{"_id":"35841","slug":"Udham-singh-nagar-35841-118","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई स्वास्थ्य नीति आड़े आई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई स्वास्थ्य नीति आड़े आई
Udham singh nagar
Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। होम्योपैथिक इलाज के प्रति जहां लोगों का रुझान बढ़ रहा है, लेकिन नई स्वास्थ्य नीति के तहत नए होम्योपैथिक चिकित्सालय का प्रस्ताव निदेशालय में लंबित पड़ा है। जिले में 10 होम्योपैथिक चिकित्सालय संचालित हैं, जिसमें तीन एनआरएचएम तथा सात राजकीय चिकित्सालय हैं। इन चिकित्सालयों में प्रति वर्ष इलाज कराने वालों की संख्या बढ़ रही है। जहां वर्ष 2010-11 में 86072 मरीजों ने अपना उपचार कराया तो वर्ष 2011-12 में भी यह आंकड़ा 80 हजार के करीब रहा। मरीजों का होम्योपैथिक के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए जिला होम्योपैथिक अधिकारी द्वारा पंतनगर, नानकमत्ता, गूलरभोज, शांतिपुरी, प्रतापपुर, पंतनगर में चिकित्सालय खोलने का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा है। लेकिन नई स्वास्थ्य नीति के तहत मैदानी क्षेत्र में 10 किमी और पर्वतीय क्षेत्र में 5 किमी के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं होने पर नया चिकित्सालय खोलने पर रोक लगाई गई है। इसके चलते प्रस्ताव निदेशालय में लंबित पड़ा है। दो वर्ष पहले तत्कालीन सीएम निशंक ने नादेही चीनी मिल में होम्योपैथिक चिकित्सालय खोलने के निर्देश दिए थे। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई, लेकिन नीति आड़े आने पर चिकित्सालय नहीं खुल पाया। नए चिकित्सालय न खुलने के कारण होम्योपैथिक इलाज कराने वाले रोगी इधर-उधर भटक रहे हैं।
पहले जिला योजना में प्रस्ताव रखा जाता था। और यहीं से नए चिकित्सालय का प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता था। लेकिन कुछ वर्षों से इसे बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य नीति के कारण दिक्कत आ रही है।
डा. बीडी जोशी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी
नए चिकित्सालय खोलने के लिए शासन को स्वीकृति के लिए लिखा गया है। शासन से अनुमति मिलने पर प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया जाएगा।
डा. बीएस कनवासी, निदेशक, होम्योपैथिक
विज्ञापन
पहले जिला योजना में प्रस्ताव रखा जाता था। और यहीं से नए चिकित्सालय का प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता था। लेकिन कुछ वर्षों से इसे बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य नीति के कारण दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
डा. बीडी जोशी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी
नए चिकित्सालय खोलने के लिए शासन को स्वीकृति के लिए लिखा गया है। शासन से अनुमति मिलने पर प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया जाएगा।
डा. बीएस कनवासी, निदेशक, होम्योपैथिक