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इलाज के नाम पर मरीज के तिमारदार से रिश्वत लेने का आरोप
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:35 AM IST
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जसपुर। एक व्यक्ति ने इलाज के नाम पर सरकारी अस्पताल के डॉक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। आरोप है कि आपातकालीन कक्ष में डॉक्टर ने मरीज के तीमारदार से 500 रुपये मांग लिए। घटना की जानकारी होने पर विधायक ने सीसीटीवी से फुटेज निकलवाई और घटना से स्वास्थ्य अधिकारियों को अवगत कराया। डॉक्टर ने रिश्वत लेने से इनकार किया है।
बृहस्पतिवार की रात करीब 12:30 बजे कांग्रेस नेता सनी पधान ने उल्टी दस्त से बीमार अपने पड़ोसी अमित चौहान (30) को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंचे। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने तीमारदार से उपचार करने के लिए 500 रुपये मांगे। नहीं देने पर मरीज को काशीपुर रेफर करने की चेतावनी दी। मरीज की नाजुक हालत देखते हुए तीमारदार ने डॉक्टर को 500 रुपये दे दिए। इसके बाद डॉक्टर ने उपचार करना शुरू किया।
यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। तीमारदार ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर ने ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में थे। ड्यूटी पर तैनात एक कंपाउंडर ने डॉक्टर से तीमारदार को विधायक का समर्थक बताया तो डॉक्टर ने 500 रुपये लौटा दिए। तीमारदार ने शुक्रवार को इस घटना की जानकारी विधायक आदेश चौहान को दी। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर सीसीटीवी की फुटेज निकलवाई तथा उसकी कॉपी अपनी पैनड्राइव में ली और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉक्टर देवेश चौहान ने कहा कि तीमारदार और डॉक्टर में गलतफहमी हो गई थी। रिश्वत लेने, शराब पीकर ड्यूटी करने की बात निराधार है।
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सीएमओ एसके शाह ने कहा प्रभारी चिकित्साधीक्षक से घटना की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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बृहस्पतिवार की रात करीब 12:30 बजे कांग्रेस नेता सनी पधान ने उल्टी दस्त से बीमार अपने पड़ोसी अमित चौहान (30) को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंचे। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने तीमारदार से उपचार करने के लिए 500 रुपये मांगे। नहीं देने पर मरीज को काशीपुर रेफर करने की चेतावनी दी। मरीज की नाजुक हालत देखते हुए तीमारदार ने डॉक्टर को 500 रुपये दे दिए। इसके बाद डॉक्टर ने उपचार करना शुरू किया।
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यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। तीमारदार ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर ने ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में थे। ड्यूटी पर तैनात एक कंपाउंडर ने डॉक्टर से तीमारदार को विधायक का समर्थक बताया तो डॉक्टर ने 500 रुपये लौटा दिए। तीमारदार ने शुक्रवार को इस घटना की जानकारी विधायक आदेश चौहान को दी। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर सीसीटीवी की फुटेज निकलवाई तथा उसकी कॉपी अपनी पैनड्राइव में ली और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉक्टर देवेश चौहान ने कहा कि तीमारदार और डॉक्टर में गलतफहमी हो गई थी। रिश्वत लेने, शराब पीकर ड्यूटी करने की बात निराधार है।
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सीएमओ एसके शाह ने कहा प्रभारी चिकित्साधीक्षक से घटना की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।