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ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में एयर फोर्स का जवान शहीद
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:59 PM IST
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काशीपुर का सैनिक
- फोटो : अमर उजाला
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काशीपुर। कर्नाटक में तैनात वायुसेना के काशीपुर निवासी जवान की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह वायुसेना में लांसनायक के पद पर तैनात था। बुधवार को कर्नाटक से जवान का पार्थिव शरीर काशीपुर लाया जाएगा।
काशीपुर के महेशपुरा निवासी पूरन सिंह के छोटे पुत्र मोहन सिंह (25) एयर फोर्स में लांसनायक के पद पर कर्नाटक में तैनात थे। 31 दिसंबर को देर शाम वायुसेना के विंग कमांडर बलवीर ने मोहन के फूफा रामगोपाल को फोन से सूचना दी कि मोहन हैदराबाद से 150 किमी दूर जिला विदर्भ (कर्नाटक) में हुई एक दुर्घटना में शहीद हो गए हैं। शव लेने के लिए परिवार के दो-तीन सदस्यों को हैदराबाद भेज दो। वहां फौज के जवान लोग उन्हें रिसीव करेंगे। तब बुधवार को उनको शव के साथ हवाई जहाज से दिल्ली उसके बाद किसी वाहन से काशीपुर भेजा जाएगा। साथ में वायुसेना के जवान भी होंगे। विंग कमांडर ने यह नहीं बताया कि किस प्रकार की दुर्घटना में मोहन शहीद हुए। मोहन के शहीद होने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। शहीद की माता को केवल इतना बताया गया कि मोहन के साथ दुर्घटना हुई है। इतना सुनते ही वह बेहोश हो गई है। शहीद के पिता पूरन ने रूंधे गले से बताया कि मोहन अविवाहित था। घर में उसकी माता कमला देवी, बड़ा भाई संदीप, भाभी सीमा, उसकी छोटी बहन पूजा, भतीजी है। खुशमिजाज मोहन सबका लाडला था। मोहल्ले के लोग उसको अच्छा मानते थे। मोहन 15 दिन की छुट्टी पर घर आने वाला था। वह वर्ष 2013 में वायुसेना में शामिल हुआ था। पूरन खेती करते हैं।
बेटे की शहादत पर पिता को गर्व
काशीपुर। मोहन के शहीद होने की खबर से मोहल्ले में भी मातम पसरा है। घर में रिश्तेदारों का तांता लगा है। शहीद के पिता पूरन सिंह गुमसुम हैं। शहीद के पिता ने कहा कि जवान पुत्र की मौत से काफी दुखी हैं, लेकिन उन्हें गर्व है कि उनका पुत्र देश की सेवा करते शहीद हुआ है। उसने खानदान का नाम रोशन किया है। इधर, शहीद के फूफा रामगोपाल ने बताया कि मोहन उससे काफी प्रेम करता था। उनके फोन पर ही बात करता था। मोहन ने अपने दस्तावेज में उन्हीं का नंबर लिखवाया था, इसलिए अधिकारियों ने उन्हें ही फोन किया।
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शव लेने परिजन कर्नाटक गए
काशीपुर। पिता पूरन सिंह ने बताया कि मोहन सिंह 31 दिसंबर को शहीद हो गया था। एक जनवरी को शव लेने के लिए मोहन के बड़े भाई संदीप, चाचा टेक चंद विदर्भ के लिए रवाना हो गए। वह यहां से दिल्ली, वहां से वायुमार्ग से हैदराबाद जाएंगे। हैदराबाद में उन्हें लेने वायुसेना का वाहन आएगा। वे दोनों बुधवार को विदर्भ पहुंच जाएंगे। बुधवार सुबह शव लेकर वे हैदराबाद से वायु मार्ग से दिल्ली आएंगे। वहां से किसी वाहन से दोपहर करीब एक बजे काशीपुर पहुंच जाएंगे।
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काशीपुर के महेशपुरा निवासी पूरन सिंह के छोटे पुत्र मोहन सिंह (25) एयर फोर्स में लांसनायक के पद पर कर्नाटक में तैनात थे। 31 दिसंबर को देर शाम वायुसेना के विंग कमांडर बलवीर ने मोहन के फूफा रामगोपाल को फोन से सूचना दी कि मोहन हैदराबाद से 150 किमी दूर जिला विदर्भ (कर्नाटक) में हुई एक दुर्घटना में शहीद हो गए हैं। शव लेने के लिए परिवार के दो-तीन सदस्यों को हैदराबाद भेज दो। वहां फौज के जवान लोग उन्हें रिसीव करेंगे। तब बुधवार को उनको शव के साथ हवाई जहाज से दिल्ली उसके बाद किसी वाहन से काशीपुर भेजा जाएगा। साथ में वायुसेना के जवान भी होंगे। विंग कमांडर ने यह नहीं बताया कि किस प्रकार की दुर्घटना में मोहन शहीद हुए। मोहन के शहीद होने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। शहीद की माता को केवल इतना बताया गया कि मोहन के साथ दुर्घटना हुई है। इतना सुनते ही वह बेहोश हो गई है। शहीद के पिता पूरन ने रूंधे गले से बताया कि मोहन अविवाहित था। घर में उसकी माता कमला देवी, बड़ा भाई संदीप, भाभी सीमा, उसकी छोटी बहन पूजा, भतीजी है। खुशमिजाज मोहन सबका लाडला था। मोहल्ले के लोग उसको अच्छा मानते थे। मोहन 15 दिन की छुट्टी पर घर आने वाला था। वह वर्ष 2013 में वायुसेना में शामिल हुआ था। पूरन खेती करते हैं।
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बेटे की शहादत पर पिता को गर्व
काशीपुर। मोहन के शहीद होने की खबर से मोहल्ले में भी मातम पसरा है। घर में रिश्तेदारों का तांता लगा है। शहीद के पिता पूरन सिंह गुमसुम हैं। शहीद के पिता ने कहा कि जवान पुत्र की मौत से काफी दुखी हैं, लेकिन उन्हें गर्व है कि उनका पुत्र देश की सेवा करते शहीद हुआ है। उसने खानदान का नाम रोशन किया है। इधर, शहीद के फूफा रामगोपाल ने बताया कि मोहन उससे काफी प्रेम करता था। उनके फोन पर ही बात करता था। मोहन ने अपने दस्तावेज में उन्हीं का नंबर लिखवाया था, इसलिए अधिकारियों ने उन्हें ही फोन किया।
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शव लेने परिजन कर्नाटक गए
काशीपुर। पिता पूरन सिंह ने बताया कि मोहन सिंह 31 दिसंबर को शहीद हो गया था। एक जनवरी को शव लेने के लिए मोहन के बड़े भाई संदीप, चाचा टेक चंद विदर्भ के लिए रवाना हो गए। वह यहां से दिल्ली, वहां से वायुमार्ग से हैदराबाद जाएंगे। हैदराबाद में उन्हें लेने वायुसेना का वाहन आएगा। वे दोनों बुधवार को विदर्भ पहुंच जाएंगे। बुधवार सुबह शव लेकर वे हैदराबाद से वायु मार्ग से दिल्ली आएंगे। वहां से किसी वाहन से दोपहर करीब एक बजे काशीपुर पहुंच जाएंगे।