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जेल की भूमि पर बस सकते हैं जमरानी बांध से प्रभावित 142 परिवार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2019 12:42 AM IST
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142 families affected by Jamrani dam can settle on jail land
सितारगंज सिडकुल में एसएसबी भवन के पीछे पैमाइश के दौरान फन उठाता कोबरा। - फोटो : SITARGANJ
सितारगंज। जमरानी बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे आठ गांवों के 142 परिवारों को सितारगंज में संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) की भूमि पर बसाया जा सकता है। इसके लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है।
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मंगलवार को एसडीएम के नेतृत्व में जिले की तीन तहसीलों के राजस्व, चकबंदी और सर्वे विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने जेल की भूमि का मुआयना कर पैमाइश शुरू की। एसडीएम ने बताया कि पैमाइश के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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बता दें कि हाल ही में सिंचाई अधिकारियों ने किच्छा और पंतनगर के बीच खुरपिया, प्रागफार्म और सितारगंज की खुली जेल की भूमि के अलावा खटीमा और चंपावत जिले के टनकपुर क्षेत्र में खाली पड़ी सरकारी जमीन की तलाश की थी। एसडीएम विवेक प्रकाश ने बताया कि कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला के आदेश पर सितारगंज की संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) की जमीन चिह्नित कर पैमाइश की जा रही है।
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मंगलवार को पहले दिन सिडकुल के आसपास स्थित जेल की सरकारी भूमि का चयन किया गया। इसमें कल्याणपुर गांव के अलावा लालरखास, लालरपट्टी और बरा क्षेत्र में पैमाइश की गई है। पैमाइश का काम पूर्ण होने के बाद ही पता चल सकेगा कि जेल की कितनी भूमि खाली पड़ी है। सिंचाई विभाग के मुताबिक जमरानी बांध से प्रभावित आठ गांव के करीब 142 परिवारों को एक ही गांव में बसाने के लिए करीब 400 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी।
पैमाइश बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी सुभाष चंद्र गुप्ता, बाजपुर के चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग, काशीपुर के संजय आर्य, किच्छा के किशोरी कुटियाल, किच्छा तहसीलदार महेंद्र सिंह बिष्ट, सितारगंज के तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी, खटीमा के यूसुफ अली समेत राजस्व व सर्वे के लेखपाल और कानूनगो भी पैमाइश में जुटे हैं।
एसडीएम ने बताया कि पैमाइश की रिपोर्ट और नक्शा तैयार कर रिपोर्ट करीब सप्ताह भर में शासन को भेजी जाएगी। पैमाइश में जेल की कितनी भूमि पर खेती हो रही है, कितनी बंजर है और कितनी जमीन पर नदी नाले हैं। यह पैमाइश के बाद ही सामने आएगा।

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पैमाइश के दौरान सांपों के निकलने से दहशत
सितारगंज। जेल भूमि पर पैमाइश के दौरान एसएसबी भवन के पीछे करीब आठ फिट का एक कोबरा निकल आया। इससे कर्मचारियों में दहशत फैल गई। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी सुभाष चंद्र गुप्ता ने बताया कि पैमाइश के दौरान सुबह से तीन सांप देखे गए। विषम परिस्थितियों में कर्मचारी पैमाइश कर रहे हैं। उन्होंने पैमाइश के दौरान वन टीम की तैनाती की मांग की है।

सितारगंज में संपूर्णानंद खुली जेल की जमीन की पैमाइश करते अधिकारी।

सितारगंज में संपूर्णानंद खुली जेल की जमीन की पैमाइश करते अधिकारी।- फोटो : SITARGANJ

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