{"_id":"5a945be34f1c1b387b8b8d86","slug":"41519672291-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्वतखोर पटवारी को निलंबित किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिश्वतखोर पटवारी को निलंबित किया
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। डेढ़ महीने पहले किसान से रिपोर्ट लगाने की एवज में 10 हजार की घूस लेते रंगेहाथ पकड़े गए पटवारी को डीएम ने निलंबित कर दिया है।
बता दें कि ग्राम महतोष गदरपुर निवासी मुहम्मद आसिफ अंसारी का महतोष मोड़ पर स्थित पुश्तैनी मकान एनएच चौड़ीकरण की जद में आ रहा था। मुआवजा पाने के लिए आसिफ को पटवारी की रिपोर्ट की जरूरत थी। उसने पटवारी सुशील जुनेजा से रिपोर्ट बनाने की गुजारिश की तो उसने रिश्वत के रुप में 25 हजार रुपये मांगे थे, लेकिन फिर सौदा दस हजार में तय हो गया था।
आसिफ ने इसकी लिखित शिकायत विजिलेंस विंग से की थी। बीती 20 जनवरी को विजिलेंस टीम ने सुशील जुनेजा को 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पटवारी को जेल भेजने के बाद उसके खाते भी फ्रीज कर दिए गए थे। पटवारी की बेनामी संपत्ति की जांच भी की गई थी। इधर, जिला प्रशासन ने पटवारी को निलंबित कर दिया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रताप शाह ने बताया कि रिपोर्ट देरी से मिलने की वजह से निलंबन की कार्रवाई में विलंब हुआ था।
विज्ञापन
बता दें कि ग्राम महतोष गदरपुर निवासी मुहम्मद आसिफ अंसारी का महतोष मोड़ पर स्थित पुश्तैनी मकान एनएच चौड़ीकरण की जद में आ रहा था। मुआवजा पाने के लिए आसिफ को पटवारी की रिपोर्ट की जरूरत थी। उसने पटवारी सुशील जुनेजा से रिपोर्ट बनाने की गुजारिश की तो उसने रिश्वत के रुप में 25 हजार रुपये मांगे थे, लेकिन फिर सौदा दस हजार में तय हो गया था।
आसिफ ने इसकी लिखित शिकायत विजिलेंस विंग से की थी। बीती 20 जनवरी को विजिलेंस टीम ने सुशील जुनेजा को 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पटवारी को जेल भेजने के बाद उसके खाते भी फ्रीज कर दिए गए थे। पटवारी की बेनामी संपत्ति की जांच भी की गई थी। इधर, जिला प्रशासन ने पटवारी को निलंबित कर दिया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रताप शाह ने बताया कि रिपोर्ट देरी से मिलने की वजह से निलंबन की कार्रवाई में विलंब हुआ था।
विज्ञापन