{"_id":"5a945be24f1c1bff388ba5d0","slug":"61519672290-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरातत्व विभाग की टीम ने की भूखंड से मिले सिक्कों की पड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरातत्व विभाग की टीम ने की भूखंड से मिले सिक्कों की पड़ताल
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। श्री गौड़ ब्राह्मण सभा के खाली पड़े भूखंड से डेढ़ सौ साल पुराने तांबे के सिक्के मिलने की सूचना पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली।
उन्होंने नींव की खुदाई में निकले सिक्कों का भी अवलोकन किया। टीम ने बताया कि उक्त सिक्के ब्रिटिशकाल के हैं। इनसे किसी प्राचीन सभ्यता के संकेत नहीं मिलते।
मोहल्ला लाहौरियान स्थित श्री गौड़ ब्राह्मण सभा के खाली पड़े भूखंड की चहारदीवारी कराने को पिलर के लिए खोदे गए गड्ढे से छोटे घड़े में तांबे के सिक्के बरामद हुए। यह सिक्के 19 वीं शताब्दी के होना पाए गए।
विज्ञापन
सभा अध्यक्ष अनिल शर्मा ने इन सिक्कों को अपने पास सुरक्षित रख लिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की अधीक्षक लिली धस्माना के निर्देश पर सोमवार को पुरातत्वविद् डॉ. राजीव पांडे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों से खुदाई में निकले सिक्कों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने बताया कि उक्त सिक्के ब्रिटिश काल के हैं। इन सिक्कों का कोई प्राचीन महत्व नहीं है। पुरातात्विक महत्व की दृष्टि से कोई भी धातु अथवा अवशेष पांच वर्ष से अधिक प्राचीन होना चाहिए। यह अवशेष एक स्थल के आस-पास क्षेत्रों में समान रूप में मिलने चाहिए। ताकि किसी सभ्यता के बारे में जानकारी हासिल हो सके।
विज्ञापन
उन्होंने नींव की खुदाई में निकले सिक्कों का भी अवलोकन किया। टीम ने बताया कि उक्त सिक्के ब्रिटिशकाल के हैं। इनसे किसी प्राचीन सभ्यता के संकेत नहीं मिलते।
विज्ञापन
मोहल्ला लाहौरियान स्थित श्री गौड़ ब्राह्मण सभा के खाली पड़े भूखंड की चहारदीवारी कराने को पिलर के लिए खोदे गए गड्ढे से छोटे घड़े में तांबे के सिक्के बरामद हुए। यह सिक्के 19 वीं शताब्दी के होना पाए गए।
विज्ञापन
सभा अध्यक्ष अनिल शर्मा ने इन सिक्कों को अपने पास सुरक्षित रख लिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की अधीक्षक लिली धस्माना के निर्देश पर सोमवार को पुरातत्वविद् डॉ. राजीव पांडे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों से खुदाई में निकले सिक्कों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने बताया कि उक्त सिक्के ब्रिटिश काल के हैं। इन सिक्कों का कोई प्राचीन महत्व नहीं है। पुरातात्विक महत्व की दृष्टि से कोई भी धातु अथवा अवशेष पांच वर्ष से अधिक प्राचीन होना चाहिए। यह अवशेष एक स्थल के आस-पास क्षेत्रों में समान रूप में मिलने चाहिए। ताकि किसी सभ्यता के बारे में जानकारी हासिल हो सके।