सहायता से मकान, मार्केट बनाए जा रहे हैं। चारधाम यात्रा सुचारु रखने के लिए गांव, बाजार विकसित किए जा रहे हैं। यदि धार्मिक यात्राएं नहीं होंगी, तो रोजी, रोटी प्रभावित होगी। सरकार धार्मिक आकर्षण, पर्यटन बढ़ाने का प्रयास कर रही है। पर्वतीय क्षेत्रों के बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए सरकार वित्तीय संस्था खोलकर लोन दिलाएगी। चैंबर के चेयरमैन राजीव घई ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के विकास को गति देना जरूरी है। जिसके लिए प्रदेश सरकार अपनी नीतियों में प्राथमिकता दे रही है। एमएसएमई एक्ट लागू होने के बाद पर्वतीय क्षेत्र में भी छोटे-छोटे उद्योग लगेंगे। उन्होंने कहा कि एक सर्वे के अनुसार वर्ष 2023 तक प्रदेश में 11 लाख नौकरी होंगी। इसके लिए अभी से स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने की जरूरत है। शिक्षा, उद्योग, कृषि, पर्यटन से ही प्रदेश का विकास होगा। वहां चैंबर के रेजीडेंट डायरेक्टर अनिल तनेजा, निदेशक उद्योग एचसी नौटियाल, नेशनल स्टाक एक्सचेंज की राना उस्मान, डा. डीके सिंह, अरुण कुमार, कर्नल प्रमोद शर्मा आदि थे।
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