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एसआईटी की रडार पर 22 काश्तकार, गलत तरीके से लिया था मुआवजा
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:46 AM IST
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी के रडार में बाजपुर तहसील के 22 काश्तकार हैं। ये वे काश्तकार हैं जिन्होंने बैक डेट में जमीनों की 143 कराकर करोड़ों का मुआवजा लिया था। इनमें से एसआईटी 20 काश्तकारों से पूछताछ कर कई अहम दस्तावेज भी जुटा चुकी है। एसआईटी पूछताछ के बाद दस्तावेज जांच के लिए फॉरेंसिक लैब देहरादून भेजेगी। एसआईटी ने बाजपुर के चार काश्तकारों से पूछताछ की। बुधवार को एसआईटी एनएचएआई रुद्रपुर के अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है।
बाजपुर तहसील की जांच में जुटी एसआईटी ने उक्त तहसील में गलत तरीके से करोड़ों का मुआवजा हासिल करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसआईटी की जांच में सामने आया कि उक्त तहसील में एक ही दिन में 111 जमीनों की 143 की गई थी। इन दस्तावेजों की जांच के बाद एसआईटी ने 22 ऐसे काश्तकारों को चिन्हित किया था, जिन्होंने अकृषि की दर से करोड़ों का मुआवजा हासिल किया था।
एसआईटी इनमें से 20 काश्तकारों के बयान दर्ज कर चुकी है। दो काश्तकार बीमार होने की वजह से बयान दर्ज कराने के लिए नहीं आ सके हैं। बताया जा रहा है कि जिन 111 जमीनों की बैक डेट में 143 कराई गई थी उनमें 30 से अधिक मामले एनएच की जद में आई जमीनों के हैं। एसआईटी ने काश्तकारों को मिले मुआवजे की जांच पड़ताल के लिए उनके बैंक खातों की डिटेल भी खंगाली है। एसआईटी की ओर से भेजे गए नोटिस के बाद कुछ बैंकों ने काश्तकारों के खातों की डिटेल उपलब्ध करा दी है। बैक डेट में 143 करने करने वाले कुछ तत्कालीन अफसरों के हस्ताक्षरों का मिलान करने के लिए एसआईटी एक रिपोर्ट एफएसएल देहरादून को भेजने की भी तैयारी कर रही है। इधर, मंगलवार को भी बाजपुर तहसील के ही चार काश्तकारों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए।
बाजपुर तहसील की जांच में जुटी एसआईटी ने उक्त तहसील में गलत तरीके से करोड़ों का मुआवजा हासिल करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसआईटी की जांच में सामने आया कि उक्त तहसील में एक ही दिन में 111 जमीनों की 143 की गई थी। इन दस्तावेजों की जांच के बाद एसआईटी ने 22 ऐसे काश्तकारों को चिन्हित किया था, जिन्होंने अकृषि की दर से करोड़ों का मुआवजा हासिल किया था।
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एसआईटी इनमें से 20 काश्तकारों के बयान दर्ज कर चुकी है। दो काश्तकार बीमार होने की वजह से बयान दर्ज कराने के लिए नहीं आ सके हैं। बताया जा रहा है कि जिन 111 जमीनों की बैक डेट में 143 कराई गई थी उनमें 30 से अधिक मामले एनएच की जद में आई जमीनों के हैं। एसआईटी ने काश्तकारों को मिले मुआवजे की जांच पड़ताल के लिए उनके बैंक खातों की डिटेल भी खंगाली है। एसआईटी की ओर से भेजे गए नोटिस के बाद कुछ बैंकों ने काश्तकारों के खातों की डिटेल उपलब्ध करा दी है। बैक डेट में 143 करने करने वाले कुछ तत्कालीन अफसरों के हस्ताक्षरों का मिलान करने के लिए एसआईटी एक रिपोर्ट एफएसएल देहरादून को भेजने की भी तैयारी कर रही है। इधर, मंगलवार को भी बाजपुर तहसील के ही चार काश्तकारों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए।
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