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घोषणाओं की वैतरणी में धामी 80 फीसदी पार!
Udham singh nagar
Updated Tue, 12 Mar 2013 05:32 AM IST
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खटीमा। जन भावनाओं में खरा उतरने के प्रयास में जुटे विधायक पुष्कर सिंह धामी एक वर्ष के कार्यकाल में लगभग 80 प्रतिशत चुनावी घोषणाएं पूरा कराने का दावा करते हैं। उन्होंने एक पालीटेक्निक कालेज और उसके लिए पांच एकड़ भूमि स्वीकृत करा ली है। इसके अतिरिक्त बाढ़ सुरक्षा के लिए पांच करोड़, बीएडीपी के तहत तीन करोड़, सीसी मार्ग और खड़ंजे व पुनर्निर्माण, दुर्गम स्वचलित क्षेत्र के मार्गों के लिए दो करोड़ तीस लाख रुपये स्वीकृत कराए हैं।
आम जनता वास्तविक धरातल पर समस्याओं का अंबार बताती है। सीमांत क्षेत्र की ज्वलंत समस्या थारु गैरथारु भूमि विवाद अनछुआ पहलू है। जनता वर्ग-चार, सीलिंग एक्ट, लीज नवीनीकरण, वन एवं केनाल की जमीन के ऊंचे और खाली हिस्से में बसे परिवारों की समस्याएं पूर्वत हैं। 816 राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण और शेष को चयन प्रक्रिया में शामिल करने का कार्य हुआ। जनता नगर पालिका की तंगहाली से अवरुद्ध विकास को लेकर चिंतित है। संवेदनशील तहसील के तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी वाहनों के अभाव में पैदल हैं। लगातार बढ़ रहे आबादी के घनत्व और कंक्रीट होती बेशकीमती उपजाऊ जमीन, रोडवेज बस स्टेशन व उसके आसपास महिला तो क्या पुरुष शौचालय तक मयसर नहीं है। अतिक्रमण की जद में आए व्यापारियों, प्रदूषण फैला रहे स्थानीय उद्योगों में क्षेत्रीय बेरोजगारों के रोजगार का प्रतिशत शून्य होने के मामलों में भी उम्मीदें विधायक धामी पर ही लगी हैं।
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आम जनता वास्तविक धरातल पर समस्याओं का अंबार बताती है। सीमांत क्षेत्र की ज्वलंत समस्या थारु गैरथारु भूमि विवाद अनछुआ पहलू है। जनता वर्ग-चार, सीलिंग एक्ट, लीज नवीनीकरण, वन एवं केनाल की जमीन के ऊंचे और खाली हिस्से में बसे परिवारों की समस्याएं पूर्वत हैं। 816 राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण और शेष को चयन प्रक्रिया में शामिल करने का कार्य हुआ। जनता नगर पालिका की तंगहाली से अवरुद्ध विकास को लेकर चिंतित है। संवेदनशील तहसील के तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी वाहनों के अभाव में पैदल हैं। लगातार बढ़ रहे आबादी के घनत्व और कंक्रीट होती बेशकीमती उपजाऊ जमीन, रोडवेज बस स्टेशन व उसके आसपास महिला तो क्या पुरुष शौचालय तक मयसर नहीं है। अतिक्रमण की जद में आए व्यापारियों, प्रदूषण फैला रहे स्थानीय उद्योगों में क्षेत्रीय बेरोजगारों के रोजगार का प्रतिशत शून्य होने के मामलों में भी उम्मीदें विधायक धामी पर ही लगी हैं।
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