{"_id":"118-77971","slug":"Udham-singh-nagar-77971-118","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंतनगर के पोल्ट्री फार्म से मुफ्त तकनीकी जानकारी लें किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंतनगर के पोल्ट्री फार्म से मुफ्त तकनीकी जानकारी लें किसान
Udham singh nagar
Updated Wed, 21 May 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंतनगर। कुक्कुट पालन आज तेजी से विकसित हो रहा व्यवसाय है। इसे अपनाकर कोई भी व्यक्ति सुगमता से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकता है। कुक्कुट पालन व्यवसाय मुख्य रूप से मांस और अंडे के लिए किया जाता है। अंडा उत्पादन कारोबार से आय प्राप्त करने में छह माह का समय लग जाता है, जबकि ब्रायलर पालन से दो माह से भी कम समय में आय होने लगती है।
कुक्कुट पालन व्यवसाय के महत्व को देखते हुए पंतनगर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक कुक्कुट फार्म की स्थापना की थी। पोल्ट्री फार्म बहुउद्देशीय है, लेकिन इसे व्यावसायिक उद्देश्यों से अलग रखा गया है। इसका मुख्य कार्य शैक्षिक जानकारी उपलब्ध कराना, शोध, प्रसार कार्यक्रमों का संचालन करना और किसानों को उन्नत नस्ल के चूजे उपलब्ध कराना है। पोल्ट्री में छह हजार पक्षी हैं। इनसे प्रतिदिन लगभग एक हजार अंडे मिलते हैं। पक्षियों को नो लॉस-नो प्रॉफिट आधार पर बेचा जाता है। अंडे बच्चे पैदा करने के काम में लाए जाते हैं। पोल्ट्री फार्म पर किसानों, मुर्गीपालकों को मुर्गीपालन की नि:शुल्क तकनीकी जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। मुर्गीपालकों को मुर्गी, गिनी फाउल, बटेर के चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं। पोल्ट्री फार्म में रोग निदान की जानकारी भी दी जाती है। पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित डिजीज डाइग्नोस्टिक लैब में बीमार मुर्गियों के इलाज की व्यवस्था की गई है। मृत मुर्गियों को लैब लाकर बीमारी के लक्षण, उपचार के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। मुर्गीपालकों के लिए पानी की जांच, एंटीबायोटिक सेंसेटिविटी टेस्ट जैसी सुविधाएं भी लैब में उपलब्ध कराई गई हैं।
पंतनगर विवि से पोल्ट्री में करें पीएचडी
पंतनगर। पंत कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित बीवीएससी पाठ्यक्रम में पोल्ट्री को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाता है। पोल्ट्री प्रोडक्शन में एमवीएससी और पीएचडी पाठ्यक्रमों की शिक्षा दी जाती है। पोल्ट्री संबंधी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को पोल्ट्री फार्म में प्रायोगिक प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
विज्ञापन
डा. जीके सिंह
अधिष्ठाता पशुचिकित्सा महाविद्यालय, पंतनगर।
विज्ञापन
कुक्कुट पालन व्यवसाय के महत्व को देखते हुए पंतनगर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक कुक्कुट फार्म की स्थापना की थी। पोल्ट्री फार्म बहुउद्देशीय है, लेकिन इसे व्यावसायिक उद्देश्यों से अलग रखा गया है। इसका मुख्य कार्य शैक्षिक जानकारी उपलब्ध कराना, शोध, प्रसार कार्यक्रमों का संचालन करना और किसानों को उन्नत नस्ल के चूजे उपलब्ध कराना है। पोल्ट्री में छह हजार पक्षी हैं। इनसे प्रतिदिन लगभग एक हजार अंडे मिलते हैं। पक्षियों को नो लॉस-नो प्रॉफिट आधार पर बेचा जाता है। अंडे बच्चे पैदा करने के काम में लाए जाते हैं। पोल्ट्री फार्म पर किसानों, मुर्गीपालकों को मुर्गीपालन की नि:शुल्क तकनीकी जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। मुर्गीपालकों को मुर्गी, गिनी फाउल, बटेर के चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं। पोल्ट्री फार्म में रोग निदान की जानकारी भी दी जाती है। पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित डिजीज डाइग्नोस्टिक लैब में बीमार मुर्गियों के इलाज की व्यवस्था की गई है। मृत मुर्गियों को लैब लाकर बीमारी के लक्षण, उपचार के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। मुर्गीपालकों के लिए पानी की जांच, एंटीबायोटिक सेंसेटिविटी टेस्ट जैसी सुविधाएं भी लैब में उपलब्ध कराई गई हैं।
विज्ञापन
पंतनगर विवि से पोल्ट्री में करें पीएचडी
पंतनगर। पंत कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित बीवीएससी पाठ्यक्रम में पोल्ट्री को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाता है। पोल्ट्री प्रोडक्शन में एमवीएससी और पीएचडी पाठ्यक्रमों की शिक्षा दी जाती है। पोल्ट्री संबंधी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को पोल्ट्री फार्म में प्रायोगिक प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
विज्ञापन
डा. जीके सिंह
अधिष्ठाता पशुचिकित्सा महाविद्यालय, पंतनगर।